स्नैपडील ने होम डिलीवरी के लिए की रोबोट टेस्टिंग, नोएडा और गुरुग्राम में हुआ ट्रायल

एक बार जब डिलीवरी रोबोट दरवाजे पर आता है, तो कस्टमर को अलर्ट मिलता है. यूजर्स को भेजे गए एक यूनीक क्यूआर कोड के जरिए रोबोट के होल्ड एरिया को अनलॉक किया जा सकता है और कस्टमर उनके ऑर्डर को आसानी से प्राप्त कर सकते हैं.
Snapdeal robot testing, स्नैपडील ने होम डिलीवरी के लिए की रोबोट टेस्टिंग, नोएडा और गुरुग्राम में हुआ ट्रायल

कोरोना महामारी (Corona epidemic) के बीच कस्टमर्स की सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के लिए ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस स्नैपडील (snapdeal) ने ऑटोनॉमस मोबिलिटी स्टार्टअप ओटोनॉमी आईओ से डेवलप रोबोट का उपयोग करते हुए पैकेटों की अंतिम-मील डिलीवरी की टेस्टिंग की है. दोनों कंपनियों ने मंगलवार को कहा कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में नेविगेट करने के लिए रोबोट विशेष आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एल्गोरिदम का उपयोग करते हैं. वे फुटपाथ और स्थानीय सड़कों पर भी बड़ी आसानी से आवाजाही कर सकते हैं.

ये रोबोट मशीन लर्निग का उपयोग करते हैं और 3-डी लिडार, कैमरों के फ्यूज डेटा का उपयोग करते हुए बाहरी दुनिया के बारे में अच्छी समझ रखते हैं.

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एक बार जब डिलीवरी रोबोट दरवाजे पर आता है, तो कस्टमर को अलर्ट मिलता है. यूजर्स को भेजे गए एक यूनीक क्यूआर कोड के जरिए रोबोट के होल्ड एरिया को अनलॉक किया जा सकता है और कस्टमर उनके ऑर्डर को आसानी से प्राप्त कर सकते हैं.

चूंकि डिलीवरी रोबोट एक बार में कई ऑर्डर अपने साथ रख सकते हैं, इसलिए कस्टमर द्वारा उपयोग किया जाने वाला क्यूआर कोड केवल स्पेशल पैकेज होल्ड एरिया को अनलॉक करता है, जिसमें यूजर्स द्वारा दिया गया ऑर्डर होता है. यानी रोबोट के पास कई लोगों का सामान होने की स्थिति में भी क्यूआर कोड के माध्यम से हर कस्टमर के पास उसके द्वारा ऑर्डर किया गया सामान बिना किसी परेशानी के पहुंच जाएगा.

स्नैपडील के एक स्पोक्सपर्सन ने अपने एक बयान में कहा, “हम भविष्य में ओरिएंट स्किल्स को डेवलप करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निग में भारी निवेश कर रहे हैं. रोबोट के माध्यम से डिलीवरी लॉजिस्टिक्स के विकसित भविष्य का हिस्सा है और हम इन तकनीकों का परीक्षण करने के लिए ओटोनॉमी आईओ के साथ साझेदारी करने के लिए उत्साहित हैं.”

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ये पायलट टेस्टिंग नोएडा और गुरुग्राम की कई सोसायटी में आयोजित की गई है. डिलीवरी रोबोट रेजीडेंट सोसाइटीज के एंट्री गेट पर तैनात किए गए थे, जिसमें डिलीवरी एजेंट ने एक क्यूआर कोड स्कैन किया और पैकेज को अंदर रखा. सोसायटी के मैप से लैस, रोबोट ने कस्टमर तक पहुंचने के लिए नेविगेट किया और रास्ते में पैकेट को कीटाणुरहित (डिसइंफेक्ट) कर दिया. जब भी ह्यूमन इंटरैक्शन की जरूरत हो तो उस कंडीशन में रोबोट की निगरानी कर इसे कंट्रोल किया जा सकता है.

ऑटोनॉमी आईओ के सह-संस्थापक रितुकर विजय का कहना है कि दुकानदार की सुरक्षा और बेहतर अनुभव सुनिश्चित करने के लिए संपर्क रहित डिलीवरी समय की जरूरत है. इससे दुकानदारों और वितरण पेशेवरों की सुरक्षा चिंताओं को दूर करने में मदद मिलेगी.

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