गोंडा में दलित नाबालिग के साथ गैंगरेप, परिवारवालों ने पुलिस पर मामला दबाने का लगाया आरोप

इस मामले में पुलिस की तरफ से की जा रही कार्रवाई को लेकर परिवारवालों ने नाराज़गी ज़ाहिर की है. उनका कहना है कि पुलिस ने बिना मेडिकल कराए ही इसे रेप करार दे दिया है.

उत्तर प्रदेश: गोंडा में अपराधी बेखौफ़ हो चुके है, अपराधियों के मन में पुलिस व कानून का कोई डर नहीं रह गया है. पिछले तीन महीने में बढ़ती हत्या, रेप और लूट की घटनाओं ने ज़िला पुलिस की नींद उड़ा दी है.

ताज़ा मामला गोंडा के थाना इटियाथोक क्षेत्र का है जहां एक 12 वर्षीय नाबालिग दलित लड़की के साथ गैंग रेप करने का मामाला सामाने आया है. परिजनों के मुताबिक गांव के ही कुछ लड़कों ने मिलकर इस घटना को अंजाम दिया है.

वहीं इस मामले में पुलिस की तरफ से की जा रही कार्रवाई को लेकर परिवारवालों ने नाराज़गी ज़ाहिर की है. उनका कहना है कि पुलिस ने बिना मेडिकल कराए ही इसे रेप करार दे दिया है. परिवारवालों का कहना है कि पुलिस जान-बूझकर मामले को दबाने की कोशिश कर रही है.

फिलहाल किसी भी आरोपी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है.

परिजन सुबह 7 बजे से एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाने में बैठ रहे लेकिन पुलिस आनाकानी करती रही. इतना ही नहीं वे लड़की का मेडिकल जांच बी करनावे सको तैयार नहीं हो रहे थे .

हालांकि मीडिया में खबर आने के बाद पुलिस हरकत में आई और आईपीसी की धारा 376 व पास्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर नाबालिग लड़की को मेडिकल के लिए भेजा.

परिजनों का कहना है पीड़िता सुबह शौच के लिए बाहर गई थी, सुबह करीब 5 बजे गांव के कुछ दबंगों ने मिलकर नाबालिग का गैंग रेप किया. बाद में नाबालिग जब घर पहुंची तो उसने अपने परिवारवालों को घटना की जानकारी दी.

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