मुजफ्फरपुर शेल्‍टर होम केस की जांच के लिए CBI ने छह महीने मांगे, SC ने दिए सिर्फ तीन

मुख्‍य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को झटका देते हुए SC ने कहा कि वह आरोपियों के पक्ष को नहीं सुनेगी.
मुजफ्फरपुर, मुजफ्फरपुर शेल्‍टर होम केस की जांच के लिए CBI ने छह महीने मांगे, SC ने दिए सिर्फ तीन

नई दिल्‍ली: बिहार के बहुचर्चित मुजफ्फरपुर शेल्‍टर होम मामले में सीबीआई को जांच पूरी करने के लिए तीन माह का समय मिला है. जांच एजंसी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सीलबंद रिपोर्ट दाखिल कर छह महीने का समय मांगा था.

सुप्रीम कोर्ट ने CBI से कहा है कि धारा 377, IT एक्ट और जो विजिटर्स लड़कियों का उत्पीड़न करते थे, उनके बारे में भी जांच की जाए. अदालत ने इस मामले में मुख्‍य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को झटका देते हुए कहा कि वह आरोपियों के पक्ष को नहीं सुनेगी.

सुप्रीम कोर्ट ने 6 मई को CBI को 3 जून तक स्‍टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए थे. मामले में सीबीआई के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय पहुंचीं निवेदिता झा ने आरोप लगाया था कि एजंसी गुनाहगारों को बचाने के लिए महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज कर रही है. सुनवाई के दौरान झा के वकील ने आरोप लगाया कि सीबीआई जानबूझकर जांच की गति को धीमा कर रही है, मुकदमा शुरू हुए तीन महीने बीत गए लेकिन सीबीआई अभी भी मामले को स्पष्ट नहीं कर पाई है.

CBI ने मानी थी 11 लड़कियों की हत्‍या की बात

सीबीआई के वकील ने कहा था कि जांच के दौरान एजंसी को पता चला है कि 11 लड़कियों की संभवत: हत्या कर दी गई है और 35 बच्चियों के समान नाम थे. CBI ने अपने हलफनामे में बताया था, “जांच अधिकारी और निमहंस (नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ ऐंड न्यूरो-साइंसेज) की टीम की ओर से रिकार्ड किए गए पीड़िताओं के बयान के अनुसार, आरोपी ब्रजेश ठाकुर और उसके सहयोगियों द्वारा कथित रूप से 11 लड़कियों की हत्या की बात सामने आई है.”

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