लॉर्ड माउंटबेटन की पहली पसंद थे ‘जवान लड़के’, अमेरिकी खुफिया एजेंसी FBI के पुराने कागज़ातों से खुलासा

लॉर्ड माउंटबेटन का नाम जितना भारतीय इतिहास के लिए अहम है, उनमें उतनी ही दिलचस्पी ब्रिटेन और अमेरिका की भी रहती है. खासकर माउंटबेटन के जीवन को लेकर वहां कभी चर्चा नहीं थमी. अब खुलासा हुआ है कि माउंटबेटन समलैंगिक थे.

सुषमा स्वराज ने जीवन भर दी सोनिया गांधी को चुनौतियां, राहुल तक से कह दिया था- मम्मा से पूछना…

20वीं सदी के अंत ने भारत में दो बड़ी महिला नेताओं का उदय देखा था. एक थीं सोनिया और दूसरीं सुषमा. दोनों ने ही पूरे राजनीतिक जीवन में एक-दूसरे पर खूब हमले बोले. जानिए इन वार-पलटवार की कहानी.

बदल जाएगा देश की राजधानी का नाम? दिल्ली, डेल्ही और देहली में से लगेगी किस पर मुहर?

जब देश के कई शहरों और सड़कों के नाम तब्दील किए जा रहे हैं तब राजधानी कैसे बचती? संसद में दिल्ली के नाम पर भी चर्चा शुरू हुई है, ऐसे में जानिए कि असल में शहर का नाम क्या था.. और जो आज है वो कैसे पड़ा?

जब शीला दीक्षित की आंखों के सामने उड़ गए उनकी कार के परखच्चे, पढ़ें मौत को मात देने वाला किस्सा

चुनाव प्रचार का आखिरी दिन आ गया. आखिरी रैली खत्म हो गई. शीला दीक्षित बिहार के एक सांसद की कार में बैठकर अमृतसर के लिए रवाना हुईं.

कैसे कॉलेज के प्रोफेसर से आतंक का आका बना हाफिज़ सईद, जानिए पूरी कहानी

हाफिज़ सईद एक बार फिर सलाखों के पीछे है, लेकिन ये पहली बार नहीं हुआ है. आइए आपको बताते हैं कि कॉलेज में पढ़ानेवाला एक सामान्य सा प्रोफेसर कैसे दक्षिण एशिया में आतंक का पर्यायवाची बन गया.

जम्मू-कश्मीर में आजादी के बाद सिर्फ एक शासक रहा हिंदू

शिवसेना ने जम्मू कश्मीर में हिंदू सीएम बनाने की मांग की है. इसकी कितनी संभावना है, आंकड़ों में समझिए.

जब लालू ने चुनाव आयुक्त शेषन को कहा था ‘भैंसिया पर चढ़ा करके गंगा जी में हेला देंगे’

पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा रोकने के लिए चुनाव आयोग ने समय से 19 घंटे पहले प्रचार पर बैन लगा दिया. बिहार विधानसभा चुनाव में तो 4 बार तारीख रद्द कर दी गई थी.

मोदी पहले ऐसे पीएम नहीं, राजीव गांधी को भी कहा गया था ‘चोर’

इस लोकसभा चुनाव से 30 साल पहले 1989 में भी आम चुनाव हुए थे. तब सोशल मीडिया नहीं था, फोटोशॉप नहीं था, फ़ेक न्यूज़ नहीं थी लेकिन प्रधानमंत्री को चोर कहने वाला नारा तब भी था.

जेल में सुरंग बनाकर भी नहीं भाग सका था ‘मोटा’ मसूद अज़हर !

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद(यूएनएससी) ने बुधवार को आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित कर दिया.

तानाशाह हिटलर के जन्मदिन पर देखिए ऐसी तस्वीरें जिन्हें खुद वो सामने नहीं आने देना चाहता था

आज एडोल्फ हिटलर का जन्मदिन है। हिटलर को इसलिए याद रखना चाहिए ताकि दुनिया में हमारी लापरवाही के चलते फिर कभी कोई हिटलर ना पैदा हो जाए। आज पेश है हिटलर की कुछ अनदेखी तस्वीरें

नाराज़ यासिर अराफात ने क्यों फिदेल कास्त्रो से कहा था- इंदिरा गांधी मेरी बड़ी बहन

भारत और क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो का संबंध बहुत पुराना है. गांधी-नेहरू परिवार की तीन पीढ़ियों का उनसे आत्मीय रिश्ता रहा. आज उनसे जुड़े कुछ मज़ेदार किस्से पेश हैं.

