सौतेली मां ने बेटी को मौत के घाट उतारा, बोरे में बांधकर लाश को लगाया ठिकाने

रिश्तेदार सौतेली मां को कठिन से कठिन सजा की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में कोई ऐसा करने के बारे में कभी गलती से भी न सोचें.

आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के काकीनाड़ा में तीन दिन पहले लापता हुई बच्ची दीप्ति श्री (7) का मामला आखिरकार तब दुखद हो गया जब दीप्ति का शव बरामद हो गया. पहले तो कहीं न कहीं रिश्तेदारों में आस बाकी थी कि कहीं वह जिंदा तो नहीं पर शव मिलने से वह आस भी खत्म हो गई.

दीप्ति का अपहरण उस समय हुआ जब वह काकीनाडा में शुक्रवार को स्कूल गई थी. मासूम दीप्ति की दादी ने सौतेली मां शांतिकुमारी पर ही दीप्ति के अपहरण और हत्या का आरोप लगाया.

जब पुलिस ने सौतेली मां को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने बताया कि दीप्ति की हत्या करके उसने बोरे में डालकर नदी में फेंक दिया. साथ ही शांतिकुमारी ने ये भी बताया कि उसने दीप्ति का गला दबाकर उसकी हत्या की. इसके बाद उसके द्वारा बताई गई जगहों पर पुलिस दीप्ति की लाश को ढूंढ रही थी.

नदी में ढूंढने के लिए धर्मादी सत्यम के ग्रुप की भी मदद ली गई. पुलिस को तलाशी के दौरान इंद्रपालेम के पास बोरे में बंधा मासूम का शव प्राप्त हुआ. पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को शाम में दीप्ति को स्कूल से सौतेली मां ने अपहरित किया और उसके बाद उसकी हत्या करके बोरे में बांधकर फेंक दिया.

इस तरह दीप्ति श्री का शव मिलने से परिवार में शोक की लहर फैल गई. सौतेली मां शांतिकुमारी को तो पहले ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. रिश्तेदार सौतेली मां को कठिन से कठिन सजा की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में कोई ऐसा करने के बारे में कभी गलती से भी न सोचें.

सीसी टीवी फुटेज देखने पर पुलिस को पता चला कि शुक्रवार को दोपहर में एक बजे के समय एक महिला आकर दिप्ति को अपने साथ ले जा रही है. कुछ दूर जाने के बाद वह उसे बाइक पर एक व्यक्ति के साथ ले जाती देखी जा रही है. तभी पुलिस को सौतेली मां पर शक था.

दीप्ति की दादी के अनुसार तीन साल पहले ही उसके बेटे की पहली पत्नी सत्यवेणी की अस्वस्थता के चलते मौत हो गई. तब काकीनाडा के संजयनगर की शांतिकुमारी से उसने बेटे का दूसरा विवाह करवाया.

दीप्ति की दादी के अनुसार उनकी पोती को बहू शांतिकुमारी और उसकी बहन ने ही अपहरण किया होगा. उनका कहना है कि दूसरी पत्नी के बेटा होने के बाद जब दीप्ति के लिए हर महीने खर्च के लिए दो हजार देने को कहा तो उसने आपत्ति जाहिर की थी. इससे पहले भी वो कई बार दीप्ति को हानि पहुंचा चुकी है.