‘सफलता की कहानी’ से ज्यादा ‘किसी तरह कामयाब रही’, फिल्मी करियर के बारे में बोले अमिताभ

अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने अपनी फिल्म 'गुलाबो सिताबो' (Gulbaoo-Sitaboo) की रिलीज से पहले एक इंटरव्यू में कहा, "मेरी सफलता की कहानी गलत तरीके से व्यक्त की गई है. यह एक सफलता की कहानी नहीं है, यह 'किसी तरह से कामयाब रही' और अभी भी चल पा रही है."

बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) को नहीं लगता कि उनकी कहानी कोई ‘सफलता की कहानी’ है. दिग्गज स्टार का कहना है कि शोबिज की दुनिया में वह अपने करियर के बारे में बताते हुए कहा ‘किसी तरह से कामयाब’ होने के रूप में करेंगे. ऐसा कुछ है जिसे वह अभी भी करने की कोशिश कर रहे हैं.

शुरुआती रिजेक्शन से लेकर सुपरस्टारडम हासिल कर एक होनहार अभिनेता के रूप में पहचान बनाने तक, बॉलीवुड में उनके सफर की कहानी किसी शानदार बायोपिक मटेरियल से कम नहीं है. अमिताभ ने अपनी फिल्म ‘गुलाबो सिताबो’ (Gulbaoo-Sitaboo) की रिलीज से पहले एक इंटरव्यू में कहा, “मेरी सफलता की कहानी गलत तरीके से व्यक्त की गई है. यह एक सफलता की कहानी नहीं है, यह ‘किसी तरह से कामयाब रही’ और अभी भी चल पा रही है.”

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दिग्गज अभिनेता के साथ फिल्म में बॉलीवुड स्टार आयुष्मान खुराना ने भी काम किया है. आयुष्मान (Ayushmann Khurrana) के साथ काम करने का अपना अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा, “यह एक बहुत ही निपुण, सक्षम और बेहद प्रतिभाशाली कलाकार के साथ काम करने का अनुभव रहा है!”

शुरुआत में ऑफबीट भूमिका करते हुए आयुष्मान ने फिल्मों को लेकर अपने अनूठे चुनाव को लेकर बॉलीवुड में अपने लिए एक जगह बनाई है.

बच्चन ने कहा, “पहली बात ये है कि प्रत्येक अभिनेता, कलाकार, रचनात्मक प्रतिभा, जिस तरह के काम को पेशेवर रूप से शामिल करना चाहते हैं, उस पर अपनी पसंद करने के लिए उनके पास प्राथमिकता है और ऐसे में आयुष्मान के विकल्पों को मेरे समान बताना गलत है.”

उन्होंने कहा, “मैं आयुष्मान के बारे में नहीं कह सकता, लेकिन मेरी पसंद निमार्ताओं पर जिम्मेदारी और निर्भरता रही है, जिसके साथ मुझे काम करने का सौभाग्य मिला है. उन्होंने मुझे चुना, मैंने उन्हें नहीं. आपको अभिनेता से ही पूछना होगा कि उन्होंने जो चुना उसका ही चुनाव उन्होंने क्यों किया और किसके साथ करना है, वो कैसे चुना.”

स्टारडम के शिखर को छूने से लेकर दिवालिएपन के अपने दिनों में असफलता का सामना करने और शोबिज के खेल में वापसी करने तक बिग बी ने यह सब देखा है. वह कहते हैं कि वह अभी भी सीखने की राह पर हैं.

बॉलीवुड की युवा पीढ़ी को ‘इम्पेकेबल फॉल्टलेस फैकल्टी’ और ‘लर्निग डिवाइस’ कहा

77 वर्षीय दिग्गज अभिनेता ने कहा, “अभिनेताओं की युवा नस्ल सबसे बेहतर है. क्षमा करें, वास्तव में मुझे ‘नस्ल’ शब्द पसंद नहीं है. इससे मुझे घोड़े का ध्यान आ जाता है. युवा पीढ़ी या वर्तमान पीढ़ी के कलाकार एक इम्पेकेबल फॉल्टलेस फैकल्टी हैं. वे एक लर्निंग डिवाइस हैं या अधिक वर्तमान समय में मेरी भाषा में कहें तो एक ‘5-स्टार लर्निंग एप’ हैं.

फिलहाल, बच्चन ‘गुलाबो सिताबो’ की रिलीज का इंतजार कर रहे हैं. शूजीत सरकार द्वारा निर्देशित फिल्म को थिएटर में रिलीज होना था. कोरोनावायरस महामारी के बढ़ते प्रकोप की रोकथाम के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के चलते बंद सिनेमाघरों के कारण अब इसे एक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया जा रहा है.

फिल्म का प्रीमियर 12 जून को अमेजन प्राइम वीडियो पर किया जाएगा.

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