पाकिस्तानी अरबपति ने काले धन की जांच से बचने के लिए ब्रिटिश जांच एजेंसी को सौंपे 18 अरब रुपए

मलिक रियाज हुसैन के आठ बैंक खाते फ्रीज करके रकम एजेंसी ने अपने कब्जे में कर ली है.

पाकिस्तानी रियल एस्टेट कारोबारी मलिक रियाज़ हुसैन ने काले धन पर हो रही जांच से बचने के लिए ब्रिटेन को 190 मिलियन पाउंड (तकरीबन 18 अरब भारतीय रुपए) देने का फैसला किया है. ये सारा पैसा भी काले कारोबार से हासिल किया गया था. हुसैन पाकिस्तान के सबसे अमीर और ताकतवर लोगों में से एक है.

हुसैन को समाजसेवा के कामों के लिए जाना जाता है लेकिन कुछ ही समय पहले उन्हें भ्रष्टाचार के एक मामले में पकड़ा गया था. ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) ने कहा है कि वह हुसैन के द्वारा 50 मिलियन पाउंड की कीमत वाला हाइड पार्क पैलेस और अपने आठ लॉक हो चुके बैंक खातों की रकम देने के बाद समझौता करने पर राजी हुआ है.

NCA ने हुसैन के 9 खातों को फ्रीज करके उनमें जमा 140 मिलियन पाउंड को कब्जे में ले चुकी है. आरोप है कि ये रकम गैरकानूनी तरीकों से इकट्ठा की गई थी. एजेंसी ने बताया कि ये रकम पाकिस्तान सरकार के पास भेजी जाएगी. हुसैन ने कहा है कि ‘कुछ लोग NCA की रिपोर्ट को 180 डिग्री पर घुमाकर मुझ पर कीचड़ उछाल रहे हैं.’