MP में हैवानियत की हदें पार, चार साल के मासूम को बाप-भाई ने सलाखों से दागा

शास्त्री वार्ड की आंगनबाड़ी केंद्र में इस बात का खुलासा हुआ कि एक पिता और भाई ने अपने चार साल के मासूम के साथ घर में हैवानियत की है.

मध्य प्रदेश के दमोह जिले में हैवानियत का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. क्या कभी आप कल्पना कर सकते हैं कि कोई पिता और भाई अपने चार साल के मासूम को सलाखों से जला सकता है? ऐसा ही कुछ एमपी के दमोह जिले में हुआ है.

इस मामले का खुलासा तब हुआ जब मासूम की बिगड़ी हालात आंगनबाड़ी में देखी गई. इसके बाद मामला पुलिस थाने में दर्ज कराया गया.

एक मासूम के पैरों पर जलने के निशान देखकर इसकी तकलीफ का अंदाजा लगाया जा सकता है. जरा सा जल जाने के बाद हमें और आपको जो तकलीफ होती है उसका एहसास आपको होगा लेकिन जब इसके पैरों का जला हिस्सा देखेंगे तो आप सहम जायेंगे.

ये मासूम पिछले कई दिनों से इस तकलीफ को सहन कर रहा था. शायद किसी से शिकायत नहीं कर सकता था लेकिन जब मासूम ने मासूमियत के साथ अपना मुंह खोला तो सच्चाई डरावनी थी.

मासूम की इतनी बुरी हालात किसी और ने नहीं बल्कि इसके पिता और भाई ने की है. जी हां, आपने सही सुना, पिता और भाई ने हैवानियत की ये दास्तान दमोह जिले के हटा की है.

शास्त्री वार्ड की आंगनबाड़ी केंद्र में इस बात का खुलासा हुआ कि एक पिता और भाई ने अपने चार साल के मासूम के साथ घर में हैवानियत की. दरअसल बुधवार को कई दिनों बाद ये मासूम हटा के शास्त्री वार्ड के आंगनबाड़ी केंद्र आया.

बीते पंद्रह तारीख से बच्चा केंद्र में नहीं आया था, जिस पर आंगनबाड़ी की कार्यकर्ता ने उससे इस बारे में पूछा. जब बच्चे का मुंह खुला तो उसने बताया कि उसके ना आने की वजह सलाखों से उसे जलाया जाना था. पैर में जलन थी, दर्द था और वो नहीं आ सका.

मासूम का जख्म देखकर आंगनबाड़ी कायकर्ता सहम गई. वो एक महिला थीं और बच्चे की तकलीफ देखकर उनका सहमना लाजमी भी था. इसी वक्त महिला बाल विकास विभाग की एक सुपरवाइजर भी केंद्र में आईं. कार्यकर्ता ने पूरी दास्तान बयान की और फिर मामला पुलिस की दहलीज तक पहुंचा.

आंगनबाड़ी केंद्र में सूचना मिलने के बाद पुलिस पहुंची और तफ्तीश की. महज चार साल के मासूम ने सब कुछ बता दिया. हटा पुलिस की कार्यवाही भी इस मामले में कटघरे में आकर खड़ी हो गई है.

एक मासूम के जिस्म पर चोटों के निशान के साथ जलने के निशान हैं. पुलिस ने पंचनामा तैयार किया और इस पंचनामे में भी सब लिखा गया है. लेकिन पुलिस ने आरोपी पिता और भाई पर आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया है. बल्कि जांच का हवाला देकर मामले को टाला जा रहा है.

जांच अधिकारी अभिषेक चौबे ने कहा कि मामला इंसानी रिश्तों को तार-तार कर देने वाला है. हैवानियत की हद है. जब एक मासूम को इस तरह की यातनाएं दी गईं. गर्म सलाखों से जलाया गया और अब जब मामला का खुलासा हुआ तो आरोपी पिता और भाई फरार हैं.

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