पत्थरबाजों के लिए होती है सीक्रेट फंडिंग, हर हफ्ते मिटा देते हैं रिकॉर्ड- गिलानी के सहयोगी ने कोर्ट में कबूला

'गिलानी ने साल 2016 में अपने संगठन तहरीक-ए-हुर्रियत और अन्य दो संगठनों के साथ मिलकर पैलेट्स गन के पीड़ितों के बीच 1 करोड़ रुपये बांटे थे.'

नई दिल्ली: न्यायिक हिरासत में पूछताछ के दौरान एक वरिष्ठ अलगाववादी नेता ने बताया कि हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी ने एक ‘गुप्त फंड’ बना रखा है जिसमें कई जगहों से पैसा आता है.

इतना ही नहीं हर हफ़्ते इस फंड की डिटेल रिपोर्ट नष्ट की जाती है जिससे भारतीय सरकारी तंत्र को इसकी जानकारी नहीं लग सके.

न्यायिक हिरासत में मौज़ूद नेता ने मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज़ में बात कही है.

इकॉनोमिक टाइम्स के मुताबिक इस बात का ख़ुलासा करने वाला गिलानी का नजदीकी सहयोगी है. जिसे कुछ दिन पहले ही आतंकी फंडिंग मामले में NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) ने गिरफ्तार किया था.

बयान के मुताबिक ‘गिलानी ने साल 2016 में अपने संगठन तहरीक-ए-हुर्रियत और अन्य दो संगठनों के साथ मिलकर पैलेट्स गन के पीड़ितों के बीच 1 करोड़ रुपये बांटे थे.’

बयान में यह भी कहा गया है कि ये पैसे पाकिस्तान से आए थे जिसे कश्मीर के 95 परिवारों के बीच बांटा गया. सभी परिवारों को एक-एक लाख दिए गए थे.

ज़ाहिर है साल 2016 में सुरक्षाकर्मियों द्वारा आतंकी बुरहान वानी की हत्या के बाद घाटी में युवाओं ने विरोध शुरू कर दिया था. इस दौरान 119 लोगों की मौत हुई थी जबकि 16,000 लोग घायल हुए थे.