क्या है रुपये के पीछे की कहानी, जानें किसने दिया इसे ये नाम?

शुरुआत में जो मूल रुपया इस्तेमाल में लाया जाता था वो चांदी का होता था, इसकी वज़ह से इसका नाम रुपया पड़ा.

आखिर कैसा रहा पायलट से पॉलिटिक्स तक का राजीव गांधी का सफर? पढ़ें पूरी STORY

राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) की मुलाकात एल्बिना से हुई. दोनों के बीच प्यार हुआ और दोनों ने शादी कर ली. शादी के बाद एल्बिना को नया नाम सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) मिला.

गोडसे का आखिर कैसे पड़ा नाथूराम नाम? महात्मा गांधी के भक्त से हत्यारा बनने तक की पूरी कहानी

महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) को मारने वाले नाथूराम गोडसे (Nathuram Godse) का जन्म आज ही के दिन हुआ था. 19 मई, 1910 में नाथूराम गोडसे का जन्म एक मध्यवर्गीय ब्राह्मण परिवार में हुआ था.

बुद्ध मुस्कराए: पोखरण में पहला परीक्षण, जानें- भारत कैसे बना था दुनिया का छठा परमाणु पॉवर

18 मई रविवार को इस गर्व से भर देने वाली घटना के 46 साल पूरे हो चुके हैं. इस पहले परमाणु परीक्षण ने ही देश में बुद्ध दोबारा मुस्कराए यानी पोखरण में दूसरे परमाणु परीक्षण 'ऑपरेशन शक्ति' की नींव रख दी थी. आइए, पोखरण-1 के बारे में कुछ और खास...

जब फील्ड मार्शल करियप्पा ने पाकिस्तान से कहा था- मेरे बेटे को रिहा मत करना, पढ़ें- क्या था मामला

आजाद भारत का पहला सेना प्रमुख होने के अलावा करियप्पा (KM Cariappa) इंडियन आर्मी (Indian Army) के पहले फाइव स्टार रैंक अफसर थे. उनके अलावा अभी तक सिर्फ जनरल मॉनेकशॉ को ही ये रैंक हासिल हुई है.

प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857: ऐसे डरे और बदले थे अंग्रेज, क्रांति को ‘असफल’ बताने में पार की सारी हदें

10 मई, 1857 को जली स्वतंत्रता (First freedom Struggle 1857) की पहली चिंगारी ने ही 90 साल तक भारतीय लोगों के संघर्ष को जारी रखा और अंग्रेजों को देश छोड़कर जाने पर मजबूर किया. आइए, जानते हैं कि साल 1857 की महान क्रांति के बाद ब्रिटिशर्स पर क्या असर हुआ.

महाराणा प्रताप को 30 साल तक छू नहीं पाया था अकबर, शिवाजी ने भी आजमाए थे यही दांव-पेंच, पढ़ें पूरा किस्सा

आइए, महाराणा प्रताप (Maharana Pratap) की वीरता और युद्ध कौशल के बारे में जानते हैं. उनकी छिटपुट या गुरिल्ला जैसी युद्ध की पद्धति (Art of War) को कई सालों बाद शिवाजी महाराज (Shivaji) जैसे महान योद्धाओं ने भी अपनाया था.

जलियांवाला बाग नरसंहार के 101 साल, आखिर क्यों माफी नहीं मांग रहा अफसोस और शर्म से भरा ब्रिटेन

जलियांवाला बाग नरसंहार दुनियाभर के लोगों को बर्बर ब्रिटिश उपनिवेशवादी काल की याद दिलाता है. वहीं भारतीय लोगों को हमेशा इसका ध्यान दिलाता रहेगा कि हमने कितने ही बलिदानों की कीमत चुकाकर अपनी आजादी हासिल की है.

Good Friday 2020: मानवता की भलाई के लिए सूली पर चढ़ गए थे यीशु मसीह, जानिए क्यों मनाते हैं

गुड फ्राइडे (Good Friday) के दिन लोग चर्च में जाकर यीशु मसीह (Jesus Christ) को याद करते हैं, लेकिन कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते आज लोग अपने घरों में ही यीशु मसीह को याद करेंगे. 

समाजवादी नेताओं की इन गलतियों से बनी बीजेपी, पढ़ें- दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी के 40 साल का सफर

साल 2014 के चुनाव में मोदी की लहर चली और भाजपा ने अकेले दम पर 282 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया. साल 2019 के लोकसभा चुनाव में दोबारा मोदी लहर चली और पार्टी ने अकेले दम पर 303 सीटें जीतकर केंद्र में सरकार बनाई.

