राजीव गांधी को भ्रष्टाचारी बताने वाले बयान पर पीएम मोदी को मिली चुनाव आयोग की क्लीन चिट

चुनाव आयोग के इस फैसले के साथ अब प्रधानमंत्री मोदी को मौजूदा लोकसभा चुनाव में आचार संहिता उल्लंघन के कुल नौ मामलों में क्लीन चिट मिल गई हैं.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को भ्रष्टाचारी नंबर 1 कहने को चुनाव आयोग ने आचार संहिता का उल्लंघन मानने से इनकार करते हुए उन्हें क्लीन चिट दे दी है. चुनाव आयोग के इस फैसले के साथ अब प्रधानमंत्री मोदी को मौजूदा लोकसभा चुनाव में आचार संहिता उल्लंघन के कुल नौ मामलों में क्लीन चिट मिल गई हैं.

न्यूज एजेंसी एएनआई ने चुनाव आयोग के हवाले से कहा कि आयोग ने निर्देश में लिखा है कि, ‘पहली नजर में, हमें आचार संहिता के किसी भी शाब्दिक उल्लंघन जैसा नहीं लगा है. मालूम हो कि शनिवार को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में एक रैली में पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा, “आपके पिता को उनके दरबारियों ने ‘मिस्टर क्लीन’ करार दिया था, लेकिन उनका जीवन भ्रष्टाचारी नंबर 1 के रूप में समाप्त हुआ.”

राजीव गांधी पर मोदी की टिप्पणी के बाद कई विपक्षी दलों ने पीएम मोदी और बीजेपी की व्यापक आलोचना की और इस के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच बयानबाजी का दौर और तल्ख हो गया.

सोमवार को अभिषेक मनु सिंघवी और सलमान खुर्शीद की अगुवाई में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग को बताया कि “प्रधानमंत्री का इस तरह की अश्लील और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना न केवल मानहानि है, बल्कि आदर्श आचार संहिता के निर्देशों का भी उल्लंघन है. जिसको सख्ती से लिया जाना चाहिए.”

इससे पहले सोमवार को ही, चुनाव आयोग ने मोदी को दो और मामलों में क्लीन चिट दे दी थी. आयोग के मुताबिक मोदी ने 23 अप्रैल को अहमदाबाद में रोड शो के दौरान आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया. आयोग ने मोदी को कर्नाटक के चित्रदुर्ग में 9 अप्रैल के अपने भाषण के लिए भी क्लीन चिट दे दी. जहां उन्होंने कथित तौर पर नए मतदाताओं को बालाकोट एयर स्ट्राइक के नायकों के लिए अपना वोट समर्पित करने के लिए कहा था.

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