Opinion: बद्दुआ तो हम दुश्मन के लिए भी नहीं करते, शबाना आजमी को एक्सीडेंट के बाद ट्रोल करने वाले कौन

बहुत से लोगों ने विचारधारा को दरकिनार कर मानवता को ऊपर रखा और शबाना आजमी की लंबी उम्र की दुआ की. वहीं फेसबुक-ट्विटर पर अनगिनत पोस्ट नजर आए जिनमें संवेदनहीनता की पराकाष्ठा पार की गई है.

ओपिनियन : ‘शाहीन’ की उड़ान को नियंत्रित करने का वक्त!

किसी बात या फैसले के विरोध का अधिकार सबको है. लेकिन दूसरे लोगों की कीमत पर नहीं. शाहीन बाग के लोग विरोध जारी रख सकते हैं लेकिन तरीका बदला जा सकता है.

Opinion: Chhapaak के समर्थन में उतरे तेज प्रताप यादव ने किसकी प्रेरणा से पत्नी को घर से निकाला?

छपाक फिल्म आने से पहले दीपिका पादुकोण का JNU जाना सियासी गलियारों में खूब हलचल पैदा कर गया है. ताजा बयान राष्ट्रीय जनता दल के नेता और लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव की तरफ से आया है.

पहले दहाड़े फिर ईरान के टॉप कमांडर्स को मरवाया, अब शांति का पाठ क्‍यों पढ़ा रहे डोनाल्‍ड ट्रंप? पढ़ें वजहें

ईरान के साथ तनाव को बढ़ाकर ट्रंप ने तीसरे विश्‍व युद्ध का खतरा पैदा कर दिया. जब ईरान ने जवाबी हमला किया तो ट्रंप ने शांति का राग अलापना शुरू कर दिया.

Opinion: JNU में कितना अंधेरा था जो दीपिका को देख नहीं पाए कन्हैया कुमार?

दीपिका पादुकोण के जाने के बाद जाने के बाद पत्रकारों ने कन्हैया से दीपिका के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा-'अच्छा आईं थी? हम देख नहीं पाए. मेरी कोई बात नहीं हुई. मैं उनसे नहीं मिला.'

‘हम देखेंगे’: हिंदू या मुसलमान के खिलाफ नहीं, फैज की कलम ने तो इंकलाब के रंग भरे

फ़ैज़ और उनकी मशहूर नज़्म के साथ आज हो रहा है, अगर यही सोच चार सौ साल पहले कबीर के वक्त होती तो कबीर को भी थाने में बन्द कर दिया जाता, क्योंकि वे भी 'जो घर फूंके आपना चले हमारे साथ' का ऐलान कर रहे थे.

Opinion : दीवारों से खून के छींटे तो मिट जाएंगे, JNU की साख पर चस्पा दाग कैसे धुलेंगे?

5 जनवरी की शाम और रात को जो कुछ जेएनयू कैंपस में हुआ, उसकी बुनियाद 1 जनवरी को ही रख दी गई थी.

ऐसे थे डीपी त्रिपाठी! ”बीमारी का पता चला तो दोस्‍तों को पार्टी दी, चलते वक्‍त बोले-कैंसर हो गया है”

वो साल 2016 की सर्दियां थीं. डीपीटी का फोन आया, "हेमंत जी परसों मित्रों के साथ रसरंजन हैं. वीणा को भी लाइएगा. कोई 15-20 मित्र हैं. कुछ मित्र नेपाल और पाकिस्तान से भी आ रहे हैं.''

नागरिकों को पाकिस्तान भेजने का हक ‘एसपी साहब’ को किसने दिया?

मेरठ के सिटी एसपी ने जो बोला वो डायलॉग सोशल मीडिया के ट्रोल्स बोलते हैं. तो क्या खाकी वर्दी के हथकंडों में लाठी चार्ज, आंसू गैस, वॉटर कैनन के अलावा अब सोशल मीडिया ट्रोलिंग के डायलॉग भी शामिल हो चुके हैं?

