आज है International Men’s Day, जानें कैसे हुई शुरुआत, क्यों मनाया जाता है ये?

इस साल Men's Day की थीम है "मेकिंग अ डिफरेंस फॉर में एंड बॉयज". इस साल ये थीम चुनने की भी खास वजह है.

आपने अक्सर सुना होगा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस तो हर साल 8 मार्च को आता है लेकिन मेंस डे कब आता है. ये दिन कभी आता भी है या नहीं, ऐसे सवाल हमने कई बार सुने हैं और हंसी में भी उड़ाए हैं. मेंस डे हर साल 19 नवंबर को आता है.

कैसे हुई शुरुआत

इस दिन को मनाने की पहल 1999 में वेस्ट इंडीज के एक प्रोफेसर डॉक्टर जेरोम तेलुक्सिंग ने की थी. भारत में इस पर्व को मनाने की शुरुआत 2007 में हुई. इसका श्रेय भारतीय वकील उमा छल्ला को जाता है. मालूम हो कि उमा छल्ला ‘सेव द इंडियन फैमली फाउंडेशन’ जैसे संगठनों को खड़ा किया है और उन्होंने ही इंटरनेशनल बॉयज डे की वकालत भी की है.

इसको मनाने का उद्देश्य

इस पर्व को मनाने का उद्देश्य था कि जिन लोगों ने समाज में बदलाव लाने की कोशिश की है उनको सम्मानित करना. साथ ही इस पर्व का उद्देश्य ये भी है कि मर्द जो मानसिक तकलीफें झेल रहे हैं उनको दुनिया के सामने लाना और इस मुद्दे पर एक चर्चा शुरू हो पाए.

मर्दों की मानसिक तकलीफों में मानसिक तनाव और मर्दों में बढ़ती आत्महत्या जैसे कुछ मुद्दे शामिल हैं. भारत में इस पर्व का मुख्य उद्देश्य है कानून के तहत मर्दों के साथ होने वाली ज्यादती.

इस साल की थीम और वजह

इस साल इस पर्व की थीम है “मेकिंग अ डिफरेंस फॉर में एंड बॉयज”. इस साल ये थीम चुनने का कारण है कि मर्दों की बात सुनी जाए और उनके स्वास्थ की तरफ ध्यान दिया जाए.

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