लॉर्ड माउंटबेटन की पहली पसंद थे ‘जवान लड़के’, अमेरिकी खुफिया एजेंसी FBI के पुराने कागज़ातों से खुलासा

लॉर्ड माउंटबेटन का नाम जितना भारतीय इतिहास के लिए अहम है, उनमें उतनी ही दिलचस्पी ब्रिटेन और अमेरिका की भी रहती है. खासकर माउंटबेटन के जीवन को लेकर वहां कभी चर्चा नहीं थमी. अब खुलासा हुआ है कि माउंटबेटन समलैंगिक थे.

जिन्‍ना ने 15 अगस्‍त को दी थी बधाई, फिर पाकिस्‍तान एक दिन पहले क्‍यों मनाता है स्‍वतंत्रता दिवस?

आधिकारिक दस्‍तावेजों के हवाले से तो 15 अगस्‍त को ही भारत और पाकिस्‍तान का स्‍वतंत्रता दिवस होता है. फिर पाकिस्‍तान 14 अगस्‍त को स्‍वतंत्रता दिवस क्‍यों मनाता है?

सुषमा स्वराज ने जीवन भर दी सोनिया गांधी को चुनौतियां, राहुल तक से कह दिया था- मम्मा से पूछना…

20वीं सदी के अंत ने भारत में दो बड़ी महिला नेताओं का उदय देखा था. एक थीं सोनिया और दूसरीं सुषमा. दोनों ने ही पूरे राजनीतिक जीवन में एक-दूसरे पर खूब हमले बोले. जानिए इन वार-पलटवार की कहानी.

क्या टीपू सुल्तान ने हजारों हिंदुओं को मौत के घाट उतारा था ? कर्नाटक में क्यों मचा है सियासी बवाल ?

टीपू सुल्तान भारतीय इतिहास के उन चरित्रों में से एक हैं जो विवादों की धूल कभी नहीं झाड़ पाते. आइए आज जानते हैं कि कौन है वो जो लगातार टीपू को बदनाम करता आ रहा है.

बदल जाएगा देश की राजधानी का नाम? दिल्ली, डेल्ही और देहली में से लगेगी किस पर मुहर?

जब देश के कई शहरों और सड़कों के नाम तब्दील किए जा रहे हैं तब राजधानी कैसे बचती? संसद में दिल्ली के नाम पर भी चर्चा शुरू हुई है, ऐसे में जानिए कि असल में शहर का नाम क्या था.. और जो आज है वो कैसे पड़ा?

जब शीला दीक्षित की आंखों के सामने उड़ गए उनकी कार के परखच्चे, पढ़ें मौत को मात देने वाला किस्सा

चुनाव प्रचार का आखिरी दिन आ गया. आखिरी रैली खत्म हो गई. शीला दीक्षित बिहार के एक सांसद की कार में बैठकर अमृतसर के लिए रवाना हुईं.

कैसे कॉलेज के प्रोफेसर से आतंक का आका बना हाफिज़ सईद, जानिए पूरी कहानी

हाफिज़ सईद एक बार फिर सलाखों के पीछे है, लेकिन ये पहली बार नहीं हुआ है. आइए आपको बताते हैं कि कॉलेज में पढ़ानेवाला एक सामान्य सा प्रोफेसर कैसे दक्षिण एशिया में आतंक का पर्यायवाची बन गया.

सियासत से दूर रहने की सौगंध खाने के बाद भी बने PM! पढ़ें नरसिम्हाराव पर क्यों उठी कांग्रेस से माफी की मांग

आज ही के दिन पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हाराव का निधन हुआ था. उनके पीएम बनने की कहानी जितनी दिलचस्प है, उतनी ही दुखद स्थितियां तब बनीं जब उनकी शव गाड़ी कांग्रेस हेडक्वार्टर के बाहर एंट्री के लिए इंतज़ार करती रही.

आंतों, जिगर और गुर्दों में सात गोलियां खाने वाले मानेकशॉ की बहादुरी को सलाम, पढ़ें दिलचस्प किस्से

इंदिरा गांधी 1971 में मार्च महीने में ही पाकिस्तान पर चढ़ाई करना चाहती थी लेकिन सैम ने ऐसा करने से इनकार कर दिया क्योंकि भारतीय सेना हमले के लिए तैयार नहीं थी.

