छत्तीसगढ़: पूर्व सीएम रमन सिंह को नहीं मिलेगी Z+ सेक्युरिटी, परिवार की सुरक्षा में भी कटौती

उनकी पत्नी वीणा सिंह को जेड के बजाए एक्स श्रेणी की पात्रता होगी, तो उनकी बहू एश्वर्या और बेटी अस्मिता गुप्ता की एक्स श्रेणी की सुरक्षा हटा ली गई है.

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह (Dr. Raman Singh)की सुरक्षा में कटौती की गई है. डॉ. रमन के साथ ही उनके परिवार के सदस्यों की सुरक्षा में भी कमी की गई है. इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है. पूर्व सीएम रमन सिंह को पहले जेड प्लस (Z+) श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी. अब केंद्रीय गृह विभाग की समीक्षा के बाद उनकी सुरक्षा को जेड श्रेणी की कर दी गई है.

वहीं उनकी पत्नी वीणा सिंह को जेड के बजाए एक्स श्रेणी की पात्रता होगी, तो उनकी बहू एश्वर्या और बेटी डॉ. अस्मिता गुप्ता की एक्स श्रेणी की सुरक्षा हटा ली गई है.

बता दें कि केंद्र में गांधी परिवार की सुरक्षा में कटौती का मुद्दा गरमाया हुआ है. कांग्रेसी लगातार इसको लेकर प्रर्दशन कर रहे हैं. मंगलवार को संसद में एसपीजी सुरक्षा संशोधन बिल भी पास हो गया. वहीं अब छत्तीसगढ़ में पूर्व सीएम रमन सिंह और उनके परिवार के लोगों की सुरक्षा में कटौती की गई है.

क्या है Z+ सुरक्षा

जेड प्लस सुरक्षा देस की दूसरी बड़ी सुरक्षा है. इसमें 36 सुरक्षाकर्मी होते है. इनमें 10 एनएसजी (National Security Guards) और SPG (Special Protection Group) कमांडो होते हैं ,साथ ही कुछ पुलिस भी शामिल होती है.

इसमें इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस (Indo- Tibetan Border Police) और सीआरपीएफ (Central Reserve Police Force) के जवान भी सुरक्षा में तैनात होते हैं. इस सुरक्षा में पहले घेरे की ज़िम्मेदारी एनएसजी की होती है जबकि दूसरी परत एसपीजी कमांडो की होती है. साथ ही Z+ सुरक्षा में एस्कॉर्ट्स और पायलट वाहन भी दिए जाते हैं.

क्या है Z सुरक्षा

Z Security में 22 सुरक्षाकर्मी होते है. इसमें पांच एनएसजी कमांडो हर समय मौजूद रहते हैं. इसमें आईटीबीपी ( Indo- Tibetan Border Police) और सीआरपीएफ (CRPF) के अधिकारी सुरक्षा में लगाये जाते है.इस सुरक्षा में भी एस्कॉर्ट्स और पायलट वाहन दिए जाते हैं. साथ ही दिल्ली पुलिस या स्थानीय पुलिस के सुरक्षाकर्मी भी होते हैं.

Y श्रेणी की सुरक्षा

यह सुरक्षा का तीसरा स्तर होता है. कम खतरे वाले लोगों को यह सुरक्षा दी जाती है. इसमें कुल 11 सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं. जिसमें दो कमांडो तैनात होता है.

X श्रेणी की सुरक्षा

इस श्रेणी में दो सुरक्षा गार्ड तैनात होते हैं. जिसमें एक पीएसओ (व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी) होता है. देश में काफी लोगों को एक्स श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है. इस सुरक्षा में कोई कमांडो शामिल नहीं होता.

ये भी पढ़ें-

गुजराल की सलाह मानी होती तो नहीं होता 1984 दंगा, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का बड़ा बयान

सीएम योगी को सपा प्रवक्ता ने बोला ‘अजय सिंह बिष्ट’, केस दर्ज