372 साल बाद लंबे समय के लिए बंद हुआ ताजमहल, पढ़ें पहले कब लगा था ताज के दरवाजों पर ताला

कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह 17 मार्च को ताजमहल (Taj Mahal), लाल किला, कुतुबमीनार , फतेहपुर सीकरी, सिकन्दरा , मेहताब बाग जैसी कई जगहों को बंद कर दिया गया है.

आज ही के दिन 15 साल पहले धोनी के दमदार हमले से पाकिस्तान हुआ था ढेर

आज महेंद्र सिंह धोनी और भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए एक खास दिन है. आज से ठीक 15 साल पहले धोनी ने वो कारनामा कर दिखाया था जिसके बाद उनकी बल्लेबाजी के लोग कायल हो गए थे.

पॉली उमरीगर की याद में BCCI देती है अवॉर्ड, वो किस्सा जब मैच से ठीक पहले छोड़ दी कप्तानी

सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) वो पहले खिलाड़ी हैं जिन्हें पॉली उमरीगर अवॉर्ड (Polly Umrigar Award) से सम्मानित किया गया था. उनके बाद वीरेंद्र सहवाग, राहुल द्रविड़, गौतम गंभीर जैसे पूर्व खिलाड़ियों भी इस अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है.

‘ए मुंडा ते बड़ा भागांवाला ए’, जानें- शहीद दिवस पर भगत सिंह की कुछ पर्सनल और स्पेशल बातें

आइए, आज शहीद दिवस पर अपने नायक भगत सिंह के बारे में कुछ पर्सनल और स्पेशल बातें जानते हैं.

जिनकी जयंती पर ज्योतिरादित्य ने छोड़ी कांग्रेस, उन माधव राव ने भी दिए थे जनसंघ को 10 साल

मध्य प्रदेश की सियासी बिसात में ज्योतिरादित्य सिंधिया किंगमेकर बनने जा रहे हैं. कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के लिए मुसीबत खड़ी करके उन्होंने कांग्रेस का दामन छोड़ दिया. अब वह बीजेपी में जा रहे हैं और ऐसे समय में लोग उनके परिवार के राजनैतिक इतिहास को याद कर रहे हैं.

111 साल पुराना है Women’s Day का इतिहास, जानिए 8 मार्च को ही क्यों करते हैं सेलिब्रेट

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women's Day) का 111 साल पुराना एक समृद्ध इतिहास रहा है. इसकी पहली झलक 1909 में देखने को मिली थी, जब न्यूयॉर्क में करीब 15 हजार महिलाएं सड़क पर उतर गई थीं.

औरंगज़ेब का सत्ता संघर्ष : दारा शिकोह समेत तीनों भाइयों के कत्ल और शाहजहां की नजरबंदी का सच

आगरा शहर को समर्पित इस खंड में लेखक ने औरंगज़ेब और उसके भाइयों दारा शिकोह, शाह शुजा और मुराद बख्श के बीच शाहजहां के तख्त हासिल करने को लेकर हुए खूनी संघर्ष की पड़ताल की है.

1992 का सीलमपुर : उपद्रवियों को मारने के लिए जब रात भर दफ्तर में डटा रहा दबंग IPS

उस IPS की मुंहजुबानी जिसने 28 साल पहले एक सिपाही को सीलमपुर इलाके में उपद्रवियों द्वारा महज चाकू मारे जाने के बदले निपटा दिए थे 20-25 दंगाई.

राजेंद्र प्रसाद : वो राष्ट्रपति जिसने पहले देश को दिया संविधान, बाद में निभाया भाई का धर्म

28 फरवरी को देश अपने प्रथम राष्‍ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती मनाता है. उन्‍हें इतिहास एक ऐसे कर्मठ नेता के रूप में याद करता है जो अपने कर्तव्‍य को सबसे ऊपर रखते थे.

बालाकोट एयर स्‍ट्राइक : घर में घुसकर तबाह किए थे PAK के आतंकी कैंप, पढ़ें ‘ऑपरेशन बंदर’ की पूरी कहानी

14 फरवरी को पुलवामा में हमला हुआ था. सिर्फ 12 दिन बाद, हमने बालाकोट कर दिया. आखिर कैसे इतने कम समय में प्‍लान किया गया ये ऑपरेशन. पढ़ें बालाकोट एयर स्‍ट्राइक की पूरी कहानी.

