4-4 हजार में बिकी दो नाबालिग, बंधुआ मजदूरी और रेप झेलते रहने के बाद ली पुलिस की शरण

बच्चियों ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया कि उन्हें एक फैक्टरी में ले जाया गया, जहां उनसे 16 घंटे काम कराया जाता और दिन में केवल दो बार खाने के लिए खाना दिया जाता था.

भोपाल: झारखंड की दो नाबालिग बच्चियों को कथित तौर पर राजस्थान में बेचकर उन्हें बंधुआ मजदूर बनाकर रखा गया और फिर उनके साथ रेप किया गया. यह घटना राजस्थान के भीलवाड़ा की है, जहां पर बच्चियों के साथ कई लोगों ने दो साल तक रेप किया.

यह घटना उस समय सामने आई जब दोनों बच्चियां इतने समय से खुद पर हो रहे अत्याचार को बर्दाश्त करने के बाद वहां से किसी तरह भाग निकलीं. किसी तरह दोनों भोपाल पहुंची और चाइल्ड हेल्पलाइन की सहायता से उन्हें नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स तक पहुंचाया गया. इसके बाद आयोग की जिला अध्यक्ष सुमन त्रिवेदी मंगलवार की रात उन्हें भोपाल से भीलवाड़ा लेकर आईं और आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई.

इस मामले में पुलिस ने पोस्को एक्ट के तहत केस दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले की जानकारी देते हुए सुमन त्रिवेदी ने बताया कि इन बच्चियों की उम्र 10 और 12 साल है, जो कि झारखंड की रहने वाली हैं. दो साल पहले इन्हें 4-4 हजार रुपए में भीलवाड़ा में मजदूरी के लिए बेच दिया गया था.

बच्चियों ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया कि उन्हें एक फैक्टरी में ले जाया गया, जहां उनसे 16 घंटे काम कराया जाता और दिन में केवल दो बार खाने के लिए खाना दिया जाता था. इसके बाद उन्हें रायला की एक पुरानी फैक्टरी में ले जाया जाता था, जहां पर वे एक कंस्ट्रक्शन लेबर के तौर पर काम करती थीं.

इस दौरान उनके साथ कई लोगों ने कई बार रेप किया. बच्चियों ने बताया कि कॉन्ट्रेक्टर धर्मेंद्र मोंटू की पत्नी की मदद से वे दोनों वहां से भागने में कामयाब हुईं. इसके बाद वे चितोड़गढ़ भाग गईं, जहां पर एक महिला ने उन्हें पैसे दिए और कहा कि भोपाल चली जाओ. भोपाल से तुम्हें झारखंड के लिए ट्रेन मिल जाएगी. पुलिस ने धर्मेंद्र और उसके साथी चंद्रशेखर को गिरफ्तार कर लिया है और जबकि अन्य एक आरोपी की तलाश जाारी है.