पॉली उमरीगर की याद में BCCI देती है अवॉर्ड, वो किस्सा जब मैच से ठीक पहले छोड़ दी कप्तानी

सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) वो पहले खिलाड़ी हैं जिन्हें पॉली उमरीगर अवॉर्ड (Polly Umrigar Award) से सम्मानित किया गया था. उनके बाद वीरेंद्र सहवाग, राहुल द्रविड़, गौतम गंभीर जैसे पूर्व खिलाड़ियों भी इस अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है.

‘ए मुंडा ते बड़ा भागांवाला ए’, जानें- शहीद दिवस पर भगत सिंह की कुछ पर्सनल और स्पेशल बातें

आइए, आज शहीद दिवस पर अपने नायक भगत सिंह के बारे में कुछ पर्सनल और स्पेशल बातें जानते हैं.

जिनकी जयंती पर ज्योतिरादित्य ने छोड़ी कांग्रेस, उन माधव राव ने भी दिए थे जनसंघ को 10 साल

मध्य प्रदेश की सियासी बिसात में ज्योतिरादित्य सिंधिया किंगमेकर बनने जा रहे हैं. कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के लिए मुसीबत खड़ी करके उन्होंने कांग्रेस का दामन छोड़ दिया. अब वह बीजेपी में जा रहे हैं और ऐसे समय में लोग उनके परिवार के राजनैतिक इतिहास को याद कर रहे हैं.

111 साल पुराना है Women’s Day का इतिहास, जानिए 8 मार्च को ही क्यों करते हैं सेलिब्रेट

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women's Day) का 111 साल पुराना एक समृद्ध इतिहास रहा है. इसकी पहली झलक 1909 में देखने को मिली थी, जब न्यूयॉर्क में करीब 15 हजार महिलाएं सड़क पर उतर गई थीं.

औरंगज़ेब का सत्ता संघर्ष : दारा शिकोह समेत तीनों भाइयों के कत्ल और शाहजहां की नजरबंदी का सच

आगरा शहर को समर्पित इस खंड में लेखक ने औरंगज़ेब और उसके भाइयों दारा शिकोह, शाह शुजा और मुराद बख्श के बीच शाहजहां के तख्त हासिल करने को लेकर हुए खूनी संघर्ष की पड़ताल की है.

1992 का सीलमपुर : उपद्रवियों को मारने के लिए जब रात भर दफ्तर में डटा रहा दबंग IPS

उस IPS की मुंहजुबानी जिसने 28 साल पहले एक सिपाही को सीलमपुर इलाके में उपद्रवियों द्वारा महज चाकू मारे जाने के बदले निपटा दिए थे 20-25 दंगाई.

राजेंद्र प्रसाद : वो राष्ट्रपति जिसने पहले देश को दिया संविधान, बाद में निभाया भाई का धर्म

28 फरवरी को देश अपने प्रथम राष्‍ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती मनाता है. उन्‍हें इतिहास एक ऐसे कर्मठ नेता के रूप में याद करता है जो अपने कर्तव्‍य को सबसे ऊपर रखते थे.

बालाकोट एयर स्‍ट्राइक : घर में घुसकर तबाह किए थे PAK के आतंकी कैंप, पढ़ें ‘ऑपरेशन बंदर’ की पूरी कहानी

14 फरवरी को पुलवामा में हमला हुआ था. सिर्फ 12 दिन बाद, हमने बालाकोट कर दिया. आखिर कैसे इतने कम समय में प्‍लान किया गया ये ऑपरेशन. पढ़ें बालाकोट एयर स्‍ट्राइक की पूरी कहानी.

यहां एक साथ रहते हैं 60 देशों के खास लोग, पढ़ें- फ्रांस से आकर पाांडिचेरी में किसने बनाया ऑरोविल

पांडिचेरी में मीरा अल्फांसा और उनके पति पॉल रिचर्ड ने श्रीअरविंद के साथ मिलकर आर्य नामक एक पत्रिका की शुरूआत भी की. साल 1920 में वह दोबारा पांडिचेरी आईं और हमेशा के लिए भारत में रहीं.

अमेरिकी प्रेसिडेंट के पास क्‍यों है सबसे तगड़ी सिक्‍योरिटी? जानिए किन साजिशों से लिया सबक

जबसे डोनाल्ड ट्रंप के भारत आने की खबर आई है तबसे ही उनकी सिक्योरिटी को लेकर चर्चाएं हो रही हैं. उनकी कार से लेकर एयरफोर्स प्लेन तक की लोग बातें कर रहे हैं. क्या कभी किसी ने सोचा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति की इतनी सुरक्षा क्यों की जाती है?

