‘हाथ से निकलती प्रॉपर्टी और नाकाम शादी’, अपूर्वा शुक्‍ला ने इसलिए कर दी रोहित शेखर तिवारी की हत्‍या

कैसे कुछ महीनों के भीतर रोहित और अपूर्वा के रिश्‍ते में आ गई थीं दूरियां, पढ़ें.

हाथ से प्रॉपर्टी निकल जाने का डर और एक नाकामयाब शादी. अपूर्वा शुक्‍ला के पास ये दो वजहें थीं रोहित शेखर तिवारी का कत्ल करने की. डिफेंस कॉलोनी वाले घर में 16 अप्रैल की रात जब रोहित को मौत की नींद सुला अपूर्वा अपने कमरे में वापस गई तो खुद को ‘आजाद’ महसूस कर पा रही थी. अपूर्वा के लिए रोहित उसकी बदकिस्‍मती की वजह बन गया था, इसलिए छुटकारा पा लेने का ये तरीका ही उसे ठीक लगा.

अपूर्वा को लगता था कि रोहित शेखर का ‘उस’ औरत से चक्‍कर है. वो सोचती थी कि रोहित की प्रॉपर्टी उसी औरत के 8 साल के बेटे को चली जाएगी, उसे कुछ न मिलेगा. अपूर्वा को रोहित का अफेयर भीतर ही भीतर खाए जा रहा था. पुलिस से अपना जुर्म कबूलते वक्‍त अपूर्वा ने पूरी कहानी तफसील से बताई है कि क्‍यों उसने रोहित से शादी की, और फिर एक रात उसका कत्‍ल भी. टाइम्‍स ऑफ इंडिया ने इसी कबूलनामे के कुछ तथ्‍य छापे हैं.

वकीलों के खानदान से आने वाली अपूर्वा 2012-14 तक दिल्‍ली के लाजपत नगर IV में किराए के मकान में रहा करती थी. सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करती और इंदौर डिस्ट्रिक्‍ट कोर्ट के मुकदमे भी देखती. पर उसका मन राजनीति की तरफ डोलता रहता था. शायद यही ललक शादी के लिए एक वेबसाइट पर प्रोफाइल्‍स देखते वक्‍त रोहित को देखकर जगी होगी. उसे पता चला था कि वो एनडी तिवारी का बेटा है. वही एनडी तिवारी को मुख्‍यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, गवर्नर रह चुके हैं.

रोहित शेखर तिवारी उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत नारायण दत्त तिवारी के बेटे थे.

रोहित संग शादी से जो सोचा था, वो न मिल सका

कुछ महीने रोहित संग घूमने-फिरने के बाद अपूर्वा ने शादी के लिए दबाव बनाया. 11 मई, 2018 को शादी हो गई पर अपूर्वा को कुछ दिन में ही एहसास हो गया था कि ये रिश्‍ता लंबा नहीं चलेगा. 29 मई को अपूर्वा मायके चली आई. जुलाई में रोहित के घर वापस लौटी पर वकील के जरिए तलाक का नोटिस भिजवाने के लिए. उस समय रोहित साकेत के मैक्‍स अस्‍पताल में भर्ती थी. उसे दिल की बीमारी थी. अस्‍पताल में रोहित और अपूर्वा की लड़ाई हुई. अपूर्वा का कहना है कि उसने माफी मांगी और रिश्‍ते को एक और मौका देने का फैसला किया. दोनों फिर रोहित शेखर तिवारी के डिफेंस कॉलोनी वाले घर में साथ रहने लगे.

बकौल अपूर्वा, रोहित संग रिश्‍ते सुधारने की उसने बहुत कोशिश की. अपूर्वा के मुताबिक वो अपनी सास, उज्‍ज्‍वला सिंह से बड़ी परेशान थी. शुक्‍ला ने पुलिस को बताया, “मैं बेडरूम के पर्दे तक नहीं बदल सकती थी क्‍योंकि उन्‍हें पसंद नहीं था. सारा पैसा वो देखती थीं और कानूनी रूप से पत्‍नी होने के बावजूद मुझे घर चलाने को कोई खर्च नहीं दिया गया, न ही परिवार में इज्‍जत मिली.”

इसी दौरान अपूर्वा को ये बात भी पता चली कि रोहित ने अपने पिता से कोई संपत्ति नहीं ली है. “रोहित और उसके परिवार के पास जो भी पैसा था, सब फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट में जमा था. डिफेंस कॉलोनी वाला घर सास के नाम था.”

“वो औरत चाहती थी कि रोहित उसके बेटे को प्रॉपर्टी में हिस्‍सा दे. अक्‍सर कहती थी, ‘आपके घर का ही तो बच्‍चा है.’ रोहित उस बच्‍चे को जितना प्‍यार करता था, उससे मेरा शक और मजबूत हो गया.”

