खुद के पास टिकट नहीं, टीसी बनकर दूसरे बिना टिकट यात्रियों से कर रहे थे वसूली

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में 4 नकली पुलिस वाले, 6 नकली टीसी पकड़े गए हैं.

बिना टिकट यात्री रेलवे के लिए लंबे समय से सिरदर्द बने हुए हैं. रेलवे के 68 डिविजन में हर साल लाखों यात्री बिना टिकट पकड़े जाते हैं. रेलवे ने बिना टिकट चलने वालों पर नकेल कसने के लिए टिकट चेक करने वालों की संख्या बढ़ा दी, जुर्माना बढ़ा दिया, इसके बाद लोगों ने बचने के नए तरीके निकाल लिए हैं. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक अब ऐसे केस सामने आ रहे हैं जहां टिकट चेक करने वालों के सामने लोग नकली आई डी दिखाकर ‘कुछ और’ होने का रौब गांठते हैं ताकि उनको पकड़ा न जाए.

अधिकारियों के मुताबिक पिछले कुछ महीनों में चार लोगों को पकड़ा गया जो खुद को पुलिस वाला बता रहे थे, उनके पास नकली आईडी थी और बिना टिकट यात्रा कर रहे थे. 6 ऐसे लोग पकड़े गए जो खुद टिकट चेकर बने हुए थे. वो या तो खुद बिना टिकट यात्रा कर रहे थे या बिना टिकट यात्रियों से वसूली कर रहे थे. रेलवे को इन बिना टिकट यात्रियों की वजह से काफी नुकसान हो रहा है. रेवेन्यू के नुकसान के अलावा बदनामी भी हो रही है.

अकेले पुणे डिविजन में टिकट चेकर्स ने 1.72 लाख बिना टिकट यात्री पकड़े. सेंट्रल रेलवे जोन में पांच डिविजन आते हैं, इनमें 19.15 लाख केस सामने आए हैं. रेलवे के मुताबिक ‘बिना टिकट यात्रियों से अप्रैल से सितंबर के बीच जुर्माने के रूप में 100 करोड़ रुपए वसूले गए, जो पिछले साल के इसी समय से 13.99 फीसदी ज्यादा है. पिछले साल 87.98 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला गया था.’ यानी इस साल बिना टिकट यात्रियों की संख्या बढ़ गई है.

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