केंद्र सरकार जीएसटी सेस की क्षतिपूर्ति के तौर पर उधार लेगी 1.1 लाख करोड़ रुपये

केंद्र की तरफ से जारी किए एक बयान में कहा गया कि उधार ली गई राशि को राज्यों को “जीएसटी क्षतिपूर्ति सेस के बदले में बैक-टू-बैक लोन के रूप में पारित किया जाएगा.”

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 8:51 am, Fri, 16 October 20

केंद्र सरकार ने गुरुवार को कहा कि वह वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) क्षतिपूर्ति को पूरा करने के लिए स्पेशल विंडो के जरिए 1.1 लाख करोड़ रुपये उधार लेगी. वित्त मंत्रालय ने ट्वीट कर इस बारे में जानकारी देते हुए कहा, ‘जीएसटी क्षतिपूर्ति सेस (GST Compensation Cess) में कमी की भरपाई के लिए केंद्र सरकार 1.1 लाख करोड़ रुपये उधार लेगी.’

वित्त मंत्रालय के एक बयान में गुरुवार को कहा गया कि केंद्र सरकार द्वारा लिए जाने वाले इस उधार से राजकोषीय घाटे पर कोई असर नहीं पड़ेगा. इस राशि को राज्यों के पूंजीगत प्राप्ति के रूप में दर्शाया जाएगा और यह उनके संबंधित राजकोषीय घाटे का वित्तपोषण होगा.

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इस बारे में जानकारी देते हुए कहा केंद्र ने कहा कि जीएसटी क्षतिपूर्ति सेस में कमी की भरपाई के लिए केंद्र सरकार 1.1 लाख करोड़ रुपये उधार लेगी. सरकार की ओर से कहा गया कि केंद्र यह मानकर चल रहा है कि सभी राज्य इससे सहमत होंगे.

यह उधार उपयुक्त हिस्सों में लिया जाएगा. केंद्र की तरफ से जारी किए एक बयान में कहा गया कि उधार ली गई राशि को राज्यों को “जीएसटी क्षतिपूर्ति सेस के बदले में बैक-टू-बैक लोन के रूप में पारित किया जाएगा.”

बता दें हाल ही में केंद्र सरकार ने 20 राज्यों को आमदनी की कमी को पूरा करने के लिए 68,825 करोड़ रुपये उधार लेने की इजाजत भी दे दी है. केंद्र सरकार ने रेवेन्यु शॉर्टफॉल के अलावा लग्जरी और गैर- जरूरी अहितकर वस्तुओं पर लगाए जा रहे जीएसटी सेस को 2022 के बाद भी जारी रखने का प्रस्ताव दिया है. इससे राज्यों को कर्ज चुकाने में मदद मिलेगी. सरकार ने एक ऑफिशियल बयान में कहा कि वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने मंगलवार को 20 राज्यों को बाजार से 68,825 करोड़ रुपये उधार लेने की अनुमति दे दी है. केंद्र की तरह से दिए दो विकल्पों में से जो राज पहला ऑप्शन चुनेंगे उन्हें अतिरिक्त कर्ज लेने का मौका मिलेगा.

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