भूराबाल साफ करो के नारे ने मचाया था कोहराम, आत्मकथा में लालू ने किया खुलासा

'भूराबाल साफ करो' नब्बे के दशक का वो नारा था जिसने बिहार में जातीय कटुता को खूब गहराई दी. दशकों के बाद भी उस नारे पर चर्चा जारी है, यही वजह है कि लालू ने अपनी आत्मकथा में विस्तार से इस नारे पर लिखा. जानिए क्या कहते हैं लालू.

9 दशक पहले आज ही के दिन बापू ने लिख दिया था अंग्रेज़ों का हिंदुस्तान से पैकअप

आज ही के दिन 89 साल पहले गांधी नाम के राजनीतिक संत ने भारत में ब्रिटिश हुकूमत के अंत की भूमिका लिख दी थी. जानिए ऐसा क्या किया था महात्मा गांधी ने कि कुछ ही साल बाद अंग्रेज़ों को हिंदुस्तान से बोरिया बिस्तर बांधना पड़ा.

वो किस्सा जब राष्ट्रपति बुश की नाराज़गी के बावजूद हिंदुस्तान ने अपने भूखे दोस्त क्यूबा को खाना खिलाया

भारत दोस्तों का दोस्त है. ये साबित हुआ था साल 1991 में. सोवियत यूनियन ढह रहा था और उसके साये में पल रहे कई देश भूखे और डर से सहमे थे. उस वक्त भारत की आर्थिक ताकत आज जैसी नहीं थी, फिर भी नाराज़ अंकल सैम उर्फ अमेरिकी राष्ट्रपति की...

उमर अब्दुल्ला जिस ‘सदर-ए-रियासत’ और ‘वज़ीर-ए-आज़म’ की बात कर रहे हैं उसकी बात शुरू कहां से हुई?

देश लोकसभा चुनाव की दहलीज़ पर है तो जम्मू-कश्मीर का मसला गर्म होना ही था. उमर अब्दुल्ला ने पीएम मोदी को ऐसा मौका दे भी दिया. एक बार फिर मुख्यमंत्री की जगह वज़ीर-ए-आज़म और गवर्नर की जगह सदर-ए-रियासत का पद स्थापित करने की मांग पर बवाल खड़ा हो गया है....

अखिलेश ने किया सेना में अहीर रेजीमेंट का वादा, जानिए कब हुई सेना में जाति की घुसपैठ?

अखिलेश यादव ने सेना में अहीर रेजीमेंट बनाने की बात छेड़कर सेना में जातिगत भर्ती के मामले को हवा दे दी है. इस मुद्दे पर पहले भी कई बार टकराव होता रहा है, आज आपको बताते हैं कि सेना में जाति का फैक्टर आखिर कब से शुरू हुआ.

जिसकी बंदूक से थर्राया अमेरिका उसने गांधी और भारतीय दर्शन को किया था नमन

जिसने अमेरिका से संघर्ष में जीवन बिता दिया और अंत में उनकी गोलियों का ही शिकार हुआ उसने भारतीय दर्शन और गांधी को नमन किया. जानिए उस शख्स के बारे में.

युद्ध की आग में बचपन कैसे होते हैं राख, एक ऐतिहासिक तस्वीर का किस्सा

किसी भी चीज़ की अति बुरी होती है, फिर चाहे वो राष्ट्रवाद ही क्यों ना हो. कैसे हिटलर के पागलपन ने बच्चों से बचपन छीन लिए, एक ऐतिहासिक फोटो के ज़रिए बता रहे हैं आज..

जब कमला नेहरू बीमार थीं तब जवाहरलाल नेहरू एडविना से इश्क फरमा रहे थे – सच या झूठ ?

जवाहरलाल नेहरू को लेकर अक्सर सोशल मीडिया पर सच्चे-झूठे ज्ञान का प्रदर्शन चलता रहता है. बिन पांव की अफवाह की तरह ऐसे वायरल मैसेज हर कहीं दिख जाते हैं. ऐसी ही एक पोस्ट हमारी नज़र में आई जिसमें दावा किया गया कि जब कमला नेहरू टीबी से पीड़ित थीं ,...

भारतीय प्रधानमंत्री ने ऐसा क्या किया था कि बिलबिलाए अमरीकियों ने कहा- बिच और बास्टर्ड

एक भारतीय प्रधानमंत्री के हौसले के सामने अमरीकी नेतृत्व दांत पीसता रह गया. अमरीकी धौंस उस पीएम को झुका नहीं सकी. उस पीएम ने वही किया जो ठाना और फिर जब सालों बाद बातचीत के कागज़ात सामने आए तो मालूम चला कि अमरीकी राष्ट्रपति और उसके सलाहकार ने बौखलाहट में...

