लूटघर : 28 साल पहले लॉन्च हुए प्रोजेक्ट में लोग बिना रजिस्ट्री के रहने को मजबूर

गुड़गांव (Gurgaon) के एक हाउसिंग प्रोजेक्ट (Housing Project) को लॉन्च हुए 28 साल हो गए हैं. इस टाउनशिप (Township) में रहने वाले लोगों को बाकी सुविधाएं तो दूर 24 घंटे बिजली और साफ पानी भी नहीं मिल रहा है.

प्रतीकात्मक फोटो

‘लूटघर’ (Lootghar) सीरीज में आज कहानी गुड़गांव के मालिबू टाउनशिप की. होम बायर्स का आरोप है कि प्लॉट बेचने की इजाजत लेकर बिल्डर (Builder) तीन-तीन फ्लोर के फ्लैट (Flat) बेचने की जालसाजी पर उतर आया. गैरकानूनी तरीके से बनाए गए सैंकड़ों फ्लैट लोगों को बेच दिए क्योंकि इस गोरखधंधे में सिस्टस से जुड़े लोग भी उसका साथ दे रहे थे.

1992 में शुरू इस प्रोजेक्ट के 28 साल बीत चुके हैं. आज हालात ऐसे हैं कि दस सालों से लोगों के मकान की रजिस्ट्री तक नहीं हुई है. टाउनशिप में बाकी सुविधाएं तो दूर 24 घंटे बिजली और साफ पानी के लिए भी लोग तरस रहे हैं.

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आरोप है कि बिल्डर ने टाउनशिप के लेआउट प्लान की धज्जियां उड़ाई. लाइसेंस के नियम और शर्तों का सरेआम उल्लंघन किया. ना तो टाउनशिप का कंपलीशन सर्टिफिकेट लिया. ना ही प्रोजेक्ट के मेनेटेंस की परवाह की.

होम बायर्स परेशान हैं. सालों से बिना रजिस्ट्री के मकान में रहने को मजबूर हैं. रखरखाव के अभाव में बिजली पानी से लेकर साफ-सफाई और सिक्योरिटी की दिक्कतों से बेहाल हैं. लोगों की शिकायतों पर बिल्डर का पक्ष जानने के लिए टीवी 9 भारतवर्ष की टीम जैसे ही बिल्डर के ऑफिस में पहुंची. मीडिया को देखकर बिल्डर के बड़े अधिकारी भड़क उठे.

नियमों को ताक पर रख बेचे मकान

गुड़गांव के सोहना रोड पर 204 एकड़ में फैले मालिबू टाउनशिप को 1992 में लॉन्च किया गया था. आरोप है कि बिल्डर को लाइसेंस सिर्फ प्लॉट बेचने का मिला था लेकिन खरीदारों में कोई जोश नहीं दिखा तो नियमों को ताक पर रखकर बिल्डर ने तीन-तीन फ्लोर के मकान बनाने शुरू कर दिए और साल 2000 से गैरकानूनी मकानों की धड़ल्ले से बिक्री भी होने लगी.

खरीदारों को हकीकत की जानकारी मिलने में 9 साल और बीत गए. मकान की रजिस्ट्री में मुश्किलें आई तो 2009 में होम बायर्स ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. आरोप है कि बिल्डर ने धोखाधड़ी टाउन प्लानिंग के अधिकारियों की शह पर किया.

टाउनशिप के निवासियों का हाल बेहाल

फिलहाल कोर्ट ने गुरुग्राम कमिश्नर को डिपार्टमेंट ऑफ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के खिलाफ जांच का आदेश दिया है. लेआउट प्लान के उल्लंघन पर मालिबू बिल्डर को नोटिस दिया गया है लेकिन टाउनशिप में रहने वालों का हाल बेहाल है.

28 साल कोई छोटा वक्त नहीं होता. अब भी मालिबू टाउनशिप में रहने वाले लोगों की मुश्किलें खत्म नहीं हुई. मामला कोर्ट में है, होम बायर्स को उम्मीद है कि अंधेरा जरूर छंटेगा और न्याय जरूर मिलेगा लेकिन सवाल ये है कि इंसाफ के लिए ये इंतजार कितना और लंबा होगा. बिल्डर और बिल्डर के गोरखधंधे में साथ देने वाले सिस्टम के लोगों को सजा कब मिलेगी.

अगर आप भी किसी बिल्डर की जालसाजी का शिकार हुए हैं या फिर आप भी सालों से अपने सपनों के घर को पाने का इंतजार कर रहे है या आपके पास किसी तरह का कोई सुझाव है तो आप हमें lootghar@tv9.com पर ईमेल कर सकते हैं. अगर कोई बिल्डर भी अपना पक्ष रखना चाहता है तो वो भी दिए गए मेल पर अपनी बात लिख सकता है.

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