संसद ने 3 ऐतिहासिक श्रमिक कोड किए पारित, नौकरी छूटने पर मिलेगी 3 महीने की आधी सैलरी

नए भारत के लिए नए मजदूर कोड पारित हो गए हैं. नए श्रमिक कोड को राज्यसभा से पारित कर दिया गया है. मंगलवार को 3 ऐतिहासिक श्रमिक कोड लोकसभा से पारित किया गया था. श्रम संहिताओं में श्रम कल्याण उपबंधों से संबंधित कई महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए हैं. नई श्रम संहिताओं में 50 करोड़ से अधिक संगठित, असंगठित तथा स्व-नियोजित कामगारों के लिए न्यूनतम मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा आदि का प्रावधान किया गया है. ईएसआईसी (ESIC) और ईपीएफओ (EPFO) के सामाजिक सुरक्षा आवरण को और व्यापक बनाकर सभी कामगारों और स्व-नियोजित व्यक्तियों के लिए उपलब्ध कराया गया है.

श्रम और रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने कहा, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में श्रमिक भाईबहनों को आत्मनिर्भर बनाने की कड़ी में आज राज्यसभा में औद्योगिक संबंध संहिता, व्यवसयिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, और कार्यदशा संहिता,सामाजिक सुरक्षा बिल,सभी सम्मानित सदस्यों की सहमति से पारित हुआ.

कामगारों को होंगे ये फायदे
नए मजदूर कोड के तहत हर मजदूर का साल में एक बार मुफ्त चेकअप होगा. मजदूर की नौकरी छूटने पर उसे तीन महीने की आधी तनख्वाह मिलेगी. नौकरी छूटने पर रि-स्किलिंग के लिए 15 दिन की सैलरी मिलेगी. प्रवासी मजदूर को हर साल 1 बार घर जाने के लिए प्रवास भत्ता मिलेगा. प्रवासी मजदूर जहां काम करेगा वहां राशन मिलेगा.

इसके अलावा ईएसआईसी. मजदूर बीमा और उपचार सुविधा, छोटी सी कॉन्ट्रीव्यूशन में ईएसआईसी के हॉस्पिटल और दवाखाने से मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी. ESIC के दरवाजे अब असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए और सभी क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों के लिए खुलेंगे. ईएसआईसी अस्पतालों, दवाखाना एवं शाखाओं का जिला स्तर तक विस्तार किया जाएगा. जोखिम भरे काम करने वाला अगर एक भी मजदूर होगा तो उसको भी ईएसआईसी का लाभ मिलेगा. नए तकनीक के जुड़े जैसे उबर, ओला, फ्लिपकार्ट, अमेजन आदि उद्योगों के 50 लाख मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा मिलेगी.

असंगठित क्षेत्र के लिए सामाजिक सुरक्षा निधि का निर्माण. महिला मजदूरों को सभी क्षेत्रों में काम की इजाजत होगी. रात्रि में काम करने वाली महिला मजदूरों को वाहन एवं सुरक्षा की व्यवस्था होगी. भवन निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले मजदूर कहीं भी गए तो उनके लिए बनाए गए फंड से उनको मदद मिलेगी.

भविष्य निधि व बीमा का मिलेगा लाभ
महिलाओं के लिए कई प्रावधान हैं. गर्भावस्था लाभ के अलावा अब महिला श्रमिक शाम 7 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक भी काम कर सकती हैं. इसके अलावा शिकायत निवारण समितियों में भी महिला सदस्यों की भागीदारी होगी. सामाजिक सुरक्षा से संबंधित कानूनों का संशोधन करने के साथ ही श्रमिक अब भविष्य निधि व बीमा के लाभ उठा सकेंगे.

Related Posts