यहां एक साथ रहते हैं 60 देशों के खास लोग, पढ़ें- फ्रांस से आकर पाांडिचेरी में किसने बनाया ऑरोविल

पांडिचेरी में मीरा अल्फांसा और उनके पति पॉल रिचर्ड ने श्रीअरविंद के साथ मिलकर आर्य नामक एक पत्रिका की शुरूआत भी की. साल 1920 में वह दोबारा पांडिचेरी आईं और हमेशा के लिए भारत में रहीं.

अमेरिकी प्रेसिडेंट के पास क्‍यों है सबसे तगड़ी सिक्‍योरिटी? जानिए किन साजिशों से लिया सबक

जबसे डोनाल्ड ट्रंप के भारत आने की खबर आई है तबसे ही उनकी सिक्योरिटी को लेकर चर्चाएं हो रही हैं. उनकी कार से लेकर एयरफोर्स प्लेन तक की लोग बातें कर रहे हैं. क्या कभी किसी ने सोचा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति की इतनी सुरक्षा क्यों की जाती है?

नेशनल म्यूजियम में नॉनवेज पर रोक: क्या सिंधु घाटी सभ्यता में शाकाहारी थे लोग?

म्यूजियम 25 फरवरी तक ‘Historical Gastronomica’ यानी ऐतिहासिक पकवानों का कार्यक्रम भी आयोजित कर रही है. कार्यक्रम में सिंधु घाटी सभ्यता के खान पान का अनुभव दिलाने के लिए विशेष मेन्यू बनाया गया है.

नेहरू से मोदी तक कई प्रधानमंत्री बने ‘गुरुजी’ के प्रशंसक, सामने कभी कुर्सी पर नहीं बैठे अटल

नागपुर के बाद साल 1927 में उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से एमएससी की डिग्री हासिल की. वह राष्ट्रवादी नेता और बीएचयू के संस्थापक मदन मोहन मालवीय से बहुत प्रभावित थे. आध्यात्मिक तौर पर वह स्वामी विवेकानंद के गुरुभाई अखंडानंद के शिष्य बने.

सिर आगरा और धड़ दिल्ली में दफन, पढ़िए- दारा शिकोह की कब्र को तलाशने में क्यों हो रही मुश्किल

शाहजहां के बड़े बेटे दारा शिकोह का उसके भाई औरंगजेब ने बेरहमी से कत्ल कर दिया था. दारा को उदारवादी मुस्लिम बताया जाता है. क्योंकि उसने हिंदू और मुस्लिम परंपराओं में समानता की तलाश करने की कोशिश की थी.

Teddy Day History : अमेरिका का वो राष्‍ट्रपति जिसके एक इनकार से दुनिया में आए क्‍यूट ‘टेडी बियर’

वेंलेंटाइन वीक के हर एक दिन की तरह टेडी डे के पीछे भी एक खास कहानी है. ये कहानी जुड़ी है अमेरिका के राष्‍ट्रपति रहे थियोडोर रूजवेल्‍ट से.

गुरु रविदास जयंतीः जानिए क्यों पिता ने नाराज होकर घर से निकाल दिया था

संत रविदास अपनी कविताओं के लिए प्रसिद्ध हैं जो मुख्यतः दोहों और पदों के रूप में प्रचलित हैं. इन कविताओं के जरिए उन्होंने समाज में प्रचलित आडंबर और कुप्रथाओं पर गहरी चोट की है.

कौन थे भूपेंद्र कुमार दत्ता, लोकसभा में भाषण के दौरान पीएम मोदी ने लिया जिनका नाम

पीएम मोदी ने कहा कि भारत-पाकिस्तान का बटवारा होने के बाद वे पाकिस्तान में ही रह गए थे और वहां की संविधान सभा के सदस्य थे. संविधान बनने का काम शुरुआती दौर में था तभी उन्होंने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों का दर्द बयान किया था.

23 साल बाद तंजावुर के बृहदेश्वर मंदिर का कुंभाभिषेकम, जानें- UNESCO के विश्व धरोहर का इतिहास और रहस्य

इस पवित्र अवसर पर लाखों श्रद्धालु कावेरी नदी के तट पर मंदिरों के नगर तंजावुर पहुंचे. तंजावुर जिला प्रशासन का दावा है कि इस कुंभाभिषेकम में दस लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए.

Air India को खरीदने के लिए Tata Group की दूसरी कोशिश, पढ़ें- क्या है इस डील की सबसे बड़ी वजह

आइए, हम जानने की कोशिश करते हैं कि टाटा समूह की ओर से शुरू की गई विमान सेवा कैसे भारत सरकार की कंपनी हो गई. किन वजहों से फिर से टाटा समूह के स्वामित्व में इसका जाना लगभग तय हो गया है.