अलवर कांड का एक आरोपी गिरफ्तार, बाइक रोककर पति के सामने किया महिला से गैंगरेप

पीड़‍ित महिला ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने चुनाव का बहाना बनाकर केस दर्ज नहीं किया.

नई दिल्‍ली: राजस्‍थान के अलवर जिले में एक खौफनाक घटना सामने आई है. यहां के थानागाजी में एक पति-पत्‍नी को रास्‍ते में रोककर दलित महिला से सामूहिक बलात्‍कार की वारदात को अंजाम दिया गया. घटना 26 अप्रैल की है. इस दौरान आरोपियों ने युवती के अश्‍लील फोटो और वीडियोज भी बनाए जो बाद में वायरल कर दिए गए. पीड़‍िता ने एसपी अलवर से न्‍याय की गुहार लगाई, तब जाकर मुकदमा दर्ज हुआ.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महिला अपने पति संग ससुराल जा रही थी. बाइपास पर एक गांव के पास कुछ युवकों ने उनकी गाड़ी रुकवाई. दोनों को पास के टीलों में ले जाया गया. पति के साथ जमकर मारपीट की गई और फिर पांचों आरोपियों ने बारी-बारी से पति के सामने ही महिला से बलात्‍कार किया. आरोपियों ने पूरी घटना के वीडियो भी बनाए और धमकी दी कि अगर किसी से कुछ कहा तो सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे.

चुनाव की वजह से पुलिस ने दबाया मामला?

दलित महिला का आरोप है कि उसकी शिकायत के बावजूद पुलिस ने मामला दबाए रखा. घटना के वीडियोज वायरल होने के बाद पुलिस जागी और मुकदमा दर्ज किया. हालांकि अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. एक हिंदी अखबार में छपी रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने मामला दबाने के पीछे चुनाव को वजह बताया. अब पुलिस ने SC/ST एक्‍ट और आईपीसी की धारा 147, 149, 323, 341, 354B, 376(D) और 506 के तहत मामला दर्ज किया है.

गृह विभाग के अतिरिक्‍त सचिव राजीव स्‍वरूप ने कहा है कि आरोपी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीड़‍ित परिवार से रुपये भी ऐंठ चुके हैं. पुलिस इसकी भी जांच कर रही है.

अलवर गैंग रेप मामले में प्रेस वार्ता के दौरान डीजीपी कपिल गर्ग ने कहा- 5 आरोपियों में से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. पकड़े गए आरोपी का नाम इन्द्राज गुर्जर है जोकि ट्रक ड्राइवर है. आरोपी प्रयागपुर गांव का निवासी है. डीजीपी ने बताया कि 14 टीमें आरोपियों की तलाश करने में जुटी हुई हैं.

अलवर गैंग रेप मामले में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी ने कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए सीएम और गृहमंत्री अशोक गहलोत से मागा इस्तीफा मांगा है.

उनके मुताबिक प्रदेश में कानून व्यवस्था खत्म हो गई है, अपराधियो के हौंसले बुलंद हैं. यही नहीं 11 दिन तक रेप का मामला दर्ज नही किया गया. सरकार ने चुनाव के कारण घटना पर पर्दा डाला. रेप की घटना में राजनीतिक षड्यंत्र है.

ये  निर्भया कांड से अधिक वीभत्स घटना है. इस गंभीर घटना को लेकर पॉलिसी, प्रशासन  की गंभीर लापरवाही सामने आ रही है. अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है. सरकार की इंटेलिजेंस फेल हो गई है.

बता दें कि 21 दिन में 19 रेप की घटनाएं हुई हैं. इस मामले पर एहतियात बरतते हुए भाजपा ने एक कमेटी गठित की है और पूर्व महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा, पूर्व वित्त आयोग की अध्यक्ष ज्योति किरण, सांसद रामकुमार वर्मा को कमेटी का सदस्य बनाया है.

 

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