3 बार सरेंडर किया, जुर्म की दुनिया छोड़ने की कसमें खाईं, अब फिर आतंक का नाम बना डाकू जगन गुर्जर

करीब एक दशक पहले आतंक का दूसरा नाम रहा जगन गुर्जर एक बार फिर सक्रिय हो गया है.

10 लाख का इनामी डाकू जगन गुर्जर जेल से छूटकर कुछ ही हफ्ते पहले आया है. उसकी हरकतों से लगता है कि चंबल घाटी के आस पास बसे गांवों में डकैतों का आतंक भी लौट आया है. तीन दिन पहले जगन गुर्जर ने मुखबिरी के शक में एक परिवार से बदला लिया. बाड़ी के गांव करनसिंह का पुरा में रहने वाले इस परिवार के पुरुष मजदूरी करने गए हुए थे. जगन ने घर की दो महिलाओं को बेरहमी से पीटा और निर्वस्त्र कर गांव में घुमाया. घर के बच्चों को भी पीटा. महिलाएं अस्पताल में भर्ती हैं, पुलिस जगन गुर्जर के पीछे है, मानवाधिकार आयोग ने प्रशासन को नोटिस भेज दिया है.

चंबल नदी की घाटी का कुछ हिस्सा धौलपुर में आता है. यहां करीब एक दशक पहले जगन गुर्जर ने आतंक मचा रखा था. उस समय धौलपुर के एसपी राहुल प्रकाश ने कसम ले रखी थी कि इलाका डकैतों से खाली कर दिया जाएगा. वो अपनी मुहिम में कामयाब भी हो गए थे. जगन गुर्जर पर तब भी इनाम रखा हुआ था. डरे हुए जगन गुर्जर ने सरेंडर कर दिया था. गुर्जर आंदोलन के दौरान जगन गुर्जर ने तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के महल में बम ब्लास्ट की धमकी दी थी. जिसके बाद इनाम बढ़ाकर 10 लाख कर दिया गया था.

ऐसे मचाया आतंक

Jagan Gurjar, 3 बार सरेंडर किया, जुर्म की दुनिया छोड़ने की कसमें खाईं, अब फिर आतंक का नाम बना डाकू जगन गुर्जर

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जगन सबसे पहले करौली जिले की एक मार्केट में फायरिंग की. फिर बीते बुधवार को धौलपुर की तहसील बाड़ी में पहुंचा. वहां मजदूरों पर फायरिंग की और बाजार में आतंक मचाया. दोपहर तीन बजे करनसिंह का पुरा पहुंचा. यहां के एक परिवार पर उसे शक था कि उसने मुखबिरी की है. परिवार के पुरुष घर पर नहीं थे. महिलाओं को बाहर निकालकर पीटा और निर्वस्त्र कर घुमाया. बुरी तरह चोटिल महिलाएं अस्पताल में भर्ती हैं.

पुलिस पहुंचती इससे पहले जगन अपने साथियों के साथ फरार हो गया. पुलिस जब पहुंची तो आस पास के गांवों में दबिश दी. जगन के एक साथी को गिरफ्तार कर लिया गया. उस गांव में पुलिस की तैनाती कर दी गई लेकिन जगन अभी पुलिस की पकड़ से दूर है. गुरुवार रात बसई डांग इलाके में पुलिस और जगन गुर्जर गिरोह का आमना सामना हो गया. भारी फायरिंग हुई. पुलिस की तरफ से करीब 50 राउंड फायर किए गए. अंधेरे की वजह से पुलिस नाकाम रही और डकैत मध्य प्रदेश की सीमा में जा घुसे. पुलिस अब भी घाटी का घेराव करके डकैतों को खोज रही है.

90 मुकदमे

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चंबल में आतंक का दूसरा नाम बन चुके जगन गुर्जर पर 90 मुकदमे दर्ज हैं. मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश के कई थानों में डकैती, अपहरण, फिरौती, हत्या आदि के मुकदमे हैं. जगन तीन बार सरेंडर कर चुका है. 19 अगस्त 2018 को बयाना में आईजी मालिनी अग्रवाल के सामने सरेंडर किया था. उसके पहले 30 जनवरी 2009 में जगन्नाथ मेले में कांग्रेस नेता सचिन पायलट के सामने, 2001 में धौलपुर एसपी बीजू जॉर्ज जोसफ के सामने सरेंडर किया था. 2010 में हथकड़ियों में जकड़े जगन गुर्जर अपनी बेटी की शादी में आया था और जुर्म की दुनिया छोड़ देने की कसम खाई थी. लेकिन वो अब भी अपराध की दुनिया में बना हुआ है.