जून के बाद एशिया प्रांत में पहली बार घटे क्रूड के दाम, सऊदी अरब के दाम घटाने का भारत पर भी होगा असर

सऊदी की और से कच्चे तेल ( Crude Oil) गिरावट का भारत को भी मिलेगा फायदा, अमेरिका (America) और रुस (Russia ) के लिए बढ़ेगी मुसीबत

  • TV9.com
  • Publish Date - 11:18 am, Mon, 7 September 20

कच्चे तेल को लेकर अमेरिका, रुस और सऊदी अरब की तनातनी में एक नया मोड़ आ गया है। उत्पादन कम न होने के बाद भी सऊदी ने अक्टूबर के लिए क्रूड कीमतों में कटौती कर दी है। इससे पहले मार्च में भी सऊदी अरब ने दाम घटाकर क्रूड प्राइस वार शुरू कर दी थी। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने जून के बाद पहली बार कीमतें 1.4 डॉलर प्रति बैरल घटा दिया रहा है। इस कटौती के बाद कीमतें बेंचमार्क से 50 सेंट तक कम हो गई है।

पूरी दुनिया में घट गई है तेल की मांग

कोरोना महामारी के दौरान लगे लॉकडाउन के चलते इस साल पूरी दुनिया में कच्चे तेल की मांग में भारी गिरावट देखी गई है। जिसकी वजह से कीमतें ऊपरी स्तर से अब करीब 35 फीसदी नीचे है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 42.66 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। बीते हफ्ते इसमें करीब तीन महीने की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई। कोरोनावायरस का संक्रमण अमेरिका और भारत में लगातार बढ़ता जा रहा है। भारत में रोजाना 90 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो रहे हैं।

जून से लगातार बढ़ा रहा था कीमतें

इससे पहले सऊदी अरब जून से अगस्त तक एशिया के लगातार कीमतें बढा रहा था, लेकिन लगातार घटती मांग और सऊदी की आर्थिक स्थिति को देखते हुए यह फैसला किया जाए कि दाम घटाएं जाएं ताकि क्रूड की बिक्री बढ़ सकें। सऊदी के इस फैसले का असर भारत पर भी देखा जा सकेगा। क्योंकि भारत बड़ी मात्रा में सऊदी से क्रूड का इंपोर्ट करता है। दाम घटने के बाद भारत को क्रूड अगर सस्ता उपलब्ध होगा तो भारत में पेट्रोल डीजल की कीमतों पर भी इसका असर देखा जा सकेगा।