‘एक्‍सक्‍यूज मी’ सुनकर पलटी मेनका को दिल दे बैठे थे संजय गांधी, पढ़ें कैसे शुरू हुई दोनों की लव स्‍टोरी

दिल्‍ली में पार्टी चल रही थी. सब अपने में मशगूल थे. मेनका खाना खा रहीं थीं और पीछे से उन्‍हें किसी ने आवाज दी.

संजय गांधी का विदेशी गर्लफ्रेंड से रिश्‍ता टूटा तो क्‍यों खुश हुई थीं इंदिरा? पढ़‍िए दिलचस्‍प किस्‍सा

संजय गांधी अपने मारुति प्रोजेक्ट के सपने को साकार करने में इतने व्यस्त हो गए थे कि उन्हें कुछ याद ही नहीं रहता था. 

बेटे की शादी छोड़ शिवाजी के लिए किला जीतने निकल पड़े, पढ़ें ‘तानाजी-द अनसंग वॉरियर’ की कहानी

तानाजी मालुसरे एक वीर मराठा योद्धा थे. वे मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की सेना के सेनापति थे.

कौन थे महाराजा सूरजमल, जिनके किरदार के चलते हो रहा है ‘पानीपत’ का विरोध

पानीपत फिल्म में महाराजा सूरजमल के चरित्र को लेकर राजस्थान और हरियाणा के जाट विरोध कर रहे हैं.

गृहमंत्री ने कांग्रेस को क्यों दिलाई ईदी अमीन और युगांडा की याद, क्या है नागरिकता कानून से संबंध

जो एशियाई युगांडा से निकाले गए उनमें बड़ी संख्या में भारतीय और खासकर गुजराती उद्योगपति थे जो सौ साल से भी ज्यादा समय से वहां रह रहे थे.

जानें, असम की अहोम आर्मी और मुगलों की लड़ाई का नागरिकता कानून से क्या है कनेक्शन ?

आइए, जानते हैं कि कौन थे लचित बड़फूकन, क्या थी अहोम सेना, कैसा था मुगलों के खिलाफ उनका सरायघाट युद्ध और क्यों उसे नागरिकता संशोधन बिल से जोड़ा जा रहा है.

जानिए, क्या है नेहरू-लियाकत समझौता जिसके विरोध में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने दिया था इस्तीफा

इसे दिल्ली पैक्ट (Delhi Pact) के नाम से भी जाना जाता है. समझौते के समय सरदार वल्लभ भाई पटेल भी मौजूद थे.

नागरिकता कानून पर AASU की 1980 दोहराने की धमकी, तब माहौल ठीक करने उतरे थे राजीव गांधी

नागरिकता सुधार विधेयक ( citizenship amendment bill ) को लेकर ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (All Assam students union) की ओर से 1980 के हालात की वापसी की धमकी से स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है.

कौन था नाथूराम गोडसे जिसमें साध्‍वी प्रज्ञा ठाकुर को दिखता है ‘देशभक्‍त’ ?

महात्मा गांधी की हत्या करने के बाद खुद नाथूराम गोडसे ने माना था कि उसने एक इंसान की हत्या की है, इसलिए उसे फांसी मिलनी चाहिए.

संविधान सभा की बैठक का मुस्लिम लीग ने किया था बायकॉट, यूं तैयार हुआ सबसे बड़ा लिखित संविधान

संविधान निर्माण की प्रक्रिया में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन लगे. इस काम में लगभग 6.4 करोड़ रुपये खर्च हुए. संविधान के प्रारूप पर कुल 114 दिन बहस हुई.

जब क्रिकेट प्रेमी लता मंगेशकर ने पैसे जुटाने में की थी BCCI की मदद…

साल 1983 में विश्व कप जीती टीम को पुरस्कृत करने के लिए BCCI के पास फंड नहीं था, इस दौरान लता मंगेशकर से मदद मांगी गई.

