रक्षाबंधन पर 19 साल बाद बन रहा महासंयोग, जानिए कैसे उठाएं इसका पूरा लाभ

अगर सावन महीने का आरंभ और अंत श्रवण नक्षत्र में हो तो इसे बहुत ही दुर्लभ योग माना जाता है. ये शुभ योग है.


नई दिल्ली: भाई-बहन के अटूट रिश्ते, प्यार और समर्पण का त्योहार रक्षाबंधन बृहस्पतिवार यानी 15 अगस्त को पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा. रक्षाबंधन हर साल सावन महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है लेकिन इस बार एक खास संयोग बन रहा है. आचार्य विक्रमादित्य ने टीवी 9 भारतवर्ष से बातचीत में 19 साल बाद बने इस महासंयोग के बारे में बताया.

आचार्य विक्रमादित्य के मुताबिक, सावन महीने के अंतिम दिन श्रवण नक्षत्र पड़ रही है. यह बहुत ही दुर्लभ और शुभ योग माना जाता है. सावन का महीना श्रवण नक्षत्र की वजह से ही जाना जाता है. अगर सावन महीने का आरंभ और अंत श्रवण नक्षत्र में हो तो इसे बहुत ही दुर्लभ योग माना जाता है. इस बार रक्षाबंधन के दिन सौभाग्य योग भी बन रहा है.

साथ ही इस बार रक्षाबंधन के दिन भद्रा भी नहीं है. सुबह से लेकर शाम तक काफी शुभ समय रहेगा. ऐसे में हमें इसका पूरा लाभ लेने का प्रयास करना चाहिए. इस दिन हमें भगवान का स्मरण जरूर करना चाहिए. इस शुभ दिन का भक्ति कार्यों के जरिए आनंद लेना चाहिए.

भाई की राशि के हिसाब से बहनें बांधें राखी-

मेष: मेष राशि के भाई को उनकी बहनें लाल डोरी वाली राखी बांधें.

वृष: सफेद रेशमी डोरी वाली रखी बांधे.

मिथुन: मिथुन राशि के भाई को बहनें हरे रंग की राखी बांधें.

कर्क: पीली राखी बांधना आपके लिए शुभ है.

सिंह: बहुरंगी राखी बांधने से लाभ मिलेगा.

कन्या: इस राशि के भाई को हरे रंग की राखी बांधें.

तुला: हल्के पीले रंग की डोरी वाली राखी बांधना शुभ है.

वृश्चिक: गुलाबी रंग की राखी बांधिए.

धनु: धनु वाले सफेद धागे से बनी रखी बांधें.

मकर: आपके लिए सतरंगी राखी फलदायी है.

कुम्भ: नीले रंग के धागों वाली राखी से भाई की कलाई सुशोभित करें.

मीन: पीले रंग की राखी आपके लिए शुभ मानी गई है.

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