रोहित और अपूर्वा का विवाह समारोह नई दिल्ली आनंदा भवन में आयोजित किया गया था.

प्रॉपर्टी की शर्तों ने भड़काया अपूर्वा का गुस्‍सा

संपत्ति में हिस्‍सेदारी न मिलेगी, जैसे-जैसे अपूर्वा को इस बात का पता चलता गया, उसकी टीस बढ़ती चली गई. उसे पता चला था कि उज्‍ज्‍वला की वसीयत के मुताबिक, घर की 60% वैल्‍यू रोहित और बाकी उनके दूसरे बेटे, सिद्धार्थ के नाम होगी. अगर किसी भाई की मौत होती है तो प्रॉपर्टी दूसरे भाई के नाम हो जाएगी. अपूर्वा के मुताबिक, सिद्धार्थ ने ऐलान कर दिया था कि उसके बाद उसके हिस्‍से की प्रॉपर्टी उस बच्‍चे के नाम होगी जिसे अपूर्वा अपने पति की नाजायज औलाद मानती थी. पुलिस से उसने कहा, “मैंने इस शादी से ये सब मिलेगा, ऐसा कभी नहीं सोचा था.

अपूर्वा ने उस रात का सिलसिलेवार ढंग से पुलिस के सामने जिक्र किया है. अपूर्वा के मुताबिक, 10 अप्रैल को रोहित, उसकी मां और कुछ रिश्‍तेदार उत्‍तराखंड गए थे. 15 अप्रैल की रात 9.45 बजे ये सभी घर वापस लौटे. पुलिस के सामने अपूर्वा ने कहा, “रोहित और वो औरत पूरी तरह शराब के नशे में धुत थे. मैंने रोहित को खाना दिया और फिर हम बेडरूम में साथ गए. करीब पौने ग्‍यारह बजे, उज्‍जवला और कुछ रिश्‍तेदार भी डिनर को आए, इसलिए मैं और रोहित उनके साथ ही रहे. वो सब करीब 11.30 बजे निकले.”

“मैंने आधी रात को खाना खाया और टीवी पर कुछ देर सावधान इंडिया देखा. रात करीब पौने एक बजे, मैं ऊपर गई. कपड़े बदले और रोहित के कमरे में पहुंची. वो हल्‍की नींद में था, पर हम बात करने लगे. मैंने उसे औरत के बारे में पूछा. पर उसने ये कहकर मेरा गुस्‍सा और भड़का दिया कि उन दोनों ने एक ही गिलास से शराब पी है.”

फिर अपूर्वा ने रोहित का घोंट दिया दम

रोहित की बात सुन अपूर्वा आपे से बाहर हो गई. उसने रोहित की छाती पर हाथ पटकने शुरू कर दिए. बकौल अपूर्वा, “मैं पहले से ही उसके ऊपर बैठी थी. मैंने उसका गला पकड़ा और दबाना शुरू कर दिया. फिर मैंने तकिए से उसका दम घोंट दिया. जब यकीन हो गया कि वो सांस नहीं ले रहा है तो मैं कमरे से चली गई. मुझे लगा था था कि सबको लगेगा कि रोहित की मौत उसकी दिल की बीमारी से हुई. मैं उस रात सो नहीं सकी, जो किया था उसी के बारे में सोचती रही. पर मुझे बड़े वक्‍त बाद आजाद होने का एहसास हो रहा था. मैंने रोहित को अपनी जिंदगी से भले के लिए ही निकाल दिया. वो मेरी नाखुशी की सबसे बड़ी वजह बन गया था.

अपूर्वा अगले दिन सुबह 11 बजे के बाद नीचे उतरी. वो इंतजार कर रही थी कि कोई और रोहित के कमरे में जाए और उसे मरा पाए. जब 4 बजे तक कोई ऊपर नहीं गया तो अपूर्वा ने घर के नौकर, गोलू को बुलाया और कहा कि ऊपर जाकर रोहित को जगाओ. गोली ने रोहित को बेसुध पाया और उसकी नाक से खून बह रहा था. उसे साकेत के मैक्‍स अस्‍पताल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया.

अपूर्वा ने पुलिस के सामने कहा है, “मैंने रोहित को इसलिए मारा क्‍योंकि वो बेरहम, बेसब्र था. मुझसे प्‍यार नहीं करता था. हम उसके अफेयर को लेकर अक्‍सर लड़ते थे पर मानने की बजाय, उसने इसका दम भरना शुरू कर दिया.” अपूर्वा ने बताया कि रोहित उसके मां-बाप के साथ बदतमीजी करता था और उसकी सास हर समय ताने देती रहती थी. अपूर्वा के मुताबिक उसने ऐसी जिंदगी कभी नहीं चाही थी, वो यह सब खत्‍म करना चाहती थी.

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