काली मिर्च ना होती तो क्या हिंदुस्तान ना बना होता अंग्रेज़ों का गुलाम ?

काली मिर्च जितनी आम लगती है उतनी है नहीं. जंग के बाद समझौतों और कई बार तो जंग की वजह भी बनी है काली मिर्च. आइए आपको सुनाएं काली मिर्च की सुनहरी दास्तान..

75 साल तक संघ-बीजेपी के हर उतार-चढ़ाव को देखने वाले इस नेता की पारी 2019 में होगी खत्म?

बीजेपी में जनरेशन शिफ्ट पिछले लोकसभा चुनाव से ही होने लगा था और इस चुनाव तक लग रहा है कि ये चक्र पूरा हो जाएगा. इस चक्र की आखिरी कड़ी जो नेता बन रहा है वो पार्टी से नाराज़ है. आइए एक नज़र डालते हैं उसी नेता के करियर ग्राफ...

‘महिंद्रा एंड मोहम्मद’ क्यों बनी थी ‘महिंद्रा एंड महिंद्रा’? पढ़िए दुनिया की सबसे बड़ी ट्रैक्टर कंपनी का किस्सा

'महिंद्रा एंड महिंद्रा' हमेशा ही 'महिंद्रा एंड महिंद्रा' नहीं थी, वो एक दौर में 'महिंद्रा एंड मोहम्मद' भी थी. फिर क्या हुआ जो नाम कंपनी का नाम ही बदलना पड़ गया. पढ़िए एक और दिलचस्प किस्सा..

ज़िंदगी भर जितना चले बापू उतने में पृथ्वी के लग सकते हैं दो चक्कर, पढ़ें- सेहत से जुड़ी नई जानकारियां

महात्मा गांधी सिर्फ राजनीति ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य संबंधी मामलों में भी बेहद दिलचस्पी रखते थे. ऐसे में पहली बार खुद उनकी सेहत से जुड़ी कई नई जानकारियों का खुलासा हो रहा है.

एक गांव जहां मशहूर हस्तियां सड़क किनारे बैठ करती हैं दुनियाभर की बातें

जिन हस्तियों से मिलने की बात आप सोच भी नहीं सकते उनसे मुलाकात का ख्वाब यहां सच होता है. शहरों के शोर से दूर इस गांव में सब कुछ है, सिवाय आपाधापी और हंगामे के..

वो मज़ेदार किस्सा जब अमिताभ बच्चन के दोस्त की मदद करके ‘फंस’ गए कॉमेडियन महमूद..

अमिताभ बच्चन अपने एक दोस्त को स्टार कॉमेडयन महमूद से मिलाने मुंबई ले गए. लोकप्रियता और दौलत के शिखर पर बैठे महमूद ने उस मुलाकात में कुछ ऐसा किया कि मज़ेदार किस्सा बन गया.

मोदी राज में बेटिकट हुए आडवाणी ऐसे बने थे पहली बार पार्टी अध्यक्ष ? बेहद दिलचस्प है ये किस्सा

साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की ओर से लालकृष्ण आडवाणी को टिकट नहीं दिया गया है. कभी इन्हीं आडवाणी की छत्रछाया में बीजेपी ने विस्तार किया था. आपको बता रहे हैं वो दिलचस्प किस्सा कि आडवाणी पहली बार बीजेपी के अध्यक्ष कैसे बने थे.

प्रियंका गांधी जिस ‘स्वराज भवन’ में ठहरीं उसके इस इतिहास से आप होंगे अनजान

प्रियंका गांधी की पहली परीक्षा पूर्वी उत्तर प्रदेश में तय हुई है जहां उनके पुरखों ने राजनीति का ककहरा सीखा और महात्मा गांधी के मार्गदर्शन में राजनीति को नई दिशा दी. ऐसे में प्रियंका प्रयागराज स्थित अपने पुराने घर पहुंचीं जिसे देश आनंदभवन के नाम से जानता है. आइए आज...

नेहरू की वजह से भारत नहीं बन सका सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य – सच या झूठ ?

जब भी चीन संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत के खिलाफ वीटो लगाता है तब एक पुराना विवाद उठ खड़ा होता है. चीन को वीटो शक्ति दिलाने में नेहरू की कितनी भूमिका रही ये हमेशा धुंधलके में रहा. आज इसी विवाद से हम धूल हटा रहे हैं.

वो पल जब अजीत डोभाल के सामने भारतीयों ने नहीं लगाए ‘भारत माता की जय’ के नारे

भारत सरकार के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के खाते में भले ही हजारों उपलब्धियां हों, लेकिन कुछ मलाल उन्हें भी हैं. उन्हीं में से एक दुख के बारे में हम आपको बता रहे हैं.