व्यंग्यः बॉडी शेमिंग के खिलाफ जो कोई नहीं कर सका, शिवसैनिकों ने कर दिया वो काम

घर में भी बूढ़ी दादियां गंजे लोगों को कहती हैं कि इनका ललाट बड़ा है. ये संपत्ति की निशानी है. वह गलत नहीं कहतीं. दुनिया के सबसे अमीर आदमी अमेजन वाले जेफ बेजोस को देख लो.

व्यंग्य: राहुल गांधी को पेट्रोल बम कहने वाले बारूदी बयानों के बेताज बादशाह अनिल विज

अनिल विज की बात करें तो वह हरियाणा के गृह मंत्री हैं, लेकिन सिर्फ इतना परिचय देना उनके पराक्रम के साथ अन्याय होगा. वे अपने कामों से ज्यादा बयानों की वजह से जाने जाते हैं.

कॉलम: महाराष्ट्र राज्यपाल ने कहा ‘संस्कृत के श्लोक पढ़ने से रुकेंगे रेप,’ लेकिन कैसे

राज्यपाल ने ये नहीं बताया कि महाकवि कालिदास के अभिज्ञान शाकुंतलम के श्लोक भी उतने ही एंटी क्रिमिनल माइंड हैं जितने बाणभट्ट रचित हर्षचरितम के, या दोनों की मारक क्षमता में डिफरेंस है?

व्यंग्य: आंध्र प्रदेश में होंगी तीन राजधानी, UPSC की परीक्षा देने वाले हो जाएंगे कनफ्यूज

अब आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के पास रोजगार के अवसर तलाशने के लिए तीन ऑप्शन और होंगे.

व्यंग्य: वित्तमंत्री से रिजर्व बैंक गवर्नर तक, कैलासा में बड़े पदों पर बैठेंगे ये लोग

अगर ये ब्रांड न्यू कंट्री बनाने का आइडिया हमारे देश के कर्णधारों को मिल गया होता तो आज हमारे यहां जुर्म आधा होता और देश डबल.

इन सबको भी फांसी दो! हैदराबाद में डॉक्टर के साथ हैवानियत का वीडियो ढूंढ रहे दरिंदे

दुनियाभर में सबसे ज्यादा देखी जाने वाली टॉप 100 पॉर्न साइट्स में से एक वेबसाइट में वेटनरी डॉक्टर के नाम को सबसे ज्यादा सर्च किया गया.

महमूद अली जी! जिस पुलिस ने नहीं लिखी FIR उस पर अपनी बहन से ज्यादा भरोसा कैसे करती पीड़िता?

पीड़िता की बहन ने बताया कि वे जब शिकायत करने गए तो उनकी FIR नहीं लिखी गई, बताया कि मामला दूसरे थाने का है. पीड़िता की मां ने कहा कि पुलिस ने शुरुआत में लापरवाही की नहीं तो बेटी जिंदा होती.

“सुनो… अंधेरा होने से पहले घर आ जाना, अब डर लगता है बेटी सुरक्षित घर पहुंचेगी या नहीं?”

शर्म आती है कि एक ऐसे देश में रह रहे हैं हम लोग, जहां पर लोग अपनी हवस को मिटाने के लिए किसी भी हद तक चले जाते हैं. ऐसे लोगों के लिए केवल फांसी की सजा उचित नहीं है.

व्यंग्य: रोड पर फ्री में फेंके जाने वाले प्याज के भाव बढ़ने का जिम्मेदार कौन?

प्याज के बिना न सब्जी छौंकी जाती है, न दाल में तड़का लगता है, न सलाद मजा देती है, न चखने में स्वाद आता है, न अंडे में आनंद आता है, न चाऊमीन रुचिकर लगती है.

