नहीं थम रहा अवैध भ्रूण परीक्षण, भगवान की तस्वीरों के जरिये डॉक्टर बताते हैं बेटा होगा या बेटी

साईं बाबा, भगवान वेंकटश्वर और कनक दुर्गा की तस्वीरों के माध्यम से जानकारी दी जाती है की भ्रूण का लिंग क्या है.

हैदराबाद: भारत में बच्चे के पैदा होने से पहले उसका लिंग परिक्षण कराना जुर्म है. इससे जुड़े कानून बड़े सख्त हैं, इसलिए पिछले कुछ समय से लिंग परिक्षण के मामले काफी कम हुए हैं. फिर भी ये जुर्म यह पूरी तरह से बंद नहीं हुआ है. देश के कई हिस्सों में अवैध तरीके से यह कारोबार धड्ड्ले से चल रहा है और इस जुर्म में भगवान की तस्वीरों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

ताजा मामला तेलंगाना का है, जहां मेडिकल क्षेत्र के कई प्रोफेशनल्स अवैध तरीके से लिंग परिक्षण करते हैं. भ्रूण का लिंग बताने के लिए यह अलग-अलग संकेतों का इस्तेमाल करते हैं. खाने के सामान से लेकर भगवान की तस्वीरों का इस्तेमाल संकेतों के रूप में किया जा रहा है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक साईं बाबा, भगवान वेंकटश्वर और कनक दुर्गा की तस्वीरों के माध्यम से इस बारे में जानकारी दी जाती है की भ्रूण का लिंग क्या है. अस्पताल के स्कैनिंग रूम में तस्वीरें लगी होती है. अगर गर्भवती महिला के पेट में लड़की पल रही होती है तो कनक दुर्गा की तस्वीर की ओर देखने कहा जाता है और अगर पेट में पल रहा बच्चा लड़का है तो भवन गणेश या साईं बाबा की तस्वीर की तरफ देखने का इशारा किया जाता है.

रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा किया गया इसके लिए 10 से 30 हज़ार रुपये तक लिए जाते हैं. फीस डायग्नोस्टिक सेंटर की लोकेशन और डॉक्टर्स के अनुभव के आधार पर तय होती है. लिंग परिक्षण करने वालों के नेटवर्क का संचालन हैदरबाद के शहरों से लेकर गांव तक हो रहा है. तेलंगाना राज्य के करीमनगर, महबूबनगर और नलगोंडा में भी यह अवैध धंधा धड़ल्ले से चल रहा है.