FACT CHECK: संजीव बालियान के फर्जी वोटिंग के दावों को सही बताता ये वीडियो क्या सही है

सोशल मीडिया पर वायरल हुए कंटेंट को लोग अक्सर सही मान लेते हैं. लोगों को भटकाने के लिए फेक न्यूज का चलन जोरों पर है. ऐसे में फैक्ट चेक करना बहुत जरुरी है कि क्या सही है क्या गलत. ऐसे ही एक वीडियो का हम फैक्ट चेक कर रहे हैं...

नई दिल्ली. 11 अप्रैल को लोकसभा चुनाव 2019 के पहले चरण का मतदान हुआ था. उत्तर प्रदेश की मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर भी वोटिंग हुई. इसी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी संजीव बालियान ने ये दावा किया था कि कुछ लोग बुर्के पहनकर फर्जी वोट दे रहे हैं. बालियान के इस आरोप के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया गया. जोकि भाजपा प्रत्याशी के दावों की पुष्टि कर रहे थे. हालांकि, इन वीडियो की जांच के बाद मालूम चला कि ये पुरानी है और उनका 11 अप्रैल की वोटिंग से कोई संबंध नहीं है.

पहले बात करते हैं वायरल हुए वीडियो की

मुजफ्फरनगर में वोटिंग वाले दिन एक वीडियो वायरल हुआ. इस वीडियो में एक महिला कुछ बुर्का पहने औरतों को वोट देने से रोक रहीं हैं. इस वीडियो को एक शख्स ने ट्वीट करते हुए कैप्शन दिया “संजीव बालियान-मुजफ्फरनगर अगेन, बीजेपी की मुस्लिम कार्यकर्ता द्वारा फ़र्ज़ी वोटिंग का रंगे हाथ पकड़ना,पहचान पत्र किसी और का वोट कोई और डाल रहा है.” वहीं एक और शख्स ने वीडियो अपलोड करते हुए लिखा “उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में बुर्का पहनकर फर्जी वोटिंग करती हुई पकड़ी गयी मुस्लिम महिलाएं.”  ये वीडियो भाजपा सांसद के दावों को सच्चा बता रहा था.

फैक्ट चेक

जब इस वीडियो की पड़ताल की गई तो पाया गया कि ये वीडियो पुराना है. पहले तो इस वीडियो में जो महिला बुर्के वाली औरतों को वोट देने से रोक रही है उसने अपना परिचय बसपा नेता  शैला के रूप में बताया. जब पता किया गया तो मालूम चला कि शैला खान नाम की महिला 2017 में रामपुर नगर पालिका के चेयरमैन पद के चुनाव में बहुजन समाज पार्टी की प्रत्याशी थीं.  ये रहा उनके चुनाव क पोस्टर-

Sanjeev Balyan fake voting, FACT CHECK: संजीव बालियान के फर्जी वोटिंग के दावों को सही बताता ये वीडियो क्या सही है
शैला खान के चुनाव का पोस्टर..

वायरल किया गया ये वीडियो 2017 का है. ढूंढने पर ये वीडियो यूट्यूब पर भी मिला. ये वीडियो 26 नवम्बर 2017 को यूट्यूब पर डाला गया था-

एक पुराने वीडियो को यूट्यूब से उठाया गया और उसे संजीव बालियान के बयान से जोड़ते हुए अपलोड कर दिया गया. लोग सोशल मीडिया पर फैलाई गई ऐसी बातों को सही भी मान लेते हैं. इस वीडियो में जो महिला है वो भाजपा कार्यकर्ता नहीं है, बल्कि वो पूर्व बसपा प्रत्याशी हैं. इस वीडियो का भाजपा प्रत्याशी के फर्जी वोटिंग के दावे से कुछ भी लेना देना नहीं है.