अंग्रेज लूट ले गए 45 ट्रिलियन डॉलर, हम कर रहे 5 ट्रिलियन डॉलर के लिए स्ट्रगल

रिसर्च के मुताबिक तरह-तरह के पैंतरों से ब्रिटेन ने कुल 190 सालों में भारत से करीब 44.6 ट्रिलियन डॉलर चुराए और इस पैसे का इस्तेमाल अपने साथ-साथ दूसरे देशों के विकास में किया.

LTTE के खात्मे के लिए जाने जाते हैं गोताबेया राजपक्षे, आज भी डरते हैं तमिल

सिंहली बौद्धों में गोताबेया की लोकप्रियता से मुस्लिम भी डरे हैं. उन्हें आशंका है कि ईस्टर के मौके पर इस्लामी आतंकवादियों के गिरजाघरों पर किए गए हमले के बाद दोनों समुदायों में पैदा हुई खाई और चौड़ी होगी.

श्रीलंका के नए राष्ट्रपति गोताबेया राजपक्षे के बारे में जानें सबकुछ

एलटीटीई के निशाने पर रहे गोताबेया 2006 में संगठन के आत्मघाती हमले में बाल-बाल बचे थे. माना जाता है कि उनका झुकाव चीन की ओर अधिक है.

सावरकर पर शोर के बीच ज़रा अशफ़ाक़ की वो क़ुर्बानी याद कर लें

19 दिसम्बर, 1927 को जिस दिन अशफ़ाक़ को फांसी होनी थी. अशफ़ाक़ ने अपनी जंजीरें खुलते ही बढ़कर फांसी का फंदा चूम लिया और बोले, मेरे हाथ लोगों की हत्याओं से जमे हुए नहीं हैं.

चीनी राष्ट्रपति से 17वीं बार मिले पीएम मोदी, इतिहास में क्या हुआ था कि बदल गए रिश्ते

इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने अपनी प्रसिद्ध किताब ‘इंडिया आफ्टर गांधी’ में उन परिस्तिथियों का जिक्र किया है जिस वजह से नेहरू और तत्कालीन चीनी प्रधानमंत्री चाऊ एन-लाइ की दोस्ती फीकी पड़ने लगी थी.

एक बार स्वयंसेवकों का शिविर देखने, दूसरी बार शिकायत करने संघ की सभा में गए गांधी

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि गांधी संघ की सभा में आए थे. जानिए, वो कौन सा मौका था.

किस डर की वजह से कश्मीर मामले को यूएन लेकर गए थे नेहरू?

गृहमंत्री अमित शाह ने एक बार फिर भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर हमला बोला है. पढ़िए उन हालात के बारे में जब नेहरू कश्मीर मसले को यूएन लेकर गए.

लॉर्ड माउंटबेटन की पहली पसंद थे ‘जवान लड़के’, अमेरिकी खुफिया एजेंसी FBI के पुराने कागज़ातों से खुलासा

लॉर्ड माउंटबेटन का नाम जितना भारतीय इतिहास के लिए अहम है, उनमें उतनी ही दिलचस्पी ब्रिटेन और अमेरिका की भी रहती है. खासकर माउंटबेटन के जीवन को लेकर वहां कभी चर्चा नहीं थमी. अब खुलासा हुआ है कि माउंटबेटन समलैंगिक थे.

जिन्‍ना ने 15 अगस्‍त को दी थी बधाई, फिर पाकिस्‍तान एक दिन पहले क्‍यों मनाता है स्‍वतंत्रता दिवस?

आधिकारिक दस्‍तावेजों के हवाले से तो 15 अगस्‍त को ही भारत और पाकिस्‍तान का स्‍वतंत्रता दिवस होता है. फिर पाकिस्‍तान 14 अगस्‍त को स्‍वतंत्रता दिवस क्‍यों मनाता है?

सुषमा स्वराज ने जीवन भर दी सोनिया गांधी को चुनौतियां, राहुल तक से कह दिया था- मम्मा से पूछना…

20वीं सदी के अंत ने भारत में दो बड़ी महिला नेताओं का उदय देखा था. एक थीं सोनिया और दूसरीं सुषमा. दोनों ने ही पूरे राजनीतिक जीवन में एक-दूसरे पर खूब हमले बोले. जानिए इन वार-पलटवार की कहानी.

