रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, EMI भी जस की तस- RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने किया ऐलान

आरबीआई (RBI) की मौद्रिक नीति समीक्षा (MPC) की बैठक के बाद गवर्नर शक्तिकांत दास ने रेपो रेट (Repo Rate) में किसी भी बदलाव के नहीं होने का ऐलान किया. गुरुवार को एमपीसी की बैठक के बाद उन्होंने कहा कि रेपो रेट पहले की तरह 4 फीसदी और रिवर्स रेट भी 3.3 फीसदी ही रहेगा.
RBI repo and reverse repo rate unchanged, रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, EMI भी जस की तस- RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने किया ऐलान

आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा की बैठक के बाद गवर्नर शक्तिकांत दास ने रेपो रेट में किसी भी बदलाव के नहीं होने का ऐलान किया. गुरुवार को एमपीसी की बैठक के बाद उन्होंने कहा कि रेपो रेट पहले की तरह 4 फीसदी और रिवर्स रेट भी 3.3 फीसदी ही रहेगा. रेपो रेट में बदलाव नहीं होने का मतलब ये हुआ कि ईएमआई या लोन की ब्याज दरों में भी कोई बदलाव नहीं होगा.

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने दो महीने में होने वाली मौद्रिक नीति बैठक के बाद जानकारी दी. उन्‍होंने कहा कि मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 4 अगस्त से शुरू और आज 6 अगस्त, 2020 के बीच हुई. दास ने कहा कि क्रेडिट ग्रोथ 6 फीसद पर है, जो पिछले 6 दशक में सबसे निचले स्तर पर है.

ग्लोबल इकोनॉमी अब भी कमजोर

आरबीआई गवर्नर दास ने कहा कि ग्लोबल इकोनॉमी अब भी कमजोर है. हालांकि, विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़त का सिलसिला जारी है. उन्होंने कहा कि खुदरा महंगाई दर नियंत्रण में है. वहीं दूसरी छमाही में महंगाई दर भी कम हो सकती है.

दास ने कहा कि हमारी कोशिश है कि इकोनॉमी पर कोरोनावायरस के बुरे असर को कम किया जाए. महंगाई दर पर काबू रखा जाए. रिजर्व बैंक ने इसको लेकर 4 फीसदी का लक्ष्य प्लस-माइनस दो फीसदी का लक्ष्य रखा है. यानी मैक्सिमम 6 और मिनिमम 2 फीसदी तक इसे नियंत्रित किया जा सके.

फरवरी से अब तक रेपो रेट में 1.15 फीसदी की कटौती

हाल  की मौद्रिक नीति समीक्षाओं में रिजर्व बैंक ने वित्‍तीय स्थिरता पर ज्‍यादा फोकस किया है. फरवरी 2020 से अबतक RBI ने रेपो रेट में 1.15 फीसदी की कटौती की है. नीतिगत दर में फरवरी, 2019 के बाद देखें तो 2.50 फीसदी अंक की कटौती हो चुकी है.

कोरोनावायरस के बाद वापसी की ओर इकोनॉमी

शक्तिकांत दास ने बताया कि कोरोनावायरस महामारी की मार के बाद देश की अर्थव्यवस्था अब पटरी पर लौट रही है. उन्होंने कहा कि अच्छी पैदावार से ग्रामीण इकोनॉमी में रिकवरी दिख रही है. हालांकि, वित्त वर्ष 2020—21 में जीडीपी ग्रोथ रेट निगेटिव रहेगी. दास ने कहा कि जुलाई में कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में Covid-19 के मामलों में तेजी आने से अर्थव्यवस्था में रिकवरी की उम्मीदों को झटका लगा है.

कोरोना संकट की वजह से दो बार समय से पहले रिजर्व बैंक के मौद्रिक नीति समीक्षा की बैठक हो चुकी है. पहली बैठक मार्च में और उसके बाद मई, 2020 में दूसरी बैठक हुई. यह तीसरी बैठक थी. वैसे एमपीसी की अब तक 24 बैठक हो चुकी है.

शेयर बाजार पर असर

इस बीच, शेयर बाजार में बढ़त बरकरार दिखी. 12 बजे के बाद सेंसेक्स 200 अंक मजबूत और निफ्टी 11,150 अंक के आगे कारोबार करता दिखा.

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