‘गुलाम हो, मेरे साथ सेक्‍स करना तुम्‍हारी ड्यूटी’, दो दशक तक महिलाओं का यौन शोषण करता रहा ‘गुरु’

अनुयायिकों की क्षमता 'विकसित' करने का दावा कर एक स्‍वयंभू 'गुरु' ने कई महिलाओं का यौन शोषण किया.

नई दिल्‍ली: अमेरिका में महिलाओं को ‘सेक्‍स गुलाम’ बनाकर रखने वाले एक ‘गुरु’ का पर्दाफाश हुआ है. 58 साल का कीथ रेनियर न्‍यूयॉर्क में एक एक्‍जीक्‍यूटिव कोचिंग संस्‍थान (नेक्सियम) चलाता था. इस संस्‍था के अमेरिका के कई शहरों समेत, कनाडा, मेक्सिको और अन्‍य मध्‍य अमेरिकी देशों में केंद्र बनाए गए थे. आरोप है कि कीथ ने इसे अपने अनुयायियों से पैसे वसूलने और महिलाओं का यौन शोषण करने का जरिया बना लिया था.

7 मई से कीथ रेनियर के खिलाफ ट्रायल शुरू हो गया है. रेनियर की पूर्व महिला समर्थकों को उसके खिलाफ गवाही देने बुलाया जा सकता है. मामले में छह लोगों को आरोपी बनाया गया था, मगर ट्रायल सिर्फ कीथ रेनियर का चलेगा. ऐसा इसलिए क्‍योंकि बाकी पांच महिलाओं ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. ये सभी महिलाओं रेनियर के नेतृत्‍व वाले संस्‍थानों में प्रबंधन का काम देखती थीं. इन पांच महिलाओं में अमेरिकी एक्‍ट्रेस एलिसन मैक का नाम भी शामिल है.

पूरी फीस न देने वालों से करवाता था काम

रेनियर का उत्‍पाद था 5 दिनों की एक वर्कशॉप, जिसके बारे में वो दावा करता था कि इससे लोगों की क्षमताओं को और ‘विकसित’ किया जा सकता है. दो दशक से भी ज्‍यादा समय तक इन वर्कशॉप्‍स में 16 हजार से ज्‍यादा लोगों ने हिस्‍सा लिया. इस वर्कशॉप के लिए रेनियर लोगों से 5,000 डॉलर फीस लेता था. कोर्स के लिए आने वाले बहुत से लोग पूरी फीस नहीं भर पाते थे. ऐसे में रेनियर ने एक तरीका निकाला. वह फीस के बदले उनसे नेक्सियम के लिए काम कराने लगा.

आरोप है रेनियर ने शुरू से ही 15 से 20 महिलाओं का एक समूह बना रखा था, जिनके साथ वह अपनी मर्जी-मुताबिक शारीरिक संबंध बनाता था. रेनियर ने मनोवैज्ञानिक प्रभावों के इस्‍तेमाल से महिलाओं को वश में कर रखा था. उसका कहना था कि महिलाओं को बेहद कम कैलोरी वाली डाइट लेनी चाहिए.

रेनियर संग सेक्‍स करना था ‘गुलामों की ड्यूटी’

2015 में रेनियर ने DOS नाम की एक गुप्‍त पिरामिड संस्‍था बनाई जिसका मुखिया वह खुद था. इसमें ‘गुलाम’ और ‘स्‍वामी’ शामिल थे. रेनियर को छोड़कर इस संस्‍था की सभी सदस्‍य महिलाएं थीं. ‘गुलामों’ के कर्त्तव्यों में से एक यह भी था कि वे रेनियर संग सेक्‍स करें. ‘गुलाम’ के रूप में स्‍वीकार किए जाने से पहले महिलाओं को आपत्तिजनक तस्‍वीरें, चिट्ठियां और अन्‍य कागजात देने होते थे ताकि अगर वे DOS छोड़कर जाएं तो संस्‍थान उन्‍हें सार्वजनिक कर सके. कुछ महिलाओं के बदन पर रेनियर के आद्याक्षर (नाम के पहले अक्षर) लिखे गए थे. इस दौरान कुछ महिलाएं पीड़‍ितों को पकड़े रहती थीं. पूरी प्रक्रिया का वीडियो बनाया जाता था.

इस पूरे नेक्‍सस का भांडा तब फूटा जब DOS के कुछ सदस्‍यों ने संस्‍थान छोड़ा. 2017 में न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स ने एक लेख छपा जिसमें रेनियर की करतूतों का खुलासा किया गया था. इसके बाद उसी साल अक्‍टूबर में रेनियर मेक्सिको भाग गया. मार्च 2018 में उसे एक लग्‍जरी विला से गिरफ्तार किया गया.

रेनियर पर सेक्‍स ट्रैफिकिंग और साजिश रचने के आरोप हैं. दोषी पाए जाने पर उसे पूरी जिंदगी जेल में गुजारनी पड़ सकती है. हालांकि उसने खुद को बेगुनाह बताया है. ट्रायल के करीब छह हफ्तों तक चलने की संभावना है.

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