उन्‍नाव पीड़‍िता ने जिसपर भरोसा किया वही राक्षस निकला, पढ़ें प्‍यार के बाद कानून से भी धोखा मिलने की पूरी कहानी

उन्‍नाव की गैंगरेप पीड़‍िता अब हमारे बीच नहीं है. डॉक्‍टर बताते हैं पीड़‍िता 90 फीसदी से ज्‍यादा जल चुकी थी.

बचपन में मोमबत्‍ती से पिघला मोम हथेली पर गिराते थे तो चीख निकल जाया करती थी. सोचिए, वही खौलता हुआ मोम आपके पूरे शरीर पर डाल दिया जाए तो? जिंदा जलाए जाने का दर्द महसूस करते हैं? उन्‍नाव की गैंगरेप पीड़‍िता अब हमारे बीच नहीं है. डॉक्‍टर बताते हैं पीड़‍िता 90 फीसदी से ज्‍यादा जल चुकी थी. उसने जिसपर भरोसा किया, उसी ने इस हाल में ला छोड़ा था. मौत के इतने करीब आकर उसके मुंह से निकला भी तो- दरिंदों को छोड़ना मत! कौन हैं ये दरिंदे?

शिवम त्रिवेदी. यही उस लड़के का नाम है जिसके साथ पीड़‍िता ने साथ जीने-मरने की कसमें खाई थीं. प्यार का नाम देकर शिवम अपनी भूख शांत करता रहा. 18 जनवरी 2018 वो तारीख थी जब रायबरेली कोर्ट में शिवम और पीड़‍िता ने मैरिज कॉन्‍ट्रैक्‍ट साइन किया. ये इकरारनामा था कि शिवम पीड़‍िता का खयाल रखेगा. मगर उसके इरादे कुछ और ही थे.

पीड़‍िता से मन भर गया तो शिवम उसे छोड़कर चला गया. लड़की ने अपना हक मांगा तो धमकी मिली. गांव में पंचायत बैठी. शिवम के घरवालों ने दबाव बनाया कि 3 लाख रुपये ले लो और शिवम का पिंड छोड़ दो. पीड़‍िता से कहा गया कि इन रुपयों से दूसरी शादी कर ली. वो प्‍यार तो गंवा ही चुकी थी, पर इज्‍जत के लिए लड़ी.

साफ कह दिया, सिर्फ शिवम की पत्‍नी बनकर नहीं, घर की बहू होने का हक चाहिए. पीड़‍िता कहती रही कि शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण किया गया. दिसंबर 2018 में शिवम ने शुभम त्रिवेदी के साथ मिलकर उसको किडनैप कर लिया. पीड़‍िता का रेप किया. मगर पुलिस ने FIR नहीं दर्ज की.

पीड़‍िता ने अदालत का दरवाजा खटखटा दिया. एक स्थानीय कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मामले को रायबरेली जिले में मार्च में दर्ज किया गया. अब शिवम का परिवार, जिसकी पिछले तीन कार्यकाल से प्रधानी है, ने उसे रास्‍ते से हटाने की ठान ली. वो इसी मामले की पैरवी के लिए 5 दिसंबर को रायबरेली जा रही थी. सुबह करीब चार बजे पीड़िता ट्रेन पकड़ने बैसवारा स्टेशन के लिए निकली थी, तभी गांव के बाहर खेत में दोनों आरोपी व उनके तीन साथियों ने उसके ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी.

पांचों दरिंदों के नाम

शिवम त्रिवेदी, हरिशंकर द्विवेदी, शुभम त्रिवेदी, रामकिशोर त्रिवेदी और उमेश वाजपेयी

FIR में पीड़‍िता ने बताया कि, शिवम उसके साथ 2018 में रिलेशनशिप में था लेकिन वह शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण करता था. बाद में उसने शादी करने से इंकार कर दिया और एक अन्य दोस्त के साथ उसका रेप किया.

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