महिला अधिकारी के दफ्तर में घुसकर जिंदा जलाने वाले व्यक्ति की मौत

तहसीलदार विजया अपने कार्यालय में बैठी थीं. इसी बीच एक व्यक्ति आया और उनपर पेट्रोल छिड़क दिया. आसपास के लोग जब तक कुछ समझ पाते, उसने आग लगा दी.

तेलंगाना में हैदराबाद के नजदीक एक सरकारी अधिकारी को उसी के कार्यालय में जिंदा जलाने वाले व्यक्ति की गुरुवार को इलाज के दौरान मौत हो गई. सोमवार को हुए इस आगजनी के मामले में अब तक मरने वालों की संख्या तीन पहुंच गई है. डॉक्टरों ने कहा, “सरकारी उस्मानिया अस्पताल में के. सुरेश की दोपहर करीब 3.30 बजे मौत हो गई. बुधवार रात से उसकी स्थिति बिगड़ती जा रही थी और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था.”

अब्दुल्लापुरमेट मंडल की एक 37 वर्षीय तहसीलदार (मंडल राजस्व अधिकारी/एमआरओ) विजया रेड्डी को उन्हीं के कार्यालय में जमीन मामले में सुरेश ने जिंदा जला दिया था. अधिकारी पर मिट्टी का तेल डालते और उन्हें आग के हवाले करते हुए सुरेश भी 65 प्रतिशत जल गया था.

मंडल राजस्व अधिकारी का ड्राइवर गुरुनाथम और अन्य कर्मचारी चंदैरया उन्हें बचाते हुए खुद भी झुलस गए थे. दोनों को अपोलो डीआरडीओ अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां गुरुनाथम ने अगले दिन इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था.

जानकारी के अनुसार तहसीलदार विजया अपने कार्यालय में बैठी थीं. इसी बीच एक व्यक्ति आया और उनपर पेट्रोल छिड़क दिया. आसपास के लोग जब तक कुछ समझ पाते, उसने आग लगा दी. तहसीलदार विजया को बचाने की कोशिश में दो व्यक्ति भी झुलस गए, जिनमें एक की हालत गंभीर थी और दूसरे की हालत खतरे से बाहर रही.
लोगों ने किसी तरह आग को काबू कर तीनों को आनन-फानन में उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकिस्तकों ने विजया को मृत घोषित कर दिया और इलाज के दौरान गुरुनाथम की जान चली गई.