ravi pujari, 15 सालों की तलाश के बाद हाथ लगा अंडरवर्ल्ड का डॉन, अफ्रीका से हुआ गिरफ्तार
ravi pujari, 15 सालों की तलाश के बाद हाथ लगा अंडरवर्ल्ड का डॉन, अफ्रीका से हुआ गिरफ्तार

15 सालों की तलाश के बाद हाथ लगा अंडरवर्ल्ड का डॉन, अफ्रीका से हुआ गिरफ्तार

ravi pujari, 15 सालों की तलाश के बाद हाथ लगा अंडरवर्ल्ड का डॉन, अफ्रीका से हुआ गिरफ्तार

सेनेगल

15 सालों से खौफ की दुनिया का सरताज बने अंडरवर्ल्ड डॉन रवि पुजारी को अरेस्ट कर लिया गया है. पुजारी को सेनेगल में एक नाई की दुकान से गिरफ्तार किया गया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय दूतावास की तरफ से इनपुट मिला था कि पुजारी उस दुकान पर मौजूद है जिसके बाद ये कार्रवाई की गई.

मोस्ट वांटेड रवि पुजारी को साउथ अफ्रीका में सेनेगल से गिरफ्तार किया गया. रवि पुजारी पर 200 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं. भारत को इसकी तलाश काफी पहले से थी लेकिन ये शातिर अपराधी हर बार कानून के हाथों से बचता रहा. कर्नाटक के मुख्यमंत्री ऑफिस से दी गई जानकारी के अनुसार इस अपराधी को पकड़ने के लिए काफी सतर्कता बरती गई. भारतीय दूतावास से इनपुट मिलने के बाद सेनेगल से तीन बसों में पुलिस टीम पहुंची. पुलिस ने काफी गुप्त तरीके से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया और पुजारी को गिरफ्तार किया.

रवि पुजारी की गिरफ्तारी के बाद बॉलीवुड इंडस्ट्री को काफी सुकून मिला होगा. लंबे समय से उसने इंडस्ट्री के कई लोगों को धमकियां दी थीं. पुजारी ने कइयों पर हमला भी किया था. मुंबई पुलिस के मुताबिक पुजारी के लिए इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया जा चुका था, लेकिन वह लंबे समय से फरार चल रहा था.

रेस्तरां की चेन
गौरतलब है कि पुजारी ने भारत से भागने के बाद विदेशों में अच्छा कारोबार फैला लिया था. साउथ अफ्रीका समेत और कई अफ्रीकी देशों में उसके रेस्तरां की चेन चल रही है. इनमें गुएना, बुर्किना, फासो और आइवरी कोस्ट जैसे देश शामिल हैं. कर्नाटक पुलिस के मुताबिक आइवरी कोस्ट में उसके रहने के दौरान पुलिस के पास उसके बारे में कुछ सूचनाएं थीं, लेकिन फिर वह अचानक गायब हो गया. हालांकि, इंटेलिजेंस एजेंसी, कर्नाटक पुलिस और गुजरात एटीएस लगातार अफ्रीकी प्रशासन से संपर्क में थी और पुजारी पर नजर रखी जा रही थी.

बुर्किनी का पासपोर्ट भी
जिस मोस्ट वांटेड की तलाश 15 सालों से कई मुल्कों की पुलिस को थी आखिरकार वो अब शिकंजे में है. अब पुजारी की गिरफ्तारी को लेकर भी अलग-अलग जांच एजेंसी अपने दावे कर रही है. कर्नाटक और गुजरात के अधिकारियों का कहना है कि पुजारी ने सेनेगल में अपना नाम एंटनी फर्नांडिस रख लिया था और उसके पास बुर्किनी का पासपोर्ट भी था. कर्नाटक सरकार ने एडीजी (इंटेलिजेंस) अमर पांडे को सभी प्रक्रिया पूरी कर पुजारी को डकार से लाने की जिम्मेदारी सौंपी थी. पुजारी के सेनेगल में होने की खबर मिलने के बाद कर्नाटक पुलिस ने डकार में भारत के राजदूत राजीव कुमार को अलर्ट किया, जिन्होंने सेनेगल के आंतरिक मंत्रालय के सामने इस मामले को उठाया.

75 से ज्यादा एक्सटॉर्शन कॉल
गुजरात एटीएस अधिकारियों का कहना है कि पुजारी ने पिछले कई सालों में बड़े व्यापारियों, राजनेता और अन्य कई लोगों को 75 से ज्यादा एक्सटॉर्शन कॉल की हैं. उसने हाल ही में गुजरात के सीमेंट कारोबारी को कॉल की. एक अधिकारी ने बताया, ‘पुजारी ने गुजरात में अपने टारगेट से 50 करोड़ रुपये से ज्यादा वसूले हैं. वहीं कुछ कारोबारियों से प्रॉटेक्शन मनी के तौर पर करोड़ों की मांग की थी.’ एटीएस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि पहला कदम यूके में रह रहे पुजारी के बच्चों को पहचानना था. अधिकारी ने बताया, ‘इसके बाद हमने डकार में बसे गुजरातियों की मदद से पुजारी के बारे में पता लगाया. इसके बाद मुंबई के हमारे सूत्रों ने बताया कि पुजारी के बच्चे यूके में कई साल पहले रहा करते थे.’

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