आर्मी में भर्ती कराने के नाम पर धोखाधड़ी, क्राइम ब्रांच ने किया पर्दाफाश

आर्मी में भर्ती को लेकर करीब 100 से ज्यादा युवाओं को ठगा जा चुका है, इतना ही नहीं हर युवा से एक से डेढ़ लाख तक की रकम वसूली गई है.
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नई दिल्ली: स्पेशल 26 मूवी आपको याद ही होगी कि कैसे सीबीआई में भर्ती न होने पर फ़िल्म का हीरो अक्षय कुमार अपनी सीबीआई की शुरुआत करता है और फेक सीबीआई भर्ती शुरू कर देता है और अपने साथियो के साथ मिलकर जगह जगह फर्जी छापेमारी करके लोगो को ठगता है, इसी मूवी को देखकर आंध्रप्रदेश के रहने वाले श्रीनिवासराव नाम के शख्स को एक आईडिया आया और उसने आर्मी में भर्ती कराने के नाम पर भोले भाले बेरोजगार युवाओ को ठगना शुरू कर दिया.
असल में श्रीनिवासराव 10 से ज्यादा बार आर्मी में भर्ती होने की कोशिश की लेकिन वो कामयाब नहीं हो पाया इसके बाद इसने अपने साथियो के साथ मिलकर ये फर्जीवाड़ा करना शुरू कर दिया.

इस गैंग के बारे में तब पता चला जब 13 अप्रैल को क्राइम ब्रांच के पास एक शख्स ने शिकायत दी कि कुछ लोग इन्हें आर्मी में भर्ती कराने के लिए पैसे लिए है और अब उनसे बात तक नहीं कर रहे है. बात आर्मी से जुड़ी थी लिहाजा क्राइम ब्रांच ने एक एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की.

जांच में पता चला कि एक गैंग है जो बेरोजगार युवाओं को टारगेट कर रहे है, क्राइम ब्रांच को खबर मिली कि तीन आरोपी महिपालपुर में किसी कस्टमर को फेक आर्मी का एडमिट कार्ड देने आ रहे थे तभी इन्हें पकड़ा गया और इनके पास से 15 फेक आर्मी के एडमिट कार्ड बरामद किए.

अभी तक की पूछताछ में इन्होंने बताया कि ये करीब 100 से ज्यादा युवाओ को आर्मी में भर्ती कराने के नाम पर ठग चुके है और एक शख्स से एक से डेढ़ लाख रुपए लिया करते थे. क्राइम ब्रांच ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है इनके नाम है बालकृष्णन ,महेंद्रगढ़ हरियाणा का रहने वाला है जबकि श्रीनिवासराव, आंधप्रदेश और एक और आरोपी कुटेप्ली वेंकेटरा राव ये भी आन्द्रप्रदेश का रहने वाला है.

बालकृष्णन महेंद्र गढ़ में इंदिरा गांधी कोचिंग इंस्टिट्यूट में कोचिंग देता था और वहा स्टूडेंट्स को आर्मी में भर्ती कराने का वादा कर उनसे पैसे ऐंठा करता था और आगे इसके बाकि दो साथियो का काम शुरू होता था.

बालकृष्णन लड़को को भुवनेश्वर, उड़ीसा में भेजा करता था और श्रीनिवासराव इनका दूसरा साथी जो खुद को आर्मी अफसर बताता था वो इन लड़को का मेडिकल फिजिकल टेस्ट कराता था और खुद को आर्मी का अफसर दिखाने के लिए आर्मी का ट्रैक सूट पहनकर उड़ीसा में ग्राउंड में टेस्ट लेता था, तो वही इनका तीसरा साथी खुद को आर्मी का डॉक्टर बताता था और कलर ब्लाइंड नेस का टेस्ट करके लड़को का भरोसा जीतते थे.

जांच में पता चला है कि अभी तक दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान के लड़को को टारगेट किया करते थे और 100 से ज्यादा लड़को को ठगी का शिकार बना चुके थे, इनके पास से कई मोबाईल फोन बरामद किए है जिनका इस्तेमाल ये लड़को को उड़ीसा बुलाने के लिए करते थे. इन तीनो आरोपियों से पूछताछ की जा रही है जिसके बाद इस मामले में और भी गिरफ्तारियां की जा सकती है.

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