पहली बार जम्‍मू-कश्‍मीर में आई ऐसी भर्ती, दूसरे राज्‍यों के कैंडिडेट्स भी कर पाएंगे अप्‍लाई

अनुच्‍छेद 370 खत्‍म किए जाने के साथ ही जम्‍मू-कश्‍मीर को मिला विशेष दर्जा खत्‍म हो गया था. इसके बावजूद कई सरकारी विभागों ने सिर्फ J&K के परमानेंट निवासियों से ही आवेदन मंगाए.

जम्‍मू-कश्‍मीर में पहली बार दूसरे राज्‍यों के निवासियों के लिए नौकरियां आई हैं. दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के लिए बने J&K हाई कोर्ट ने 33 पदों पर भर्ती निकाली है. रजिस्‍ट्रार द्वार जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, सीनियर स्‍केल स्‍टेनोग्राफर, जूनियर स्‍केल स्‍टेनोग्राफर, स्‍टेना टाइपिस्‍ट, कम्‍पोजिटर, इलेक्ट्रिशियन और ड्राइवर पद के लिए भर्ती होनी है.

नोटिफिकेशन में कहा गया है, “केंद्र शासित प्रदेशों- जम्‍मू-कश्‍मीर और लद्दाख से ना आने वाले आवेदनकर्ता अपना आवेदन J&K हाई कोर्ट के रजिस्‍ट्रार जनरल को जमा करेंगे.” सर्दी की छुट्टियों के दौरान भी आवेदन लिए जा सकें, इसकी खातिर कश्‍मीर प्रोविंस, भदेरवाह, किश्‍तवाड़ और लद्दाख के सभी प्रमुख जिला जजों को इंतजाम करने को कहा गया है.

5 अगस्‍त के बाद अपनी तरह का यह पहला विज्ञापन है. उस दिन, अनुच्‍छेद 370 खत्‍म किए जाने के साथ ही जम्‍मू-कश्‍मीर को मिला विशेष दर्जा खत्‍म हो गया था. अब दूसरे राज्‍यों के लोग वहां जमीन ले सकते हैं, वहां की नौकरियों के लिए अप्‍लाई कर सकते हैं. हालांकि इसके बाद भी जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस, शेर-ए-कश्‍मीर इंस्‍टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज और सरकारी मेडिकल कॉलेज ने सिर्फ J&K के परमानेंट निवासियों से ही आवेदन मंगाए.

नेशनल कॉन्‍फ्रेंस ने दूसरे राज्‍यों के लिए नौकरियां खोलने का विरोध किया है. वहीं J&K नेशनल पैंथर्स पार्टी के चेयरमैन हर्ष देव सिंह ने बीजेपी पर यहां के युवाओं के करिअर खतरे में डालने का आरोप लगाया है.

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