नेशनल म्यूजियम में नॉनवेज पर रोक: क्या सिंधु घाटी सभ्यता में शाकाहारी थे लोग?

म्यूजियम 25 फरवरी तक ‘Historical Gastronomica’ यानी ऐतिहासिक पकवानों का कार्यक्रम भी आयोजित कर रही है. कार्यक्रम में सिंधु घाटी सभ्यता के खान पान का अनुभव दिलाने के लिए विशेष मेन्यू बनाया गया है.

नेहरू से मोदी तक कई प्रधानमंत्री बने ‘गुरुजी’ के प्रशंसक, सामने कभी कुर्सी पर नहीं बैठे अटल

नागपुर के बाद साल 1927 में उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से एमएससी की डिग्री हासिल की. वह राष्ट्रवादी नेता और बीएचयू के संस्थापक मदन मोहन मालवीय से बहुत प्रभावित थे. आध्यात्मिक तौर पर वह स्वामी विवेकानंद के गुरुभाई अखंडानंद के शिष्य बने.

सिर आगरा और धड़ दिल्ली में दफन, पढ़िए- दारा शिकोह की कब्र को तलाशने में क्यों हो रही मुश्किल

शाहजहां के बड़े बेटे दारा शिकोह का उसके भाई औरंगजेब ने बेरहमी से कत्ल कर दिया था. दारा को उदारवादी मुस्लिम बताया जाता है. क्योंकि उसने हिंदू और मुस्लिम परंपराओं में समानता की तलाश करने की कोशिश की थी.

Teddy Day History : अमेरिका का वो राष्‍ट्रपति जिसके एक इनकार से दुनिया में आए क्‍यूट ‘टेडी बियर’

वेंलेंटाइन वीक के हर एक दिन की तरह टेडी डे के पीछे भी एक खास कहानी है. ये कहानी जुड़ी है अमेरिका के राष्‍ट्रपति रहे थियोडोर रूजवेल्‍ट से.

गुरु रविदास जयंतीः जानिए क्यों पिता ने नाराज होकर घर से निकाल दिया था

संत रविदास अपनी कविताओं के लिए प्रसिद्ध हैं जो मुख्यतः दोहों और पदों के रूप में प्रचलित हैं. इन कविताओं के जरिए उन्होंने समाज में प्रचलित आडंबर और कुप्रथाओं पर गहरी चोट की है.

कौन थे भूपेंद्र कुमार दत्ता, लोकसभा में भाषण के दौरान पीएम मोदी ने लिया जिनका नाम

पीएम मोदी ने कहा कि भारत-पाकिस्तान का बटवारा होने के बाद वे पाकिस्तान में ही रह गए थे और वहां की संविधान सभा के सदस्य थे. संविधान बनने का काम शुरुआती दौर में था तभी उन्होंने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों का दर्द बयान किया था.

23 साल बाद तंजावुर के बृहदेश्वर मंदिर का कुंभाभिषेकम, जानें- UNESCO के विश्व धरोहर का इतिहास और रहस्य

इस पवित्र अवसर पर लाखों श्रद्धालु कावेरी नदी के तट पर मंदिरों के नगर तंजावुर पहुंचे. तंजावुर जिला प्रशासन का दावा है कि इस कुंभाभिषेकम में दस लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए.

Air India को खरीदने के लिए Tata Group की दूसरी कोशिश, पढ़ें- क्या है इस डील की सबसे बड़ी वजह

आइए, हम जानने की कोशिश करते हैं कि टाटा समूह की ओर से शुरू की गई विमान सेवा कैसे भारत सरकार की कंपनी हो गई. किन वजहों से फिर से टाटा समूह के स्वामित्व में इसका जाना लगभग तय हो गया है.

Budget 2020 : कौन लाया था पहला बजट ? पढ़ें- भारत में कैसे और क्यों आया था इनकम टैक्स

क्या आप जानते हैं कि यह टैक्स अपने देश में कब अस्तित्व में आया और किन बदलावों के साथ यहां तक पहुंचा है. अपने देश में इनकम टैक्स बतौर कानून पहली बार 160 साल पहले आया था.

