Khudiram Bose: हाथ में गीता, सीने में देशभक्ति…और फांसी चढ़ गया वह 19 साल का लड़का

स्वतंत्रता सैनानी खुदीराम बोस (Khudiram bose death anniversary) को आज ही के दिन अंग्रेजों ने फांसी दे दी थी. उस वक्त उनकी उम्र सिर्फ 19 साल थी. जानिए क्या था वह कार बम धमाका जो फांसी की वजह बना.

Quit India Movement: वह दिन जब महात्मा गांधी ने दिया ‘करो या मरो’ का नारा

देश को स्वतंत्रता मिलने में 8 अगस्त का अहम योगदान है. साल 1942 में 8 अगस्त से ही महात्मा गांधी के भारत छोड़ो आंदोलन (Quit India Movement) की शुरुआत हुई थी.

राम मंदिर भूमिपूजन: अयोध्या में जन्मभूमि का ताला खुलवाने का तिलिस्म, पढ़ें- चौंकाने वाले दावों का कड़वा सच

वोट बैंक की तत्कालिक राजनीति ने राजीव गांधी से अयोध्या में ताला खुलवा दिया. वे इसके दूरगामी नतीजों से बेखबर थे. इस नाकाम रणनीति से कांग्रेस न इधर की रही न उधर की. मुसलमान ताला खुलने से कांग्रेस से नाराज हुआ. और हिंदू मंदिर बनवाने के लिए भाजपा के पास...

आधुनिक भारत के निर्माता बाल गंगाधर तिलक के ‘लोकमान्य’ बनने की कहानी

1 अगस्त, 1920 को मुंबई में बाल गंगाधर तिलक की मृत्यु हुई थी. उनकी 100 वीं पुण्यतिथि के मौके पर जानिए कैसे उन्होंने आधुनिक भारत का निर्माण किया...

UK की करेंसी पर दिखेगी भारतीय मूल की जासूस? पढ़िए- नूर का पूरा सफर और टीपू सुल्तान से कनेक्शन

पंद्रहवीं सदी के सूफ़ी संत जुमा शाह की वंश से जुड़ी होने की वजह से सूफ़ी संगीत प्रेमी और बेहद ख़ूबसूरत महिला नूर इनायत खान (Noor Inayat Khan) का भारत से खास लगाव था. वह महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) के विचारों की प्रशंसक थीं.

मिसाइल मैन को याद कर रहा देश: पढ़ें- कलाम के किस्से और जानें- लास्ट लेक्चर वाले दिन क्या हुआ?

आज हम आपके साथ अब्दुल कलाम (Dr. APJ Abdul Kamal) के उस लेक्चर को शेयर कर रहे हैं, जो कि उनकी जिंदगी का आखिरी लेक्चर बना. इसके अलावा उनके कुछ सुने-अनसुने किस्सों पर भी बात करेंगे.

‘आज भी लगता है IAF का हिस्सा हूं’, पढ़ें-देश के सबसे पुराने और 100 साल के फाइटर पायलट की कहानी

दलीप सिंह (Dalip Singh Majithia) को इंडियन एयरफोर्स (Indian Air Force) छोड़ने के लिए राजी किया गया था, लेकिन स्पष्ट रूप से उड़ान के लिए उनका प्यार कभी भी कम नहीं हुआ.

दशकों बाद फिर से खूबसूरत बन रहा पुरानी दिल्ली का ये इलाका, जानें- आखिर कैसे नाम पड़ा ‘चांदनी चौक’

जगह-जगह पर आपको बिजली के तार और टूटी हुई पाइप-लाइन दिखाई पड़ती थी. लेकिन अब बिजली के तार, पाइप-लाइन, सीवर.. ये सब सड़क के नीचे दबा दिए गए हैं.

लखनऊ के नाम पर क्या कहते थे लालजी टंडन, पढ़ें- अटलजी के खास और मायावती के भाई होने की वजह

लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की विरासत संभाल चुके वाले लालजी टंडन (Lalji Tandon) को बीएसपी प्रमुख मायावती (Mayawati) भी अपना बड़ा भाई मानती रही हैं. आइए जानते हैं कि इन दोनों ही रिश्ते की सबसे बड़ी वजह क्या रही?

गिरफ्तारी और फांसी के लिए कोई नहीं था राजी, अंग्रेजों के खिलाफ जंग में मंगल पांडे ने दिया था ये नारा

मंगल पांडे (Mangal Pandey) को अपने काबू में करने की कोशिश जब ब्रिटिश अधिकारियों (British Officers) ने की, तो उन्होंने सार्जेंट मेजर ह्वीसन और अडज्यूटेंट लेफ्टिनेंट बेंपदे बाग पर हमला कर दिया.

