UPPCS मेंस से हटी अरबी-फारसी तो भड़के मौलाना, बताया ‘मुस्लिम समुदाय के साथ नाइंसाफी’

UPPSC ने सेलेक्शन प्रोसेस को कड़ा करते हुए मेन्‍स से 5 सब्‍जेक्‍ट्स हटा दिए हैं. मेंस और इंटरव्‍यू की खातिर UPPSC अब कम कैंडिडेट्स को बुलाएगा.

उत्‍तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने UPPCS के एग्‍जाम पैटर्न में बदलाव किया गया है. सेलेक्शन प्रोसेस को और कड़ा करते हुए मेंस से 5 सब्‍जेक्‍ट्स हटा दिए गए हैं. अब कैंडिडेट्स को 33 की बजाय सिर्फ 28 विषयों में से अपना विषय चुनना होगा. हटाए गए सब्‍जेक्‍ट्स में डिफेंस, सोशल साइंस, एग्रीकल्‍चरल टेक्‍नोलॉजी, पर्शियन और अरबी शामिल है.

उर्दू, फारसी को सब्‍जेक्‍ट लिस्‍ट से हटाने का विरोध शुरू हो गया है. मौलाना एजाज़ अख्‍तर ने कहा, “उर्दू, फ़ारसी को सब्जेक्ट से निकालने को लेकर हम इसका विरोध करते हैं. यह साजिश है मुस्लिमों को आईएएस और पीसीएस न बनने देने के लिए. यह मुस्लिम समुदाय के साथ नाइंसाफी है. यह लोग यह चाहते हैं कि मुस्लिम वर्ग के लोग एग्जाम में बैठे ही ना.”

UPPSC के इस फैसले के बाद, UPPCS एग्‍जाम और टफ हो जाएगा. ऐसा इसलिए क्‍योंकि मेंस और इंटरव्‍यू की खातिर UPPSC अब कम कैंडिडेट्स को बुलाएगा. पहले कुल पदों की संख्‍या के 18 गुना उम्‍मीदवारों को मेंस के लिए शॉर्टलिस्‍ट किया जाता था. अब सिर्फ 13 गुना कैंडिडेट्स ही बुलाए जाएंगे.

UPPSC ने दिया 10% EWS कोटा

अगर पहले 100 पदों के लिए 1800 कैंडिडेट्स को मेंस देने के लिए बुलाया जाता था तो अब सिर्फ 1300 ही बुलाए जाएंगे. UPPCS इंटरव्‍यू के लिए बुलाए जाने वाले कैंडिडेट्स की संख्‍या भी घटा दी गई है. हर पद के लिए पहले तीन कैंडिडेट्स के बीच कॉम्‍प्‍टीशन होता था. अब सिर्फ दो के बीच होगा.

इस साल से UPPSC ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 प्रतिशत अतिरिक्‍त कोटे का भी प्रावधान किया है. UPPCS एग्‍जाम की नोटिफिकेशन जारी कर दी गई है. बदला हुआ पैटर्न संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) जैसा ही है.

ये भी पढ़ें

DRDO Recruitment 2019: रक्षा अनुंसधान में काम करने का सुनहरा मौका, ऐसे करें आवेदन

गुजरात सब-ऑर्डिनेट सर्विस सलेक्शन बोर्ड की रद्द परीक्षा अब 17 नवंबर को