उम्रकैद की सज़ा काट रहे ‘डोसा किंग’ की हार्ट अटैक से मौत, कर्मचारी की पत्नी से शादी के लिए की थी हत्या

पी राजगोपाल ने 2001 में अपने एक कर्मचारी की पत्नी को हासिल करने के लिए उसकी हत्या कर दी थी.

सर्वणा भवन एक साउथ इंडियन खाने की रेस्टोरेंट चेन है. उम्रकैद की सज़ा काट रहे इसके मालिक पी राजगोपाल की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. डोसा किंग के नाम से मशहूर पी राजगोपाल ने अपने एक कर्मचारी की पत्नी को हासिल करने के लिए कर्मचारी की हत्या कर दी थी. इसी जुर्म में वह उम्रकैद की सजा काट रहा था. हार्ट अटैक होने के बाद उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां गुरुवार की सुबह उसकी मौत हो गई.

कर्मचारी की हत्या का दोषी

1990 में सर्वणा भवन की चेन्नई ब्रांच में एक असिस्टेंट मैनेजर हुआ करता था. उसकी 20 साल की बेटी का नाम जीवनजोति था. किसी ज्योतिषी ने राजगोपाल से बता दिया था कि अगर वो जीवनजोति से शादी कर ले तो देश के सबसे अमीर लोगों में उसका नाम शुमार हो जाएगा. इसी वजह से राजगोपाल जीवनजोति से शादी करना चाहता था. राजगोपाल की पहले से दो पत्नियां थीं.

राजगोपाल ने जीवनजोति को शादी का प्रस्ताव दिया जिस पर लड़की ने मना कर दिया. उसने 1999 में प्रिंस संतकुमार नाम के आदमी से शादी कर ली. राजगोपाल ने संतकुमार और उसकी पत्नी को अलग हो जाने को कहा. दोनों नहीं माने तो संतकुमार किडनैप हो गया और उसकी लाश जंगल में मिली थी.

इस मामले में स्थानीय अदालत ने राजगोपाल को 2004 में 10 साल कैद की सज़ा सुनाई थी. 2009 में मद्रास हाईकोर्ट ने सज़ा बढ़ाकर उम्रकैद में बदल दी. राजगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट से जमानत ले ली थी. इस साल मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने 7 जुलाई को सरेंडर करने का आदेश जारी कर दिया था.

राजगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी कि बीमारी की वजह से उसको सरेंडर के लिए और समय दिया जाए. सुप्रीम कोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद राजगोपाल 9 जुलाई को एंबुलेंस से कोर्ट पहुंचा और सरेंडर कर दिया. सरेंडर के बाद 13 जुलाई को राजगोपाल को दिल का दौरा पड़ा था. स्टेनली अस्पताल के जेल वार्ड में भर्ती कराया गया. बाद में फिर से दिल का दौरा पड़ने पर राजगोपाल के बेटे सरवनन ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया था.

फर्श से अर्श पर पहुंचा था राजगोपाल

राजगोपाल के डोसा किंग बनने की कहानी भी दिलचस्प है. 1981 में राजगोपाल ने चेन्नई में मद्रास नाम से एक किराने की दुकान खोली. किराने की दुकान में कुछ खास फायदा नहीं हुआ तो रेस्टोरेंट खोलना का प्लान बनाया. सर्वणा भवन नाम का एक रेस्टोरेंट खोला जिसमें सांभर, वड़ा, इडली और डोसा जैसे साउथ इंडियन व्यंजन परोसे जाने लगे.

रेस्टोरेंट चल निकला तो राजगोपाल ने पहले साउथ के शहरों में, फिर देश के बड़े शहरों में कई शाखाएं खोल दीं. अब ये डोसा किंग के नाम से मशहूर हो चुका था. राजगोपाल ने विदेशों तक साउथ इंडियन खाने का टेस्ट पहुंचाया. अब अमेरिका, खाड़ी देशों, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के देशों में लगभग 80 शाखाएं खुली हुई हैं.

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