यूरोप को भारत की समुद्री राह दिखाने की मुहिम के 523 साल, पढ़ें- वास्को डी गामा के सफर की पूरी डिटेल

कोलंबस (Christopher Columbus) की यात्रा के करीब 5 साल बाद पुर्तगाल के नाविक वास्को डी गामा (Vasco Da Gama) भारत का समुद्री मार्ग खोजने निकले. सफर का दिन पुर्तगाल के शाही ज्योतिषयों ने बड़ी सावधानी से चुना था. गामा 170 नाविकों और चार जहाजों के एक बेड़े के साथ लिस्बन...

पाकिस्तान जीता था विश्व कप लेकिन वकार यूनुस दुखी थे… जानिए पूरी कहानी

वकार यूनुस (Waqar Younis) आज पाकिस्तान टीम के गेंदबाजी कोच हैं. वो पाकिस्तान के दिग्गज गेंदबाजों में शुमार हैं और साल 1992 में वो विश्व कप टीम के हिस्सा भी थे.

जब मिजोरम में मानेकशॉ ने बटालियन को पार्सल की थीं चूड़ियां, जानिए क्यों किया था ऐसा

सैम (Sam Manekshaw) हालांकि शक्ल से काफी सख़्त दिखाई देते थे, लेकिन असल ज़िदगी में वह काफी सहज़ थे. इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) के साथ भी उनके रिश्ते काफी बेहतर थे.

क्या थे वो तीन शब्द जिनकी बदौलत आज ही के दिन 1983 में विश्व चैंपियन बनी थी Team India

1983 वर्ल्ड कप (1983 World Cup) जीत की तस्वीरें हम सभी के जेहन में अब भी ताजा हैं. मैच खत्म होने के बाद भारतीय टीम जब वेस्टइंडीज (West Indies) के खिलाड़ियों के ड्रेसिंग रूम में पहुंची तो कई खिलाड़ी वाकई रो रहे थे.

आज ही के दिन धोनी बने थे महाकप्तान, लगाई थी ICC अवॉर्ड्स की हैट्रिक

धोनी की कप्तानी में पहले 2007 में T-20 विश्व कप, फिर 2011 में विश्व कप और उसके बाद चैंपियंस ट्रॉफी भी भारत के नाम हुई.

एक था गुलाम रसूल…! आओ सुनाएं गलवान घाटी की वो कहानी जो बन गई खूनी झड़प की गवाह

घाटी का नाम लद्दाख (Ladakh) के रहने वाले गुलाम रसूल गलवान (Gulam Rasool Galwan) के नाम पर रखा गया. यह एक ऐतिहासिक घटना थी जब किसी नदी या घाटी का नाम एक चरवाहे या कथित डाकू के नाम पर रखा गया. लेह के चंस्पा योरतुंग सर्कुलर रोड पर गुलाम रसूल...

1983 विश्व कप में आज ही के दिन कपिल देव ने खेली थी 175 रनों की पारी, उस अनदेखी पारी की पूरी कहानी

कपिल देव (Kapil Dev) के दिमाग में लगातार ये बात चल रही थी कि गेंद उनके बल्ले के बीचोंबीच लग रही है और वो रन बना सकते हैं. अगली 18 गेंद में उन्होंने 30 रन जड़ दिए.

Happy Birthday Miandad…कभी थे इमरान के करीबी फिर क्यों हो गई तनातनी? पढ़िए Interesting किस्सा

जावेद मियांदाद (Javed Miandad) को 1992 में पाकिस्तान की जीत के बाद कप्तानी दी गई थी. उन्होंने अपनी कप्तानी में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड की जमीन पर पाकिस्तान को टेस्ट मैचों में जीत भी दिलाई थी.

ऑपरेशन ब्लू स्टारः आसान नहीं था फैसला, पढ़ें- क्यों और कैसे हुई थी सेना की आतंकियों से मुठभेड़

ऑपरेशन ब्लू स्टार का मुख्य मकसद हरमंदिर साहिब कॉम्प्लेक्स (स्वर्ण मंदिर) में हथियार जमा कर सिख आतंकवादियों के साथ बैठे जरनैल सिंह भिंडरावाले को बाहर निकालना था.

27 साल पहले शेन वॉर्न ने फेंकी थी ‘बॉल ऑफ सेंचुरी’, आखिर क्‍या है इसके पीछे की मिस्‍ट्री? Detail में

फिरकी गेंदबाजी के जादूगर कहे जाने वाले महान ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी (Australian Player) शेन वार्न (shane warne) ने आज ही के दिन 27 साल पहले क्रिकेट के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ वह करिश्मा किया था.