क्या टीपू सुल्तान ने हजारों हिंदुओं को मौत के घाट उतारा था ? कर्नाटक में क्यों मचा है सियासी बवाल ?

टीपू सुल्तान भारतीय इतिहास के उन चरित्रों में से एक हैं जो विवादों की धूल कभी नहीं झाड़ पाते. आइए आज जानते हैं कि कौन है वो जो लगातार टीपू को बदनाम करता आ रहा है.

बदल जाएगा देश की राजधानी का नाम? दिल्ली, डेल्ही और देहली में से लगेगी किस पर मुहर?

जब देश के कई शहरों और सड़कों के नाम तब्दील किए जा रहे हैं तब राजधानी कैसे बचती? संसद में दिल्ली के नाम पर भी चर्चा शुरू हुई है, ऐसे में जानिए कि असल में शहर का नाम क्या था.. और जो आज है वो कैसे पड़ा?

जब शीला दीक्षित की आंखों के सामने उड़ गए उनकी कार के परखच्चे, पढ़ें मौत को मात देने वाला किस्सा

चुनाव प्रचार का आखिरी दिन आ गया. आखिरी रैली खत्म हो गई. शीला दीक्षित बिहार के एक सांसद की कार में बैठकर अमृतसर के लिए रवाना हुईं.

कैसे कॉलेज के प्रोफेसर से आतंक का आका बना हाफिज़ सईद, जानिए पूरी कहानी

हाफिज़ सईद एक बार फिर सलाखों के पीछे है, लेकिन ये पहली बार नहीं हुआ है. आइए आपको बताते हैं कि कॉलेज में पढ़ानेवाला एक सामान्य सा प्रोफेसर कैसे दक्षिण एशिया में आतंक का पर्यायवाची बन गया.

सियासत से दूर रहने की सौगंध खाने के बाद भी बने PM! पढ़ें नरसिम्हाराव पर क्यों उठी कांग्रेस से माफी की मांग

आज ही के दिन पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हाराव का निधन हुआ था. उनके पीएम बनने की कहानी जितनी दिलचस्प है, उतनी ही दुखद स्थितियां तब बनीं जब उनकी शव गाड़ी कांग्रेस हेडक्वार्टर के बाहर एंट्री के लिए इंतज़ार करती रही.

आंतों, जिगर और गुर्दों में सात गोलियां खाने वाले मानेकशॉ की बहादुरी को सलाम, पढ़ें दिलचस्प किस्से

इंदिरा गांधी 1971 में मार्च महीने में ही पाकिस्तान पर चढ़ाई करना चाहती थी लेकिन सैम ने ऐसा करने से इनकार कर दिया क्योंकि भारतीय सेना हमले के लिए तैयार नहीं थी.

आपातकाल से पहले और बाद के वो 24 घंटे जिसने लिखी अगले 19 महीनों की कहानी

4 दशकों से भी पहले देश में लागू हुए आपातकाल को आज तक याद किया जाता है. आज ही के दिन 1975 में शुरू हुए उस काले दौर से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से पेश हैं.

और इस तरह 44 साल पहले आज ही के दिन लागू कर दी गई थी Emergency

इंदिरा गांधी के पुत्र संजय गांधी का मानना था कि प्रधानमंत्री के रूप में पार्टी के किसी भी नेता पर भरोसा नहीं किया जा सकता क्योंकि उस स्थिति में इंदिरा की हैसियत पार्टी के अंदर कम होगी.

श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बहाने नड्डा का नेहरू पर आरोप, जानें उस रहस्यमयी मौत की कहानी

जेपी नड्डा ने श्यामाप्रसाद मुखर्जी के बहाने नेहरू सरकार को घेर लिया है. जानिए कैसे हुई थी उनकी मौत और क्यों उस पर रहस्य का आवरण छाया है.