Opinion: पैदल चल पड़े मजदूर ट्विटर नहीं चलाते, बेकार है उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग पर ट्रोल करना

वो तो अच्छी बात है कि सड़क पर पैदल जा रहे मजदूर ट्विटर-फेसबुक पर अपने खिलाफ माहौल बना रहे इन ज्ञानचंदों की शक्ल नहीं देख पा रहे, नहीं तो शायद वही वाजिब जवाब दे पाते.

व्यंग्य: CoronaVirus से जंग में हॉलीवुड स्टार्स से पीछे हमारे सेलेब्रिटी, ज्ञान देंगे दान नहीं

बॉलीवुड सेलेब्रिटीज इस मुहिम में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने छोटी सी कविता पोस्ट की, अक्षय कुमार (Akshay Kumar) ने अपील की, कार्तिक आर्यन  (Kartik Aryan) ने अपना सिग्नेचर मोनोलॉग सुनाया और ऐसे कई लोगों ने रगड़ के हाथ धोना और मास्क पहनना सिखाया.

Holi 2020: काम, बसंत, मसाना, रंग, तरंग, राम, कृष्‍ण और शिव, यही है होली का सार

होली प्रेम की वह रसधारा है, ऐसा उत्सव है, जो हमारे भीतर के कलुष को धोता है. होली में राग, रंग, हँसी, ठिठोली, लय, चुहल, आनंद और मस्ती है. इस त्योहार से सामाजिक विषमताएँ टूटती हैं, वर्जनाओं से मुक्ति का अहसास होता है, जहाँ न कोई बड़ा है, न छोटा;...

Corona से नहीं साहब…डर इसके ‘साइड इफेक्ट्स’ से लगता है!

कोरोनावायरस (Coronavirus) ने पैसे वालों को चिंता में डाल दिया है. खासतौर से भ्रमणकारी भारतीयों को. विदेश भ्रमण के एडिक्ट ऐसे लोगों की तो रातों की नींद ही उड़ गई है.

‘CoronaVirus के बहल बा बयार,’ दुनिया भर में खौफ, मजे में भोजपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री

हमने गुड्डू रंगीला का 'लहंगा में घुसल बा कोरोना' सुना तो लगा कि अकेले गुड्डू ने इस पर रचनाशीलता का प्रदर्शन नहीं किया होगा. उम्मीद के मुताबिक यूट्यूब पर इतने गाने मिले कि दिमाग ने रोना शुरू कर दिया.

व्यंग्य: ताजमहल के गाइड और ब्रोकली समोसे वाले शेफ, ट्रंप के भारत दौरे ने बदली इनकी जिंदगी

दौरा खत्म होने से पहले डिनर पार्टी में तकरीबन 100 महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात की. लेकिन सबसे खास उन लोगों का मिलना रहा जिनकी ट्रंप से मुलाकात ने जिंदगी बदल दी. अपने पेशे के वो खास लोग अब सेलिब्रिटी का रुतबा रखेंगे.

Delhi Violence: आपको दिल्ली की कसम…!अपने शहर को बदसूरत बनाने वालों का साथ कभी न दें

दिल्ली में आज जिन हाथों में पत्थर हैं, कल उनमें से ज्यादातर लोग सबसे अधिक अपराध बोध में होंगे. ऐसी भूल कर चुके होंगे, जिसकी भरपाई नहीं होगी, जिसे याद कर ग्लानि ही होगी.

काश… मेहमान ट्रंप के लौटने तक सब्र रखती कांग्रेस!

लोकतंत्र में विपक्षी दल को सवाल पूछने का सिर्फ हक ही नहीं है, बल्कि उनकी जिम्मेदारी भी है. लेकिन जब अधीर रंजन अमेरिकी राष्ट्रपति को ‘मोगैंबो’ कहते हैं, तो कांग्रेस के सवाल पूछने की मंशा पर सवाल उठते हैं.

व्यंग्य: ‘राजनीतिक व्यवसाय’ के देसी घराने…लाभ-हानि के अपने-अपने पैमाने !

भारतीय राजनीति के व्यवसाय में निवेश करते हुए (वोट डालते हुए) इससे जुड़े जोखिमों को ध्यानपूर्वक समझ लें. निवेश का लॉक-इन पीरियड 5 साल का है. कोई जरूरी नहीं है कि राजनीतिक कंपनियां ‘रिटर्न’ के जो वादे कर रही हैं, वो सही हो.