क्या महज अफवाह है 1882 का Great Bombay Cyclone? पढ़ें- क्यों सवाल उठाते रहे एक्सपर्ट्स

बताया जाता है कि आखिरी बार साइकलोन मुंबई शहर में 6 जून, 1882 को आया था. इसे बॉम्बे साइक्लोन (Bombay Cyclone) या फिर ग्रेट बॉम्बे साइक्लोन (Great Bombay Cyclone) के नाम से बुलाया जाता है.

आज ही के दिन क्रिकेट के मैदान में हुई थी पाकिस्तान की सबसे बड़ी बेइज्जती

वसीम अकरम की कप्तानी में बांग्लादेश के खिलाफ हुई फजीहत के बाद पाकिस्तान (Pakistan) ने हार की हैट्रिक लगाई. बांग्लादेश के खिलाफ मिली 62 रन की हार के बाद पाकिस्तान को साउथ अफ्रीका से भी तीन विकेट से हार झेलनी पड़ी थी और पाकिस्तान को हार की हैट्रिक लगाने में...

जब PAK के गेंदबाजों को सहवाग और द्रविड़ ने रुला दिया था, अफरीदी ने आज क्यों याद किया वही मैच

इस मैच में थोड़ा सा मसाला शाहिद अफरीदी (Shahid Afridi) ने भी डाला था, अपने शतक के सफर में 63 रनों से 90 रनों तक का सफर उन्होंने सिर्फ एक ओवर में पूरा कर लिया. अफरीदी का शिकार बने थे हरभजन सिंह.

कलेक्‍टर अजीत जोगी के पास आधी रात आया राजीव गांधी के PA का फोन, कहा- ‘बस ढाई घंटा है’

राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) के पीए का फोन आने के कुछ समय बाद दिग्विजय सिंह (Sigvijay Singh ) कलेक्‍टर आवास पर अजीत जोगी (Ajit Jogi) से मिलने पहुंचे और यहीं से उनकी जिंदगी ने नया मोड़ ले लिया.

चीन भूल रहा भारत का एहसान, पढ़ें-पंडित नेहरू और UNSC की स्थायी सदस्यता के सवालों का सच

पंडित जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) की 56वीं पुण्यतिथि (Death Anniversary) पर चीन की हरकतें उसकी एहसानफरामोशी की याद ताजा करवा देती हैं. नेहरू की वजह से चीन की अंतरराष्ट्रीय पहचान बनी. हालांकि UNSC की सदस्यता के सवाल से जुड़े तथ्यों पर ऐतिहासिक विवाद है.

देशभर में मनाई जा रही EID, जानिए क्या है इसका इस्लाम के इतिहास की पहली जंग से वास्ता?

कोरोनावायरस (Coronavirus) के कारण इस बार ईद (Eid 2020) की खुशियों में थोड़ा ब्रेक लगा है. लोग मस्जिदों में नमाज नहीं पढ़ने जा पाए. लोग हमेशा की तरह इस साल ईद की खरीदारी कुछ खास नहीं कर पाए.

क्या है रुपये के पीछे की कहानी, जानें किसने दिया इसे ये नाम?

शुरुआत में जो मूल रुपया इस्तेमाल में लाया जाता था वो चांदी का होता था, इसकी वज़ह से इसका नाम रुपया पड़ा.

आखिर कैसा रहा पायलट से पॉलिटिक्स तक का राजीव गांधी का सफर? पढ़ें पूरी STORY

राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) की मुलाकात एल्बिना से हुई. दोनों के बीच प्यार हुआ और दोनों ने शादी कर ली. शादी के बाद एल्बिना को नया नाम सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) मिला.

गोडसे का आखिर कैसे पड़ा नाथूराम नाम? महात्मा गांधी के भक्त से हत्यारा बनने तक की पूरी कहानी

महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) को मारने वाले नाथूराम गोडसे (Nathuram Godse) का जन्म आज ही के दिन हुआ था. 19 मई, 1910 में नाथूराम गोडसे का जन्म एक मध्यवर्गीय ब्राह्मण परिवार में हुआ था.

बुद्ध मुस्कराए: पोखरण में पहला परीक्षण, जानें- भारत कैसे बना था दुनिया का छठा परमाणु पॉवर

18 मई रविवार को इस गर्व से भर देने वाली घटना के 46 साल पूरे हो चुके हैं. इस पहले परमाणु परीक्षण ने ही देश में बुद्ध दोबारा मुस्कराए यानी पोखरण में दूसरे परमाणु परीक्षण 'ऑपरेशन शक्ति' की नींव रख दी थी. आइए, पोखरण-1 के बारे में कुछ और खास...