इन गलतियों को कहा होता ‘NO,’ तो डूबने के कगार पर नहीं पहुंचता YES बैंक

लगभग एक साल में YES बैंक के 80 हजार करोड़ रुपए के शेयर्स की कीमत 8 हजार करोड़ रुपए हो गई. आज यानी 6 मार्च 2020 को YES बैंक के शेयर 25 फीसदी तक गिर चुके हैं. आइए जानते हैं कि बैंक से कौन सी गलतियां हुईं.
Yes bank crisis, इन गलतियों को कहा होता ‘NO,’ तो डूबने के कगार पर नहीं पहुंचता YES बैंक

कैश की कमी से जूझ रहे YES बैंक को भारतीय रिजर्व बैंक ने 30 दिनों के लिए अपने हाथ में लिया है. RBI ने फिलहाल बैंक को बचाने के लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को आगे किया है. SBI और LIC मिलकर YES बैंक की 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीद सकते हैं. आम लोगों के लिए खास बात यह है कि YES बैंक के ग्राहकों पर 50 हजार रुपए निकालने की लिमिट तय की गई है. YES बैंक की ये हालत कैसे हुई, आइए जानते हैं.

16 साल पहले बना बैंक

राणा कपूर ने अपने रिश्तेदार अशोक कपूर के साथ मिलकर 2004 में YES बैंक की शुरुआत की. अशोक कपूर 26/11 मुंबई आतंकी हमले में मारे गए. उनकी पत्नी मधु कपूर और राणा कपूर में बैंक को लेकर झगड़ा शुरू हो गया. मधु ने अपनी बेटी शगुन को बैंक के बोर्ड में शामिल कराने की कोशिश की. मामला बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचा और राणा कपूर के पक्ष में फैसला आया.

ऐसे खराब हुई बैंक की हालत

अगस्त 2018 में ये शुरू हुआ, उस समय इसके एक शेयर की कीमत 400 रुपए से ज्यादा थी. 1 अक्टूबर को बाजार बंद हुआ तो इसके एक शेयर की कीमत 32 रुपए तक गिर चुकी थी. 14 महीने में YES बैंक के शेयर अर्श से फर्श पर आ गए.

एक साल में YES बैंक के 80 हजार करोड़ रुपए के शेयर्स की कीमत 8 हजार करोड़ रुपए हो गई. आज यानी 6 मार्च 2020 को YES बैंक के शेयर 25 फीसदी तक गिर चुके हैं. आइए जानते हैं कि बैंक से कौन सी गलतियां हुईं.

कंपनियों को दिया कर्ज

ज्यादातर प्राइवेट बैंक कर्ज के बदले उस पर मोटा ब्याज लेते हैं, यही उनकी आय का सबसे बड़ा स्रोत होता है. YES बैंक ने आम लोगों की बजाय बड़ी कंपनियों और लोगों को कर्ज दे रखा है. एस्सेल ग्रुप, अनिल अंबानी ग्रुप, डीएएचएफएल, इंडिया बुल्स जैसी बड़ी कंपनियों ने YES बैंक से कर्ज ले रखा है.

अनिल अंबानी ग्रुप की हालत सभी को पता है. इसके अलावा इंडिया बुल्स बड़े घाटे में है, जो कि YES बैंक का सबसे बड़ा बकाएदार है. YES बैंक की नेटवर्थ पिछले साल अक्टूबर में 27 हजार करोड़ थी जिसमें से 6.40 हजार करोड़ का कर्ज इंडिया बुल्स के पास था. इस कंपनी पर वित्तीय अनियमितता का केस चल रहा है.

RBI से होशियारी

YES बैंक के लिए सबसे दुखद बात ये है कि ये सभी कंपनियां घाटे में हैं और बैंक का पैसा भी फंस गया है. लेकिन यह YES बैंक के बुरे हालात में आने का इकलौता कारण नहीं है. रिजर्व बैंक को शक हुआ कि YES बैंक अपनी बैलेंस सीट में सही जानकारी नहीं मेनटेन कर रहा है. अगस्त 2018 में रिजर्व बैंक ने राणा कपूर को बैंक के चेयरमैन पद से हटने का आदेश दिया.

SWIFT नियमों से खिलवाड़

इन गलतियों के अलावा एक और बड़ी गलती बैंक ने की. मार्च 2019 में YES बैंक पर आरोप लगा कि वह SWIFT नियमों का पालन नहीं कर रहा है. रिजर्व बैंक ने इस बात पर एक करोड़ का जुर्माना लगा दिया. एक के बाद एक झटकों से टूट रहे YES बैंक ने खुद को बचाने के लिए फंड का जुगाड़ शुरू किया लेकिन पर्याप्त रकम नहीं जोड़ सका. अगस्त 2019 में बैंक रेटिंग एजेंसी Moody’s ने YES बैंक की रेटिंग घटाकर D कर दी.

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