कहीं आप भी तो नहीं खरीद रहे झाड़ू और पत्थर से बना जीरा? हो जाएं सावधान

नकली जीरा बनाने के लिए झाड़ू वाली घास को खास तरीके से शीरे के साथ मिलाया जाता है फिर इसमें बुरादा मिला दिया जाता है.

स्वास्थ्य के हिसाब से बेहद फायदेमंद कहा जाने वाला ‘जीरा’ अब बाजारों में नकली मिल रहा है, जोकि सेहत के जानलेवा साबित हो सकता है. दिल्ली पुलिस ने बवाना इलाके में एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया जहां नकली जीरा बनाया जा रहा था.

दिल्ली पुलिस ने फैक्ट्री से लगभग 19,400 किलो नकली जीरा बरामद किया है. इसे घास, पत्थर के पाउडर और शक्कर के शीरे से तैयार किया जा रहा था. गौरतलब है सेहत के हिसाब से बेहद किफायती माना जाने वाला जीरा अगर इस तरीके बनाया जाएगा तो यह स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक साबित हो सकता है. डॉक्टरों के मुताबिक नकली जीरे के सेवन से किडनी और लिवर से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं.

इस मामले में पुलिस ने फैक्ट्री के मालिक हरिनंदन समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया है. DSP गौरव शर्मा के मुताबिक पुलिस ने बवाना के पूठ खुर्द गांव में एक फैक्ट्री में छापा मारा, जहां 19,400 किलो नकली जीरा, 5250 किलो पत्थर पत्थर का पाउडर, 1600 किलो घास और 1225 किलो जीरा बरामद किया गया.

फैक्ट्री का मालिक हरिनंदन शाहजहांपुर का रहने वाला है. उसने अपने गांव जलालाबाद में नकली जीरा बनाने का काम सीखा. इसके बाद इसी साल अगस्त में बवाना इलाके में एक गोदाम किराए से लिया और नकली जीरा बनाने का काम शुरू किया. इसके लिए वो राजस्थान से कच्चा माल मंगवाता था. हरिनंदन के मुताबिक नकली जीरा बनाने के लिए झाड़ू वाली घास को खास तरीके से शीरे के साथ मिलाया जाता है फिर इसमें बुरादा मिला दिया जाता है.

फैक्ट्री में नकली जीरा बनाने के लिए मजदूरों को 2 रुपये प्रति किलो जीरे के हिसाब से दिए जाते थे.

पुलिस ने बताया कि व्यापारियों को ये नकली जीरा 20 रुपये किलो के भाव से बेचा जा रहा है. व्यापारी इसे असली जीरे के साथ मिलाकर बेचते हैं, जिसमें नकली और असली जीरे का रेशियो 20:80 रखा जाता है. गौरतलब है कि बाजार में असली जीरे की कीमत 400 रुपये प्रति किलो है.