OPINION : क्या ये अरविंद केजरीवाल के ‘राष्ट्रीय प्रस्थान’ का वक्त है!

शपथ के बाद केजरीवाल ने अपने संबोधन में तस्वीर बिल्कुल साफ कर दी. दिल्ली से एकदम नई राजनीति की शुरुआत का दम भरा और तिरंगे की शान से लहराने की जो शर्तें बताईं, वो समर्थकों के दिलों में उतर गईं.

Opinoin: प्रेमी जोड़ों से ज्यादा विरोधी करते हैं Valentine’s day का इंतजार, एक दिन में हो जाते हैं फेमस

Valentine's day की तैयारी में जहां एक तरफ प्रेमी जोड़े एक्साइटेड रहते हैं, वहीं सिंगल लोग आहत हुए यहां वहां पड़े रहते हैं. सबको उम्मीद होती है कि ये वाला वेलेंटाइन्स डे कुछ अलग होगा. सबसे अलग उम्मीद इस त्योहार के विरोधियों की होती है.

Opinion: जनता के पैसे से जनता को सुविधा देना मुफ्तखोरी नहीं, हार का ठीकरा कहीं और फोड़ें नेता

दिल्ली में मतगणना के बीच पिछड़ती पार्टी बीजेपी के नेता प्रवेश वर्मा ने हार का ठीकरा दिल्ली वासियों पर फोड़ दिया. उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता 'फ्री' के प्रलोभन में बह गई. यह अजीब है कि हार की जिम्मेदारी अपने बयानों और मुद्दों को न देते हुए जनता को...

व्यंग्य: कितनी खूबसूरत ये तस्वीर है…भारतीय राजनीति की यही तकदीर है!

कितनी असीम संभावनाएं हैं इस तस्वीर में! अच्छी और स्वस्थ राजनीति की संभावनाएं. मतभेदों को भुलाने की संभावनाएं. आइंदा एक-दूसरे को गालियां न बकने की संभावनाएं. कुल मिलाकर बोलें तो राजनीति के कायाकल्प की संभानाएं इस तस्वीर में कूट-कूटकर भरी हैं, लेकिन जो दिखता है वो होता कहां है?

Opinion: ऐसे तो इनसे 2024 में भी ना हो पाएगा !

बीजेपी 2019 आमचुनाव से पहले भी कई राज्यों में हारी और उसके बाद भी. बावजूद इसके इन तमाम राज्यों में आमचुनाव के नतीजे बीजेपी के पक्ष में एकतरफा रहे.

Opinion: बहसा-बहसी के लिए तमाशे की बजाय कॉमेडी के तीर छोड़ो कामरा

बहुत सारे लोग इस हरकत पर कुनाल कामरा की बलाएं ले रहे हैं तो कई लोग विरोध भी कर रहे हैं. विरोध तब ज्यादा हो जाता है जब आप अपने विरोधी को उकसाने के लिए पब्लिक के बीच तमाशा खड़ा कर देते हैं.

Opinion : क्या कांग्रेस ने अदनान सामी पर सनाउल्लाह से बात की?

बतौर विरोधी दल कांग्रेस को सवाल उठाने का हक है. लेकिन सामी पर उठाए गए सवाल के पीछे के कमजोर तर्कों ने सनाउल्लाह पर किए गए कांग्रेस के गंभीर सवाल को भी कमजोर कर दिया.

Opinion: बद्दुआ तो हम दुश्मन के लिए भी नहीं करते, शबाना आजमी को एक्सीडेंट के बाद ट्रोल करने वाले कौन

बहुत से लोगों ने विचारधारा को दरकिनार कर मानवता को ऊपर रखा और शबाना आजमी की लंबी उम्र की दुआ की. वहीं फेसबुक-ट्विटर पर अनगिनत पोस्ट नजर आए जिनमें संवेदनहीनता की पराकाष्ठा पार की गई है.

ओपिनियन : ‘शाहीन’ की उड़ान को नियंत्रित करने का वक्त!

किसी बात या फैसले के विरोध का अधिकार सबको है. लेकिन दूसरे लोगों की कीमत पर नहीं. शाहीन बाग के लोग विरोध जारी रख सकते हैं लेकिन तरीका बदला जा सकता है.

Opinion: Chhapaak के समर्थन में उतरे तेज प्रताप यादव ने किसकी प्रेरणा से पत्नी को घर से निकाला?

छपाक फिल्म आने से पहले दीपिका पादुकोण का JNU जाना सियासी गलियारों में खूब हलचल पैदा कर गया है. ताजा बयान राष्ट्रीय जनता दल के नेता और लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव की तरफ से आया है.

