12 प्वाइंट्स में बाहुबली मोहम्मद शहाबुद्दीन की कहानी

Share this on WhatsAppभारतीय लोकतंत्र के इतिहास में अब तक कई बाहुबली नेता हुए हैं. इन बाहुबलियों में मोहम्मद शहाबुद्दीन एक ऐसा ही नाम है जो बिहार की राजनीति को काफी हद तक प्रभावित करता रहा है. आइये आपको सुनाते हैं पॉलिटिकल साइंस से MA और PHD करने वाले डॉन शहाबुद्दीन की कहानी. 1. मोहम्मद […]

भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में अब तक कई बाहुबली नेता हुए हैं. इन बाहुबलियों में मोहम्मद शहाबुद्दीन एक ऐसा ही नाम है जो बिहार की राजनीति को काफी हद तक प्रभावित करता रहा है. आइये आपको सुनाते हैं पॉलिटिकल साइंस से MA और PHD करने वाले डॉन शहाबुद्दीन की कहानी.

1. मोहम्मद शहाबुद्दीन का जन्म 10 मई 1967 को बिहार के सीवन जिले के प्रतापपुर में हुआ था. शहाबुद्दीन ने अपनी पढ़ाई-लिखाई बिहार में रहकर ही की. बताते हैं कि कॉलेज के दिनों में ही शहाबुद्दीन का झुकाव आपराधिक गतिविधियों की तरफ हो गया था. उसने कॉलेज की पढ़ाई के दौरान ही राजनीति में भी कदम रख दिया था.

2. साल 1986 में मोहम्मद शहाबुद्दीन के खिलाफ पहला आपराधिक मामला दर्ज किया गया. इसके बाद लगातार कई आपराधिक घटनाओं में उसका नाम आता रहा. इस प्रकार से छोटी सी उम्र में ही मोहम्मद शहाबुद्दीन अपराध की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम बन गया.

3. मोहम्मद शहाबुद्दीन लालू यादव की छत्रछाया में जनता दल की युवा इकाई का हिस्सा बना. शहाबुद्दीन ने पहला विधानसभा चुनाव 1990 में जीता. साल 1995 में भी वह विधायक बना. इसके अगले ही साल 1996 में वह लोकसभा भी पहुंच गया.

4. लालू प्रसाद यादव ने साल 1997 में राष्ट्रीय जनता दल का गठन किया. राजद की राज्य में सरकार बनी. इससे शहाबुद्दीन और भी ताकतवर हो गया. लालू के शासनकाल को कुछ लोग ‘जंगलराज’ भी कहते हैं. इसके लिए मोहम्मद शहाबुद्दीन को ही जिम्मेदार ठहराया जाता है.

5. लोग कहते हैं कि पुलिस मोहम्मद शहाबुद्दीन की आपराधिक गतिविधियों पर अपनी आंख बंद कर लेती थी. शहाबुद्दीन के नाम का इतना खौफ था कि कोई उसके खिलाफ गवाही देने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था. सीवान जिले को वह अपनी जागीर समझने लगा था. सीवान में उसकी एक अलग ही समानांतर सरकार चलती थी.

6. मोहम्मद शहाबुद्दीन के अपराधों की गिनती जब भी की जाती है उसमें तेजाब कांड का जिक्र जरूर आता है. 16 अगस्त 2004 को शहाबुद्दीन ने सीवान के एक व्यवसायी चंद्रकेश्वर उर्फ चंदा बाबू के दो बेटों सतीश राज (23) और गिरीश राज (18) को अपहरण के बाद तेजाब से नहला दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई. चंदा बाबू के सबसे बड़े बेटे राजीव रोशन (36) इस दिल दहला देने वाली घटना के चश्मदीद गवाह थे. लेकिन 16 जून, 2014 को राजीव की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस बहुचर्चित तेजाब कांड के आरोप में शहाबुद्दीन को उम्रकैद की सजा मिली है.

7. साल 2001 में मोहम्मद शहाबुद्दीन ने गिरफ्तारी करने आए अधिकारी संजीव कुमार को थप्पड़ जड़ दिया था. साथ ही शहाबुद्दीन के गुर्गों ने अन्य पुलिस वालों की पिटाई भी की थी. यह वाकया उस वक्त पेश आया जब पुलिस आरजेडी के स्थानीय अध्यक्ष मनोज कुमार पप्पू के खिलाफ वारंट तामील करने के लिए गई थी.


8. मोहम्मद शहाबुद्दीन को 2004 के लोकसभा चुनाव से आठ महीने पहले गिरफ्तार कर लिया गया था. शहाबुद्दीन की यह गिरफ्तारी 1999 में एक सीपीआई (एमएल) कार्यकर्ता के अपहरण और संदिग्ध हत्या के मामले में की गई थी. लेकिन चुनाव से पहले ही वह मेडिकल आधार पर हॉस्पिटल में शिफ्ट हो गया और वहीं से अपने सभी कामों को निपटाने लगा.

9. पटना हाईकोर्ट ने इसे लेकर मतदान के कुछ दिन पहले ही सरकार को सख्त निर्देश दिया. इस पर शहाबुद्दीन को वापस जेल भेजा गया. इस चुनाव में 500 से अधिक बूथ लूट लिए गए. इसका आरोप शहाबुद्दीन पर ही लगा. चुनाव दोबारा कराए गए, फिर भी शहाबुद्दीन सीवान की लोकसभा सीट से जीत गया.

10. माना जाता है कि साल 2004 के लोकसभा चुनाव के बाद से मोहम्मद शहाबुद्दीन का बुरा वक्त शुरू हो गया. इस दौरान शहाबुद्दीन के नाम कई आपराधिक मामले दर्ज हुए. पुलिस ने सीवान के प्रतापपुर में उनके पैतृक घर पर छापे मारे. इसमें पुलिस को कई अवैध आधुनिक हथियार, सेना के नाइट विजन डिवाइस और पाकिस्तानी शस्त्र फैक्ट्रियों में बने हथियार बरामद हुए.

11. मोहम्मद शहाबुद्दीन पर हत्या, अपहरण, बमबारी, अवैध हथियार रखने और जबरन वसूली करने के दर्जनों मामले दर्ज हो चुके थे. साल 2005 के नवंबर महीने में बिहार पुलिस की एक विशेष टीम ने शहाबुद्दीन को दिल्ली में गिरफ्तार कर लिया. अदालत द्वारा शहाबुद्दीन को उम्रकैद की सजा सुनाई गई.

12. साल 2009 में अदालत ने मोहम्मद शहाबुद्दीन के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया. 2009 में शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब लोकसभा चुनाव लड़ी. लेकिन वह हार गईं. शहाबुद्दीन फिलहाल विभिन्न मामलों में दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद है. हालांकि अभी भी यह माना जाता है कि सीवान में शहाबुद्दीन का रुतबा कायम है.

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