SBI की चेतावनी: त्योहारों में गायब हो सकता है खाते से पैसा, ऐसे रहें सावधान

कई बार आपके पास लुभावने शॉपिंग ऑफर वाले लिंक मैसेज में भेजे जाते हैं. मैसेज से जुड़ी लिंक आपको जिस वेबसाइट पर रिडायरेक्ट करती है, वो फेक होती है. अगर झमेले में पड़कर आप कुछ खरीदने के चक्कर में पड़ते हैं और पेमेंट कर देते हैं तो भारी नुकसान हो सकता है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 6:01 pm, Wed, 14 October 20

एक तरफ जहां फेस्टिव सीजन के दौरान लोग बढ़-चढ़कर ई-कॉमर्स वेबसाइट्स से शॉपिंग कर रहे हैं वहीं ऑनलाइन फ्रॉड का खतरा भी बढ़ गया है. ऑनलाइन ऑफर्स के नाम पर हैकर्स आपसे काफी पैसे ऐंठ सकते हैं. इसे लेकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) ने लोगों को अलर्ट किया है. SBI ने लोगों को अकाउंट डिटेल्स सेफ रखने और डेबिट या क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल को लेकर चेताया है.

SBI ने लोगों को इन चार गलतियों से बचने की सलाह दी है…

  • ज्यादातर फ्रॉड OTP, CVV नंबर और पिन नंबर के जरिए किए जाते हैं. स्टेट बैंक का कहना है कि भूलकर भी ये डिटेल्स किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहिए. कई बार बैंक का नाम लेकर फ्रॉड कॉल्स किए जाते हैं और कस्टमर्स से उनकी बैंक डिटेल्स मांगी जाती हैं. आपको ऐसी जालसाजी से बचकर रहना है.
  • अपने बैंक अकाउंट या ऑनलाइन बैंकिंग की डिटेल्स को फोन में सेव करने से बचना चाहिए. कई लोग अपना बैंक अकाउंट नंबर, पासवर्ड डिटेल फोटो खींचकर सेव करके रख लेते हैं. वहीं कुछ लोग ATM कार्ड में ही उसका पिन लिखकर रखते हैं. इस तरह की गलती आपका बैंक अकाउंट मिनटों में खाली करवा सकती है.

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  • हो सके तो अपने एटीएम कार्ड का इस्तेमाल खुद ही करें और दूसरों के साथ अपने बैंकिंग कार्ड शेयर करने से बचें. इससे आपकी डिटेल लीक हो सकती है.
  • कस्टमर्स को पब्लिक नेटवर्क, डिवाइस और फ्री वाई-फाई जोन का इस्तेमाल कर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से बचना चाहिए. वहीं किसी दूसरे के मोबाइल या लैपटॉप से शॉपिंग कर रहे हैं और ऑनलाइन पेमेंट करने जा रहे हैं तो कार्ड डिटेल्स सेव न करें. भविष्य में आपकी जानकारी का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है.

एक क्लिक और मुसीबत को न्योता

कई बार आपके पास लुभावने शॉपिंग ऑफर वाले लिंक मैसेज में भेजे जाते हैं. मैसेज से जुड़ी लिंक आपको जिस वेबसाइट पर रिडायरेक्ट करती है, वो फेक होती है. बात सिर्फ यहां ख़त्म नहीं होती कि ये वेबसाइट नकली होती हैं. इन वेबसाइट में ढेरों वायरस भरे पड़े होते हैं. वायरस समझते हैं? वही सॉफ्टवेयर प्रोग्राम जो आपके सिस्टम और डाटा को उथल-पुथल कर देता है. जैसे ही आप किसी फेक वेबपेज पर क्लिक करते हैं आपका डाटा हैकर तक पहुंच जाता है. क्लिक करने तक तो फिर भी ठीक है, अगर झमेले में पड़कर आप कुछ खरीदने के चक्कर में पड़ते हैं और पेमेंट कर देते हैं तो भारी नुकसान हो सकता है. एक तो जिस सामान की कीमत अदा करते हैं वो आप तक पहुंचता नहीं है, दूसरा आपके पैसे भी कट जाते हैं. तीसरा सबसे बड़ा नुकसान, पेमेंट करने के दौरान दी गई जानकारी के जरिए आपका बैंक अकाउंट भी हैक हो सकता है.

हो सकता है ट्रांजेक्शन करते वक़्त जो अमाउंट आपको दिखाया जा रहा है, उसकी बजाय एक मोटा अमाउंट आपके खाते से उड़ा दिया जाए. इस तरह के मैसेज की पहचान इनका यूआरएल है, किसी भी तरह की शॉपिंग वेबसाइट सिर्फ गूगल पर सर्च करके ही ओपन करें. अगर कोई सेल होगी तो वेबसाइट पर आपको दिख ही जाएगी. बाकी इस तरह के मैसेजेस को इग्नोर करें और दूसरों को फॉरवर्ड करने से भी बचें.

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