अररिया के जल्लादों से हारा ITBP का अर्जुन, कहा- न्याय करिए सरकार

ITBP जवान ने आगे बताया कि 8 मई 2019 को भाई पवन कुमार दास और पिता अनंत चंद दास नज़दीक में मज़दूर ढूंढ़ने गए थे जहां पर इनलोगों ने उनकी हत्या कर दी.
ITBP constable Arjun Kumar Das, अररिया के जल्लादों से हारा ITBP का अर्जुन, कहा- न्याय करिए सरकार

नई दिल्ली: बिहार के अररिया में एक ITBP (इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस) का जवान दबंगों से परेशान है. ITBP का यह जवान अपने ही गांव के दबंगो से इस क़दर परेशान है कि उसने सीएम नीतीश कुमार और पीएम मोदी को ख़त लिखकर भी मदद मांगी. लेकिन अभी तक उसके समस्या का समाधान नहीं मिला है.

अर्जुन कुमार दास नाम का यह ITBP जवान का कहना है कि दबंगो ने इसी साल के मई महीने में पिता और भाई की हत्या कर दी थी लेकिन अब तक किसी की गिरफ़्तारी नहीं हुई है. प्रशासन की बेरुख़ी से परेशान ITBP जवान ने TV9Bharatvarsh के सामने रोते हुए मदद की गुहार लगाई है.

ITBP जवान ने हाथ जोड़ते हुए कहा, ‘प्रधानमंत्री महोदय, भारत सरकार और गृहमंत्री महोदय और बिहार सरकार मुख्यमंत्री महोदय से मैं अपील करता हूं कि मेरे भाई और पिताजी के हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करावाकर मुझे न्याय दिलाने की कृपा की जाए. अगर इन लोगों को गिरफ़्तार नहीं किया गया तो ये लोग मेरे पूरे परिवार को मार डालेंगे. मुझे डर है कि वो मेरी भी हत्या करा सकते हैं. मैं दिल्ली में रहता हूं. द्वारका, किदवई नगर और सनि सिटी में उनके रिश्तेदार रहते हैं. उनका कहना है कि अगर इसे मार दोगे तो ऊपर तक आवाज़ पहुंचानेवाला कोई नहीं बचेगा.’

अर्जुन दास बताते हैं, ‘साल 2000 में मेरे पूरे परिवार को उन दबंगो ने पीटा था. साथ ही हमारा सामान भी लूटा था. इस केस में उन्हें सज़ा मिली थी. साल 2018 में एसएचओ सदानंद साह नोटिस लेकर आरोपी रामचंद्र दास के घर आए. उन्हें बताया गया कि कोर्ट ने उनकी बेल एप्लिकेशन ख़ारिज़ कर दिया है. जिसके बाद उसने किसी तरह दारोगा को अपने पक्ष में कर लिया. नौबत यहां तक आ गई कि अब दारोगा भी मुझे परेशान करने लगे. 30 जुलाई 2018 को शाम 7.30 बजे हमारे घर पर लगभग 40-50 की संख्या में लोग पहुंचे और धारदार हथियार, बंदूक, कुल्हाड़ी, दबिया और डैगर के साथ धाबा बोल दिया. मेरे भाई ने पुलिस को फोन किया, मैने एसएसबी के सीईओ को फोन किया. हमारे घर के पास ही एसएसबी बटालियन की दो कंपनी तैनात थी, डीसी साहब ने तुरंत फोर्स के साथ दो गाड़ी भेजी. जिससे मेरा पूरा परिवार बाल-बाल बचा.’

ITBP जवान ने आगे बताया कि 8 मई 2019 को भाई पवन कुमार दास और पिता अनंत चंद दास नज़दीक में मज़दूर ढूंढ़ने गए थे जहां पर इनलोगों ने उनकी हत्या कर दी.

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