आपातकाल से पहले और बाद के वो 24 घंटे जिसने लिखी अगले 19 महीनों की कहानी

4 दशकों से भी पहले देश में लागू हुए आपातकाल को आज तक याद किया जाता है. आज ही के दिन 1975 में शुरू हुए उस काले दौर से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से पेश हैं.

और इस तरह 44 साल पहले आज ही के दिन लागू कर दी गई थी Emergency

इंदिरा गांधी के पुत्र संजय गांधी का मानना था कि प्रधानमंत्री के रूप में पार्टी के किसी भी नेता पर भरोसा नहीं किया जा सकता क्योंकि उस स्थिति में इंदिरा की हैसियत पार्टी के अंदर कम होगी.

श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बहाने नड्डा का नेहरू पर आरोप, जानें उस रहस्यमयी मौत की कहानी

जेपी नड्डा ने श्यामाप्रसाद मुखर्जी के बहाने नेहरू सरकार को घेर लिया है. जानिए कैसे हुई थी उनकी मौत और क्यों उस पर रहस्य का आवरण छाया है.

बंगाल में राष्ट्रपति शासन की आहट, जानें पहले कब-कब हुई ये कार्रवाई?

पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगने के कयास जारी हैं. हर किसी के पास अपने तर्क हैं. इस मौके पर आपको बताते हैं कि पहले कब-कब पश्चिम बंगाल ने राष्ट्रपति शासन देखा है.

अकबर क्या वाकई मीना बाजार में लड़कियों से करते थे छेड़छाड़?

अकबर के शासनकाल में मीना बाजार को काफी प्रसिद्धि मिली. इस दौरान बाजार में काफी दूर-दूर से राजपरिवार के लोग आया करते थे.

शिक्षा नीति का ड्राफ्ट बदलकर हिंदी की अनिवार्यता खत्म, पहले भी हो चुका है भाषा पर बवाल

नई शिक्षा नीति का ड्राफ्ट सामने आया तो हिंदी पर हंगामा मच गया. अब सरकार बैकफुट पर आ गई है. पहले भी ऐसा हो चुका है जब सरकारों को हिंदी के मामले में घुटने टेकने पड़े हैं.

कहां से आया ‘जय श्री राम’ का नारा जिस पर बंगाल में छिड़ा है बवाल?

पश्चिम बंगाल 'जय श्री राम' के नारे के साथ लड़ाई का मैदान बना हुआ है. ममता बनर्जी जय श्री राम बोलने वालों को जेल भेजना चाहती हैं और दूसरा पक्ष जय श्री राम के नारे को डर का दूसरा नाम बना देना चाहता है.

दो राष्ट्र का सिद्धांत देने वाले ना सावरकर थे ना जिन्ना, आखिर किसके दिमाग की थी उपज? Detail में..

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सावरकर को द्विराष्ट्रवाद के सिद्धांत का जनक कहा है, लेकिन सच ये है कि ना तो जिन्ना और ना ही सावरकर इसके प्रणेता थे. ये सिद्धांत किसके दिमाग की उपज थी, जानिए.

हार पर मंथन में जुटे राहुल गांधी को जीत का फॉर्मूला नेहरू के इन खतों में ज़रूर मिलेगा

सिर झुकाए मंथन की मुद्रा में बैठे राहुल गांधी और कांग्रेसियों को बहुत सलाहें मिल रही होंगी. हारे हुए पक्ष को नसीहतों की कमी भला कहां होती है. इस बीच नेहरू की पुण्यतिथि आ गई. अगर राहुल इस मौके पर नेहरू के लिखे कुछ खत ही पढ़ लें तो उन्हें...

निकाले गए इन दो नेताओं ने कांग्रेस को अपने-अपने राज्यों में शून्य पर लुढ़काया

लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस का बंटाधार हो गया है लेकिन उसके पराभव की कहानी में दो खास लोगों ने भी अहम भूमिका निभाई है. एक हैं जगन मोहन रेड्डी और दूसरी हैं ममता बनर्जी.

