IAF के लापता विमान का अब तक सुराग नहीं, कहीं सच न साबित हों आशंकाएं

विमान ने असम के जोरहाट से 3 जून को दोपहर 12:25 पर उड़ान भरी थी.
IAF के, IAF के लापता विमान का अब तक सुराग नहीं, कहीं सच न साबित हों आशंकाएं

गुवाहाटी: भारतीय वायु सेना (IAF) के एएन-32 विमान जो अरुणाचल प्रदेश में चीन सीमा के निकट एक दिन पहले लापता हो गया, व्यापक तलाशी अभियान के बावजूद मंगलवार को उसका सुराग नहीं लगाया जा सका. एएन-32 में 13 लोग सवार थे. अधिकारियों ने लापता विमान का सुराग लगाने के लिए नौसेना के पी-8आई विमान की तौनाती की है.

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता व विंग कमांडर रत्नाकर सिंह ने कहा कि सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस व कई सरकारी व नागरिक एजेंसियों द्वारा तलाशी की जा रही है. हालांकि, उन्होंने कहा कि विमान या उसके मलबे का कोई संकेत नहीं है.

अभी तक हम क्या जानते हैं

  • IAF के एएन-32 विमान जो अरुणाचल प्रदेश में चीन सीमा के निकट एक दिन पहले लापता हो गया, बाद में मालूम चला कि विमान क्रैश हो गया है. विमान ने असम के जोरहाट से 3 जून को दोपहर 12:25 पर उड़ान भरी थी. विमान से आखिरी संपर्क उसी दिन दोपहर 1 बजे हुए था. एएन-32 में 13 लोग सवार थे, इसमें 1 विंग कमांडर, 4 फ्लाइट लेफ्टिनेंट, 1 स्क्वाड्रन लीडर और 7 एयरमैन थे.
  • लापता विमान की खोजबीन के लिए सोमवार को IAF के सी-130, एएन-32 विमान, दो एमआई-17 और भारतीय सेना के एएलएच हेलीकॉप्टरों को लगाया गया था.
  • अभी तक विमान का मलबा नहीं मिला है. कुछ अफवाहें आई थी कि एक IAF हेलीकॉप्टर को मलबा दिखा है, लेकिन ये सिर्फ अफवाह ही थी. इसके बाद IAF ने बताया कि मलबा अरुणाचल प्रदेश के पायूम के नजदीक कहीं हो सकता है. ये विमान के लैंडिंग लोकेशन से 40 किलोमीटर पहले है.
    अंदाजा ये भी लगाया जा रहा है कि विमान के हिस्से सिआंग नदी में गिरे हों. हालांकि, अभी तलाश जारी है और विमान का मलबा नहीं मिल सका है.

क्या हो सकता है

  • विमान कम जनसंख्या वाले इलाके में गिरा हो क्योंकि असम के किसी भी नागरिक ने किसी भी विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना नहीं दी.
  • शायद कोई भी घटना में जीवित नहीं बचा है (आशा है असत्य हो), क्योंकि यदि कोई जीवित बचता है, तो वह अधिकारियों से संपर्क करता.
    तकनीकी खराबी से सिस्टम ख़राब हो गया होगा, क्योंकि विमान पुराना है और एक पुरानी एयरफ्रेम के साथ संचालित था.
  • ये चीजें हो सकती हैं लेकिन हमें हो सकने वाली चीजों पर भरोसा करने के बजाय भारतीय वायुसेना की अंतिम पुष्टि की प्रतीक्षा करनी चाहिए.

कुछ अटकलें जो विमान के गायब होने को लेकर लगाईं जा रही हैं

चीन ने विमान को हैक कर लिया. (बिलकुल गलत)

इसपर विश्वास नहीं किया जा सकता. एक विमान को हैक करना कठिन है, लेकिन एनालॉग सिस्टम पर निर्भर रहने वाले विमान को हैक करना असंभव है. एंटोनोव एन 32 आमतौर पर संचालन के लिए एनालॉग और हाइड्रोलिक सिस्टम पर निर्भर है.

अगर चीन इस विमान को छति पहुंचना चाहता तो वह इसके संपर्क सिस्टम को जाम कर देता. लेकिन, इसका कोई मतलब नहीं है क्योंकि चीन इस समय भारत के साथ शांतिपूर्ण स्थिति में है.

एएन-32 के पूरे बेड़े को रिटायर करना. (संभव है)

भारत ट्रांसपोर्ट के लिए 100+ एएन-32 का संचालन कर रहा है, इसलिए इसे एक बार में सेवानिवृत्त करने की संभावना नहीं है, लेकिन विकल्प के तौर पर नया विमान आ जाने के बाद ऐसा किया जा सकता है.

IAF ने पहले ही एवरो एयरक्राफ्ट को बदलने के लिए C295 ट्रांसपोर्ट एयरक्रॉफ्ट के इस्तेमाल की योजना बना चुका है. ये संभव है कि बढ़ती घटनाओं को देखते हुए एएन-32 को बदलने के लिए नए विमान लाये जा सकते हैं.

भारतीय नौसेना भी खोज में शामिल

IAF के लापता विमान का पता लगाने के लिए नौसेना के पी-8आई विमान की तौनाती की है. नौसेना के लंबी दूरी के समुद्री टोही विमान पी-8आई ने तमिलनाडु के आईएनएस राजली से खोज और बचाव अभियान में शामिल होने के लिए उड़ान भरी है. नौसेना के अधिकारियों ने कहा कि पी-8आई समुद्री टोही, पनडुब्बी रोधी अभियानों और इलेक्ट्रॉनिक खुफिया अभियानों के लिए सेंसर से लैस हैं.

नौसेना के एक प्रवक्ता ने ट्वीट किया, “पी-8आई विमान में बहुत शक्तिशाली सिंथेटिक एपर्चर रडार है, जिसका इस्तेमाल लापता विमान का पता लगाने के लिए एसएआर स्वीप के दौरान किया जाएगा.”

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