पहले दहाड़े फिर ईरान के टॉप कमांडर्स को मरवाया, अब शांति का पाठ क्‍यों पढ़ा रहे डोनाल्‍ड ट्रंप? पढ़ें वजहें

ईरान के साथ तनाव को बढ़ाकर ट्रंप ने तीसरे विश्‍व युद्ध का खतरा पैदा कर दिया. जब ईरान ने जवाबी हमला किया तो ट्रंप ने शांति का राग अलापना शुरू कर दिया.

Opinion: JNU में कितना अंधेरा था जो दीपिका को देख नहीं पाए कन्हैया कुमार?

दीपिका पादुकोण के जाने के बाद जाने के बाद पत्रकारों ने कन्हैया से दीपिका के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा-'अच्छा आईं थी? हम देख नहीं पाए. मेरी कोई बात नहीं हुई. मैं उनसे नहीं मिला.'

‘हम देखेंगे’: हिंदू या मुसलमान के खिलाफ नहीं, फैज की कलम ने तो इंकलाब के रंग भरे

फ़ैज़ और उनकी मशहूर नज़्म के साथ आज हो रहा है, अगर यही सोच चार सौ साल पहले कबीर के वक्त होती तो कबीर को भी थाने में बन्द कर दिया जाता, क्योंकि वे भी 'जो घर फूंके आपना चले हमारे साथ' का ऐलान कर रहे थे.

Opinion : दीवारों से खून के छींटे तो मिट जाएंगे, JNU की साख पर चस्पा दाग कैसे धुलेंगे?

5 जनवरी की शाम और रात को जो कुछ जेएनयू कैंपस में हुआ, उसकी बुनियाद 1 जनवरी को ही रख दी गई थी.

ऐसे थे डीपी त्रिपाठी! ”बीमारी का पता चला तो दोस्‍तों को पार्टी दी, चलते वक्‍त बोले-कैंसर हो गया है”

वो साल 2016 की सर्दियां थीं. डीपीटी का फोन आया, "हेमंत जी परसों मित्रों के साथ रसरंजन हैं. वीणा को भी लाइएगा. कोई 15-20 मित्र हैं. कुछ मित्र नेपाल और पाकिस्तान से भी आ रहे हैं.''

नागरिकों को पाकिस्तान भेजने का हक ‘एसपी साहब’ को किसने दिया?

मेरठ के सिटी एसपी ने जो बोला वो डायलॉग सोशल मीडिया के ट्रोल्स बोलते हैं. तो क्या खाकी वर्दी के हथकंडों में लाठी चार्ज, आंसू गैस, वॉटर कैनन के अलावा अब सोशल मीडिया ट्रोलिंग के डायलॉग भी शामिल हो चुके हैं?

व्यंग्यः बॉडी शेमिंग के खिलाफ जो कोई नहीं कर सका, शिवसैनिकों ने कर दिया वो काम

घर में भी बूढ़ी दादियां गंजे लोगों को कहती हैं कि इनका ललाट बड़ा है. ये संपत्ति की निशानी है. वह गलत नहीं कहतीं. दुनिया के सबसे अमीर आदमी अमेजन वाले जेफ बेजोस को देख लो.

व्यंग्य: राहुल गांधी को पेट्रोल बम कहने वाले बारूदी बयानों के बेताज बादशाह अनिल विज

अनिल विज की बात करें तो वह हरियाणा के गृह मंत्री हैं, लेकिन सिर्फ इतना परिचय देना उनके पराक्रम के साथ अन्याय होगा. वे अपने कामों से ज्यादा बयानों की वजह से जाने जाते हैं.

कॉलम: महाराष्ट्र राज्यपाल ने कहा ‘संस्कृत के श्लोक पढ़ने से रुकेंगे रेप,’ लेकिन कैसे

राज्यपाल ने ये नहीं बताया कि महाकवि कालिदास के अभिज्ञान शाकुंतलम के श्लोक भी उतने ही एंटी क्रिमिनल माइंड हैं जितने बाणभट्ट रचित हर्षचरितम के, या दोनों की मारक क्षमता में डिफरेंस है?

व्यंग्य: आंध्र प्रदेश में होंगी तीन राजधानी, UPSC की परीक्षा देने वाले हो जाएंगे कनफ्यूज

अब आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के पास रोजगार के अवसर तलाशने के लिए तीन ऑप्शन और होंगे.