INX मीडिया ही नहीं एयरसेल मैक्सिस में भी चिदंबरम हैं घेरे में, जानिए क्या है डील?

चिदंबरम 3,500 करोड़ रुपये के एयरसेल मैक्सिस सौदे तथा 305 करोड़ रुपये के आईएनएस मीडिया मामले की जांच कर रही एजेंसियों के दायरे में हैं.

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम को दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को आईएनएक्स मीडिया मामले में गिरफ्तारी से राहत देने से इनकार कर दिया. वहीं उनके पुत्र कार्ति चिदंबरम के खिलाफ एयरसेल मैक्सिस भ्रष्टाचार मामले और धन शोधन मामले में मुकदमा चल रहा है.

सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज एयरसेल मैक्सिस मामलों में चिदंबरम तथा उनके बेटे की जमानत संबंधी याचिकाएं निचली अदालत में लंबित हैं. दोनों को निचली अदालत ने गिरफ्तारी से 23 अगस्त तक अंतरिम राहत प्रदान की है.

एयरसेल मैक्सिस मामलों में पूर्व केंद्रीय मंत्री चिदंबरम को पहली बार पिछले साल जुलाई में अंतरिम राहत मिली थी. इसके बाद समय समय पर उनकी अंतरिम राहत की अवधि बढ़ाई जाती रही है.

पिछले साल 19 जुलाई को सीबीआई द्वारा दाखिल आरोप पत्र में चिदंबरम और कार्ति के नाम थे.

सीबीआई जांच कर रही है कि 2006 में वित्त मंत्री के पद पर रहते हुए चिदंबरम ने एक विदेशी कंपनी को एफआईपीबी मंजूरी कैसे दे दी क्योंकि ऐसा करने का अधिकार केवल आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) के पास ही होता है.

प्रवर्तन निदेशालय एयरसेल मैक्सिस प्रकरण में धनशोधन के एक अलग मामले की जांच कर रहा है. इस मामले में एजेंसी चिदंबरम से पूछताछ कर चुकी है और उनकी अग्रिम जमानत याचिका लंबित है.

क्या है एयरसेल मैक्सिस डील

मैक्सिस मलेशिया की एक कंपनी है जिसकी ज़िम्मेदारी बिजनेस टॉयकून टी आनंद कृण्णन पर है. इन्हें टैक नाम से भी जाना जाता है. टैक श्रीलंका की तमिल पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाले एक मलेशियाई नागरिक है. एयरसेल को सबसे पहले एक एनआरआई टॉयकून सी सिवसंकरन (सिवा) ने प्रमोट किया था, जो कि तमिलनाडु के मूल निवासी थे.

साल 2006 में मैक्सिस ने एयरसेल की 74 फीसदी हिस्सेदारी खरीद ली थी. बाकी की 26 फीसदी हिस्सेदारी अब एक भारतीय कंपनी के पास है. इस कंपनी का अपोलो हॉस्पिटल ग्रुप से संबंध है . अपोलो के ग्रुप फाउंडर डॉ सी प्रताप रेड्डी की बेटी सुनीता रेड्डी के पास कंपनी का 26 फीसदी शेयर है और मालिकाना हक़ भी.

2जी स्पेक्ट्रम घोटाला उजागर होने के बाद यह मामला सबके सामने आया. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने ए राजा के पूर्ववर्ती मंत्रियों की जांच करने के लिए सीबीआई को निर्देश जारी किया था. जिसके बाद ए राजा से पहले दूरसंचार मंत्री रहे दयानिधि मारन को अप्रैल साल 2011 में इस्तीफा देना पड़ा था.

साल 2006 में जब पी चिदंबरम मनमोहन सिंह सरकार में वित्त मंत्री थे तो उन्होंने इस डील को मंजूरी दी थी और अब उन पर आरोप है कि चिदंबरम के पास तो सिर्फ 600 करोड़ रुपए तक के ही प्रोजेक्‍ट को मंजूरी देने का अधिकार था.

इससे अधिक के प्रोजेक्ट को मंजूरी देने के लिए चिदंबरम को आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति से मंजूरी लेनी चाहिए थी लेकिन उन्होंने इस प्रोजेक्ट के लिए मंजूरी नहीं ली.

एयरसेल-मैक्सिस डील मामले में ईडी पी.चिदंबरम से कई बार पूछताछ कर चुकी है. 28 फरवरी को इसी मामले में उनके बेटे कार्ति चिदंबरम को भी गिरफ्तार किया गया था जो फिलहाल बेल पर बाहर हैं.

इस मामले में फिलहाल दिल्ली की एक अदालत ने पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम को सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दायर प्राथमिकियों में गिरफ्तारी से दी गई अंतरिम छूट की अवधि 23 अगस्त तक के लिए बढ़ा दी.

चिदंबरम 3,500 करोड़ रुपये के एयरसेल मैक्सिस सौदे तथा 305 करोड़ रुपये के आईएनएस मीडिया मामले की जांच कर रही एजेंसियों के दायरे में हैं.

दोनों ही उपक्रमों को एफआईपीबी से मंजूरी यूपीए (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) सरकार के पहले कार्यकाल में दी गई थी और तब चिदंबरम वित्त मंत्री थे.

सुब्रमण्यम स्वामी ने वित्तीय लेनदेन का किया था खुलासा 

साल 2015 में सुब्रमण्यम स्वामी ने कार्ति चिदंबरम की विभिन्न कंपनियों के बीच वित्तीय लेनदेन का खुलासा किया था. स्वामी ने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार में वित्त मंत्री रहते हुए पी. चिदंबरम ने अपने बेटे कार्ति की एयरसेल-मैक्सिस डील से लाभ उठाने में मदद की. इसके लिए उन्होंने दस्तावेजों को जानबूझकर रोका और अधिग्रहण प्रक्रिया को नियंत्रित किया ताकि कार्ति को अपनी कंपनियों के शेयर की कीमत बढ़ाने का वक्त मिल जाए.

बता दें कि तीन अप्रैल को ईडी ने एयरसेल-मैक्सिस डील के संबंध में जांच की स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की थी. वहीं 15 मई 2017 को सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर आरोप लगाया कि साल 2007 में आईएनएक्स मीडिया से पैसे लेने में कई तरह की अनियमित्ताएं हुईं. चिदंबरम उस दौरान केंद्र सरकार में मंत्री थी. इसलिए ईडी ने उन पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था.

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