प्याज के 3 दुश्मन: इस साल भी सितंबर आते ही शुरू हुआ वही पुराना खेल

3 महीने पहले तक मध्यप्रदेश, राजस्थान जैसे राज्यों में प्याज ( Onion) सड़कों पर पानी में सड़ गया. लेकिन अब आलम यह है कि सरकार को निर्यात रोकने का फैसला करना पड़ा.
onion export, प्याज के 3 दुश्मन: इस साल भी सितंबर आते ही शुरू हुआ वही पुराना खेल

सरकार ने सभी तरह के प्याज के निर्यात को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया. देश में प्याज की खपत के मुताबिक प्याज मौजूद न होने के चलते सरकार को आनन-फानन में यह फैसला करना पड़ा. लेकिन कोरोना काल में जिस तरह राज्य सरकारों की लापरवाही की वजह से हजारों टन प्याज पानी में सड़ गया. मध्यप्रदेश, राजस्थान समेत कई ऐसे राज्य थे जहां प्याज की जमकर बर्बादी हुई. वहीं विदेश व्यापार महानिदेशालय की अधिसूचना में यह माना गया कि अप्रैल-जून के दौरान करीब 30 फीसदी ज्यादा प्याज निर्यात किया गया. आखिर दो से तीन महीने में ही ऐसा क्या हो गया कि सरकार को प्याज निर्यात को बैन करने का फैसला लेना पड़ा. दरअसल ऐसा देखा गया कि हर साल सितंबर से नवंबर के बीच प्याज की कीमतों का खेल शुरू हो जाता है क्योंकि त्योहारों को देखते हुए जमाखोर कीमतें बढ़ाने के खेल में लग जाते हैं.

प्याज के तीन दुश्मन

  • जमाखोरी का खेल
  • स्टॉक लिमिट तय नहीं करना
  • एक्सपोर्ट- इपोर्ट पॉलिसी में बदलाव

स्टॉक लिमिट तय न होना

कृषि एक्सपर्ट देविंदर शर्मा ने टीवी9 भारतवर्ष को बताया कि निर्यात बंद करने के पैसले की सबसे बड़ी वजह है स्टॉक लिमिट तय न होना. दरअसल सरकार ने तीन महीने पहले ही इंशेशियल कमोडिटीज एक्ट 1955 के तहत आलू, प्याज  समेत कई कमोडिटीज पर स्टॉक लिमिट के नियमों में बदलाव कर  दिया. जिसके बाद ट्रेडर्स ने जमकर जमाखोरी का खेल शुरू किया.

प्याज की जमाखोरी का खेल

दरअसल प्याज की जमाखोरी का खेल त्योहार आने से पहले शुरु हो चुका है. कोरोना काल में ट्रेडर्स ने जो प्याज जमा कर स्टॉक कर लिए थे. अब उसके मनमानी कीमत वसूली जा रही है. यही वजह है केवल 5 दिन में प्याज के दाम 4 गुना से ज्यादा बढ़ चुके हें. जो प्याज 5 दिन पहले 700 रुपए प्रति क्विंटल था वो अब 3000 रुपए प्रति क्विंटल तक जा पहुंचा है.

एक्सपोर्ट-इंपोर्ट पॉलिसी में हो सुधार

कृषि एक्सपर्ट देविंदर शर्मा के मुताबिक सरकार को आयात-निर्यात प़ॉलिसी में सुधार करना होगा. खासकर कमोडिटी के क्षेत्र में. अगर गौर किया जाए तो प्याज एक ऐसी कमोडिटी है जो हर साल किसी न किसी रुप में मुसीबत पैदा करती है. इस साल पहले कोरोना के दौरान जो हुआ वो एक्सपोर्ट-इपोर्ट पॉलिसी के लचीलेपन का नतीजा था. अगर सरकार इस काम करें तो आने वाले समय में मुसीबतों से बचा जा सकता है.

इन देशों पर होगा असर

भारत से प्याज को कई देशों में निर्यात किया जाता है. नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका, मलेशिया, बांग्लादेश जैसे प्रमुख देश है जहां भारत से प्याज मंगाया जाता है. प्याज के निर्यात बैन के बाद इन देशों पर इसका असर तो होगा ही साथ ही भारत सरकार के रेवन्यु पर ही इसका असर साफ देखा जा सकेगा.

  • भारत से निर्यात – 11.49 लाख टन (2019-20 में)
  • भारत देश का दूसरा सबसे बड़ा प्याज उत्पादक देश
  • प्याज उत्पादन करने वाले राज्य – महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, गुजरात, बिहार, उतर प्रदेश, आंध्रप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा औऱ तेलंगाना में प्रमुखता से उगाया जाता है.
  • महाराष्ट्र अकेले पूरे देश का 28.32% प्याज का उत्पादन करता है

प्याज उगाने वाले टॉप 5 देश

चीन

भारत

अमेरिका

मिश्र

ईरान

Related Posts