सिर्फ UP DGP के रिटायरमेंट पर विदाई देने निकलती है ये कार, जानें पूरा इतिहास

उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह के रिटायरमेंट के खास मौके पर पुलिस विभाग ने लखनऊ पुलिस लाइन पर शानदार समारोह का आयोजन किया और परेड के साथ डॉज किंग्सवे विंटेज कार में उन्हें बिठाकर विदाई दी.

पैर छूकर बापू को गोली मारने वाले गोडसे ने खुद लड़ा था अपना केस, जानिए क्यों नहीं किया था वकील

पूरा देश 30 जनवरी को काले दिन के रूप देखता है क्योंकि इसी दिन सत्य और अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. गांधी जी की हत्या के जुर्म में नाथूराम गोडसे और नारायण आप्टे को 15 नवंबर 1949 को फांसी दी गई.

महात्मा गांधी के बचपन का वो किस्सा जब उन्होंने पहली बार कहा था ‘हे राम’

30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि मनाई जाती है. इसी दिन नाथूराम होडसे की पिस्टल से निकली गोलियों ने गांधी जी की जान ले ली थी और उनके मुंह से अंतिम शब्द निकले थे 'हे राम.'

‘शेरे पंजाब’ लाला लाजपत राय, जिनकी वजह से भगत सिंह ने पहली बार उठाई बंदूक

एक सफल वकील, प्रतिष्ठित आर्यसमाजी, श्रमिकों का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाले, पहले स्वदेशी 'पंजाब नेशनल बैंक' की स्थापना करने वाले, हिंदी-उर्दू-पंजाबी का उत्थान करने वाले, ये सारे लाला जी के व्यक्तित्व के कई सारे पहलू हैं.

इस जगह आकर महात्मा गांधी ने घड़ी और काठियावाड़ी सूट पहनने से कर ली थी तौबा

30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि होती है, इस मौके पर हम उनसे जुड़े किस्से बता रहे हैं. जब लंदन से बैरिस्टर की पढ़ाई करके वह लौटे तो सूट बूट में रहते थे. फिर चौथाई शरीर पर धोती तक कैसे आए. चलिए बताते हैं.

द होलोकॉस्‍ट : 4 साल में मारे गए 60 लाख से ज्‍यादा यहूदी, पढ़ें कैसे अंजाम दिया गया इतिहास का सबसे बड़ा नरसंहार

1945 आते-आते यूरोप के अधिकतर यहूदी मारे जा चुके थे. 2,000 साल तक जो संस्‍कृति फली-फूली, वह लगभग खत्‍म हो चुकी थी.

महात्मा गांधी ने बताया क्यों उनके साथी को लोग प्यार से कहते थे ‘प्याज चोर’

30 जनवरी को गांधी की बरसी होती है, इसलिए हमने सोचा कि इस बार आपको उनसे जुड़े कुछ किस्से सुनाए जाएं. पहला किस्सा मोहनलाल पंड्या का है जिन्हें गांधी ने 'प्याजचोर' की सम्मानित पदवी दिलाई थी.

जब सरदार पटेल ने सुभाष चंद्र बोस पर कर दिया था केस, पढ़ें नेताजी के तीन किस्से

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 123वीं जयंती है. पूरा देश उनके योगदान को याद कर रहा है. 23 जनवरी 1897 को कटक में जन्मे नेताजी का कद क्रांतिकारियों में सबसे बड़ा है. आइए जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ रोचक किस्से.

वो पल जब अजीत डोभाल के सामने भारतीयों ने नहीं लगाए ‘भारत माता की जय’ के नारे

भारत सरकार के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के खाते में भले ही हजारों उपलब्धियां हों, लेकिन कुछ मलाल उन्हें भी हैं. उन्हीं में से एक दुख के बारे में हम आपको बता रहे हैं.

‘तानाजी’ में इतिहास से छेड़छाड़ से नाखुश सैफ, जानिए उनके किरदार उदयभान की असली कहानी

उदयभान राठौर का इतिहास में क्या स्थान है, उन्होंने औरंगजेब के साथ जाना क्यों स्वीकार किया, औरंगजेब ने कोंढाना जैसे महत्वपूर्ण किले की जिम्मेदारी उन्हें क्यों सौंपी, आइए जानते हैं.

जनरल करियप्‍पा ने क्‍यों की थी संविधान को खत्‍म कर मिलिट्री शासन की वकालत?

करियप्पा का मानना था कि अगर लोगों को लगता है कि राष्ट्रपति शासन और मिलिट्री शासन उन्हें सुरक्षा, बेहतर जीवन और प्रशासन दे सकता है तो इसकी मांग करने का उन्हें अधिकार है.