भाइयों ने चलती कार से फेंका था, एसिड अटैक पीड़‍िता को मां भी अस्‍पताल में छोड़ गई अकेला

पांच दिन गुजर चुके हैं, सलमा की हालत गंभीर बनी हुई है. उसके श्‍वसन तंत्र को नुकसान पहुंचा है और वेंटिलेटर पर रखना पड़े.

नई दिल्‍ली: 22 साल की सलमा अस्‍पताल में रह-रहकर कराह उठती है. उसके चेहरे, गर्दन और छाती पर फफोले पड़ गए हैं. जलन होती है तो वह बेचैन हो जाती है. अस्‍पताल का स्‍टाफ उसे सच बताने की हिम्‍मत नहीं कर पा रहा कि उसकी मां दो दिन पहले ही उसे छोड़कर गायब हो गई है. सलमा के साथ जो हो रहा है, उसने सफदरजंग अस्‍पताल के मेडिकल स्‍टाफ और उसका ध्‍यान रख रहे पुलिसवालों को झकझोर कर रख दिया है. फिलहाल तो वही उसका परिवार बन गए हैं.

वो 9 मई की तारीख थी, जब सलमा के भाइयों ने ही उसे चलती कार से फेंक दिया था और फिर तेजाब से जला दिया था. इरफान और रिजवान को पुलिस अभी तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है. पुल‍िस कहती है कि दोनों भाई कथित तौर पर इस बात से नाराज थे कि सलमा का पड़ोस के एक शादीशुदा शख्‍स से अफेयर चल रहा था, वो दूसरे धर्म का भी है. दोनों भाइयों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्‍या के प्रयास) का मुकदमा दर्ज किया गया है.

दिन भर रुकी, शाम को गायब हो गई सलमा की मां

सलमा बार-बार कहती है, “मेरी मां कहां है? प्‍लीज उन्‍हें कॉल करो.” टाइम्‍स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, नर्सों की एक टीम सलमा का ध्‍यान रख रही है. ड्यूटी पर मौजूद पुलिसवाले उसके लिए पानी, जूस और उन दवाओं का इंतजाम करते हैं जो अस्‍पताल में नहीं मिलतीं. पुलिस ने सलमा को वॉशरूम ले जाने के लिए एक अटेंडेंट भी तैनात कर रखी है.

दो दिन पहले पुलिस ने सलमा की मां को खोज निकाला था और फिर उसे आईसीयू लाया गया. TOI से यूपी पुलिस की एक महिला कांस्‍टेबल ने कहा, “लेकिन वह परेशान औरत बार-बार यही कहती कि उसके पास सलमा का सामना करने या उसका ध्‍यान रखने की हिम्‍मत नहीं है. वह उस दिन तो अस्पताल में रही पर शाम को अचानक गायब हो गई. हमने हर वार्ड में उसे ढूंढा, बाहर भी देखा, पर वह मिली नहीं.”

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