37 साल पहले चुनाव आयोग ने किया था EVM का प्रयोग, कराना पड़ गया था बैलेट पेपर से मतदान

चुनाव के शोर में उस पहले चुनाव के बारे में भी जान लीजिए जो 1982 में पहली बार ईवीएम से हुआ था. उस चुनाव के दिलचस्प विवाद और नतीजे की कहानी मज़ेदार है.

वो ‘बदकिस्मत सोफा’ जिस पर बैठनेवाले हर शख्स को मिली दिल दहलाने वाली मौत!

ये तस्वीर कभी ना भुला सकनेवाली तस्वीर है. इस तस्वीर में दिख रहा सोफा बेहद दुर्भाग्यशाली है. ऐसा क्यों है, जानिए.

वाराणसी और अमेठी पर देश की नज़र, दोनों VVIP सीटों का पूरा गणित जानिए

देश की दो सबसे अहम लोकसभा सीटों वाराणसी और अमेठी पर देश की नज़रें हैं. पीएम मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के गढ़ों का लेते हैं हालचाल.

जब लालू ने चुनाव आयुक्त शेषन को कहा था ‘भैंसिया पर चढ़ा करके गंगा जी में हेला देंगे’

पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा रोकने के लिए चुनाव आयोग ने समय से 19 घंटे पहले प्रचार पर बैन लगा दिया. बिहार विधानसभा चुनाव में तो 4 बार तारीख रद्द कर दी गई थी.

जिन विद्यासागर की मूर्ति टूटी, उन्होंने अंग्रेज़ का रोल कर रहे एक्टर को फेंककर मारी थी चप्पल!

राजनीति में महापुरुषों का इस्तेमाल पुराना चलन है. ईश्वरचंद्र विद्यासागर इस चलन के नए शिकार हैं. आइए आपको बताते हैं उस महापुरुष के बारे में जिसे मुंहतोड़ जवाब भी देना आता था और दूसरों के लिए जीवन समर्पित करना भी.

जिस वाराणसी से हुई मोदी युग की शुरुआत, उसके सियासी मूड की A-B-C-D

देश की सबसे वीआईपी सीट हमेशा ही वीआईपी रही है. आपको बताते हैं कि वाराणसी लोकसभा सीट आखिरकार हमेशा से क्यों सुर्खियों में रहती आई है और कब किसे यहां जीत-हार मिली.

मोदी पहले ऐसे पीएम नहीं, राजीव गांधी को भी कहा गया था ‘चोर’

इस लोकसभा चुनाव से 30 साल पहले 1989 में भी आम चुनाव हुए थे. तब सोशल मीडिया नहीं था, फोटोशॉप नहीं था, फ़ेक न्यूज़ नहीं थी लेकिन प्रधानमंत्री को चोर कहने वाला नारा तब भी था.

शत्रुघ्न सिन्हा जिन्ना और कांग्रेस कनेक्शन पर सही तो थे, लेकिन किस खास तथ्य से चूक गए सभी लोग?

शत्रुघ्न सिन्हा ने जिन्ना को कांग्रेस का नेता बताया तो सियासी कोहराम मच गया लेकिन एक तरह शत्रुघ्न सही बात ही कह रहे थे. वहीं इस पूरे हो-हल्ले में एक अहम तथ्य छिपा रह गया जिसे आपको जानना भी ज़रूरी है और कांग्रेसियों को भी.

जेल में सुरंग बनाकर भी नहीं भाग सका था ‘मोटा’ मसूद अज़हर !

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद(यूएनएससी) ने बुधवार को आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित कर दिया.

श्रीलंका में सीरियल ब्लास्ट के बाद खौफ में जीने को क्यों मजबूर अहमदिया मुसलमान?

श्रीलंका के सीरियल बम धमाकों के बाद अब मुसलमानों की मुसीबत शुरू हो गई है. हमलावर की पहचान मुस्लिम निकलने के बाद से ही स्थानीय लोगों के निशाने पर मुस्लिम समुदाय आ गया है. इसमें भी पहले से परेशान अहमदिया मुसलमानों की समस्या में इज़ाफा हो गया है. जानिए कौन...