Opinion : शिवसेना का नया सेक्‍युलरिज्‍म : कैसे ‘सेक्‍युलर’ से ‘सिकुलर’ हो गई भारतीय राजनीति?

ये वही शिवसेना है जिसके नेता संजय राउत ने 2015 में कहा था कि संविधान की प्रस्‍तावना से 'सेक्‍युलर' शब्‍द को निकाल देना चाहिए.

सिद्धांतों का हवन कर दें तो उद्धव को ‘आडवाणी’ बनने में देर नहीं लगती

बहुमत तो मानो राजनीति का नीरस खेल रह गया है. मजा त्रिशंकु सदन में है. सारी संस्थाएं, नेताएं एक्टिव मोड में रहते हैं. ऐसे में दलविहीन संवैधानिक संस्था के लिए मुसीबत पैदा हो जाया करती थी.

आचार्य फिरोज खान पर हमला, संस्कृत और संस्कृति दोनों पर चोट

संस्कृत के बहाने निजी खुन्नस निकालने की ऐसी ही कट्टर सोच बनारस में साल 1655 के आसपास दिखी थी. उस दौर में जब औरंगजेब ने काशी विश्वनाथ मंदिर को ध्वस्त करने का फरमान सिर्फ इसलिए जारी किया था कि उसका सगा भाई दाराशिकोह वहां संस्कृत पढ़ता था.

व्यंग्य: संजय राउत जी, राजनीति में साथ जीने-मरने की कसमें खाते ही क्यों हो?

संजय राउत ने कहा 'बीजेपी इंद्र का सिंहासन भी दे तो शिवसेना साथ नहीं आएगी.' चुनाव से पहले का भरत मिलाप बाद में प्रलाप कैसे बन गया?

व्यंग्य: भारतीय पाकशास्त्र की राजनीति में घुसपैठ, जानिए जलेबी की महिमा

दरियागंज के सांसद ने इंदौर जाकर जलेबी खाई तो पूरे ट्विटर के पेट में मरोड़ उठने लगे.

ये तस्वीर नहीं हिंदुस्तान की कैफ़ियत है मियां, मंदिर बने या मस्जिद बस सलामत रहें हमारी बस्तियां

नवंबर का महीना...हवा में ठंडक, सवेरे का आफताब और रात की चांदनी. सरयू की कलकलाती ध्वनि... मस्जिद की अज़ान...हनुमान गढ़ी की आरती चचा हमारी अयोध्या को किसी की नजर न लगे. लेकिन चचा सुना है कुछ दिनों बाद अयोध्या का फैसला आने वाला है. चचा हम डर लग रहा है....

Diwali:एक नन्‍हा सा दीया और अधंकार के समूचे सागर को पीने की चुनौती

दीपावली भी एक ललित तत्व ही है. ललित प्रस्तुति. ललित संसर्ग. यह लालित्य अपने शास्त्रीय अंदाज में दीपावली पर्व के साथ आता है.

भारतीय राजनीति में निर्दलीय प्रजाति … स्वरूप और संभावनाएं

गोपाल कांडा को रातोंरात दिल्ली उठा लाया गया, इसका मतलब सुपरमैन से ज्यादा शक्ति अब निर्दलीय में है.

हद कर दी आपने…रेप को एंजॉय कौन करता है मोहतरमा?

लड़कियों का रेप हो उसे एंजॉय करें! मजा लें और जब सबूत मिटाने के लिए उनका मुंह दबाकर आखिर में उन्हें मार दिया जाए तब?? अन्ना आप इस पर भी कुछ वाहियात सी पोस्ट लिख देना क्योंकि अच्छे की तो आप से उम्मीद भी नहीं है.

Exit Polls: हारी हुई पार्टी की तरह महाराष्‍ट्र-हरियाणा में लड़ी कांग्रेस

सवाल यह उठता है कि कांग्रेस की इस स्थिति के लिए आखिर कौन जिम्‍मेदार है? पार्टी के नेता और कार्यकर्ता या गांधी परिवार?