फेसबुक फ़ेक प्रोफाइल की वजह से पकड़ा गया भगोड़ा नीरव मोदी, रखी गई हर कदम पर नजर

लंदन में 20 मार्च 2019 को नीरव मोदी गिरफ्तार कर लिया गया था. उससे पहले ईडी की उसके हर कदम पर नजर थी.

भारत से करोड़ों रुपए का घोटाला करके भागा हीरा कारोबारी नीरव मोदी जब मार्च में लंदन की सड़कों पर टहलता दिखा तो सनसनी फैल गई थी. तब तक सिर्फ अटकलें थीं कि नीरव मोदी लंदन में छिपा बैठा है. नई रिपोर्ट सामने आई है जिसके मुताबिक भारत के प्रवर्तन निदेशालय को इस बात का पता था कि वह लंदन में है. यही नहीं, उसके हर कदम पर नजर रखी जा रही थी.

रिपोर्ट्स के मुताबिक नीरव मोदी पर नजर रखना एक फ़ेक फेसबुक प्रोफाइल की वजह से मुमकिन हुआ. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) एडमंड डांटेस नाम की फेसबुक प्रोफाइल पर नजर रख रही थी. ये प्रोफाइल कोई और नहीं, खुद नीरव मोदी इस्तेमाल कर रहा था.

एडमंड डांटेस की गुमनाम आईडी

इस फ़ेक प्रोफाइल का सुराग ईडी को नीरव मोदी के मुंबई स्थित ऑफिस में छापेमारी के दौरान मिला था. वहां एडमंड नाम से एक ईमेल आईडी मिली. इस आईडी को ट्रेस करने पर उससे जुड़ा हुआ एडमंड डांटेस का फेसबुक प्रोफाइल मिला.

अगस्त 2018 में ईडी को बड़ी कामयाबी मिली. लॉस एंजेलिस में किसी दोस्त से बातचीत करने के लिए एडमंड ने मैसेज किया ‘hi मैं नीरव, मैं फेसबुक पर एक्टिव नहीं हूं इसलिए इस नाम से हूं.’ ये देखते ही ईडी अफसरों के कान खड़े हो गए. उन्होंने सोचा था कि एडमंड नीरव मोदी का कोई साथी होगा लेकिन ये तो खुद नीरव था.

हर कदम की जानकारी

ईडी का शक और गहरा तब हो गया जब एडमंड की प्रोफाइल में नीरव की पत्नी एमी फ्रेंड दिखी. ईडी ने स्कॉटलैंड यार्ड को ये पूरी जानकारी उपलब्ध कराई और नीरव की सारी मूवमेंट पर नजर रखी जाने लगी. एडमंड की मेल आईडी से फोन के कई ऐप्स लिंक थे. उनके नोटिफिकेशन आते रहते थे. वह किसी रेस्टोरेंट में खाना खाए या होटल में ठहरे, सारी जानकारी ईडी को मिलती जा रही थी.

बता दें कि इसी साल 20 मार्च को नीरव अरेस्ट किया गया. 12 जून को यूके के हाईकोर्ट ने चौथी बार उसकी जमानत याचिका खारिज की. फैसले में जज ने कहा था कि भगोड़े व्यापारी के पास भागने के बहुत से तरीके हैं, वह सरेंडर नहीं करेगा. मुंबई की पंजाब नेशनल बैंक से 6 हजार करोड़ रुपए निकालकर जनवरी 2018 में नीरव भारत से भाग गया था.

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