Nirbhaya Case: फांसी से पहले दोषी मुकेश ने जेब से निकालकर दिया था एक कागज, जानिए इसमें क्या था

निर्भया के गुनाहगारों को जब 20 मार्च की सुबह फांसी पर लटकाया गया, उस वक्त फांसी घर में वेस्ट दिल्ली की डीएम नेहा बंसल भी मौजूद थीं. नेहा बंसल का ये फांसी दिलाने का पहला अनुभव था और ये फांसी भी पूरी तरह से अलग थी क्योंकि एक साथ 4 लोगों को फंदे पर लटकाया गया था.

निर्भया के गुनाहगारों को जब 20 मार्च की सुबह फांसी पर लटकाया गया, उस वक्त फांसी घर में वेस्ट दिल्ली की डीएम नेहा बंसल भी मौजूद थीं. नेहा बंसल का ये फांसी दिलाने का पहला अनुभव था और ये फांसी भी पूरी तरह से अलग थी क्योंकि एक साथ 4 लोगों को फंदे पर लटकाया गया था.

जेल सूत्रों के मुताबिक नेहा बंसल को पता था कि डीएम होने के नाते दोषियों को फांसी दिलवाना उनकी ड्यूटी है, इसलिए वह मानसिक रूप से तैयार थीं.

फांसी कोठी में जब चारों दोषियों को लाया गया तो वे सब बिल्कुल चुप थे. सूत्रों के मुताबिक विनय ने जेल में जो कुछ बोला उसे बताया नहीं जा सकता. वह रो रहा था, उसकी आंखों में आंसू थे.

फांसी घर जाने से पहले मुकेश ने अपनी जेब से एक कागज निकालकर दिया, जिसमें उसके बॉडी पार्ट दान करने के लिए लिखा था. विनय ने कहा कि उसका कुछ सामान है जिसे घर भिजवा दें. एक पेंटिंग है, चाहें तो इसे दान कर दें. जेल सूत्रों के मुताबिक इन चारों का परिवार तिहाड़ जेल प्रशासन के संपर्क में है. अगर वो चाहेंगे तो बॉडी सौंपी जाएगी.

बता दें कि खबर लिखे जाने तक दो दोषियों के शवों का पोस्टमार्टम हो गया है. सभी दोषियों के परिजन दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल पहुंच चुके हैं जहां पोस्टमार्टम किया जा रहा है.

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