12 साल पहले दफनाए गए शव का फिर होगा पोस्टमॉर्टम, आएशा मीरा केस में आया नया मोड़

आंध्र प्रदेश में 27 दिसंबर 2007 को विजयाड़ा के पास इब्राहिमपटनम स्थित एक छात्रावास में आएशा मीरा की निर्मम हत्या कर दी गई थी.

आंध्र प्रदेश के आएशा मीरा मामले में एक नया मोड़ आ गया है. सीबीआई कब्रिस्तान में दफनाए गए उसके शव का दोबारा पोस्टमार्टम करने के लिए निकालेगी. सीबीआई अधिकारियों ने आएशा मीरा के माता-पिता से संपर्क किया और फिर से पोस्टमार्टम के बारे में बात की. इसके लिए उन्होंने सहमति जताई है.

आपको बता दें कि 27 दिसंबर 2007 को विजयाड़ा के पास इब्राहिमपटनम स्थित एक छात्रावास में आएशा मीरा की निर्मम हत्या कर दी गई थी. फॉरेंसिक टीम के एक्सपर्ट का मानना है कि यदि शरीर पर गंभीर जख्म होगें तो वो दिखाई दे सकते हैं. इतना ही नहीं टूटे हुए हड्डियों पर भी जख्म दिखाई देंगे.

नेताओं के लड़को पर लगे थे आरोप

बता दें कि इस मामले में कुछ प्रमुख नेताओं के लड़कों का नाम आरोपी के तौर पर सामने आए थे, मगर यह साबित नहीं हो पाया. इस मामले में बिना संबंध वाले निर्दोष सत्यम बाबू को पुलिस ने गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश कर दिया था. बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान उसे इतना पिटाई की गई कि वह चलने के काबिल भी नहीं रहा.

मां ने अपना संघर्ष जारी रखा

निचली अदालत ने सत्यम बाबू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, सत्यम ने इस सजा को लेकर होईकोर्ट में अपील की थी, तो हाईकोर्ट ने उसे बाइज्जत बरी कर दिया. बिना किसी अपराध के सत्यम बाबू आठ साल तक जेल में रहा. मगर आएशा मीरा की मां ने अपना संघर्ष जारी रखा.

सीबीआई के हवाले केस

इसके चलते सरकार ने इस मामले को सीबीआई के हवाले कर दिया. सीबीआई अब इस मामले की फिर से जांच कर रही है. कुछ महीने पहले ही अधिकारियों ने फिर से पोस्टमार्टम करने के लिए दफनाए गए शव को निकालने के बारे में सोचा था. मगर कुछ वजहों के चलते ऐसा करना संभव नहीं हो सका. अब अधिकारी 20 दिसंबर से पहले आएशा मीरा के शव का फिर से पोस्टमार्टम करने का फैसला लिया है.

बी फार्मेसी की छात्रा थी आएशा

12 साल पुरानी हत्या के मामले में आज CBI आंध्र प्रदेश के तेनाली शंशंभूमि में आएशा मीरा के शव का एक बार फिर पोस्टमार्टम करने जा रही है.
बता दें कि आएशा मीरा बी फार्मेसी की छात्रा थी और विजयवाड़ा में पढ़ रही थी. 27 दिसंबर 2007 की सुबह अपने हॉस्टल के कमरे में खून से लथपथ हालात में मिली थी.

अब तक क्या-क्या हुआ?

27 दिसम्बर 2007 को हत्या.

11 अगस्त 2008 को सत्यम बाबू को गिरफ्तार किया गया.

2010 में सत्यम बाबू को विजयवाड़ा महिला सेशन स्पेशल कोर्ट ने 14 साल को जेल की सज़ा सुनाई.

31 मार्च 2017 को हाई कोर्ट ने सत्यम बाबू को निर्दोष करार दिया, 8 साल अपना जीवन जेल में गुज़ारने के बाद सत्यम बाबू जेल से रिहा हुआ.

29 नवंबर 2018 को सीबीआई जांच के आदेश दिए हाई कोर्ट ने.

जनवरी 2019 को सीबीआई ने अपनी जांच शुरू की. आज एक बार फिर 12 साल बाद फिर से पोस्टमॉर्टम किया जा रहा है.

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