बिना जांच के अनुराग कश्यप के लेडीज गैंग ने दी उन्हें क्लीन चिट, क्या समाज में नहीं जाएगा गलत संदेश?

एक निर्देशक (Anurag Kashyap) पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं, लेकिन कानून की जांच से पहले ही कई बुद्धिजीवी अभिनेत्रियां उन्हें क्लीन चिट दे चुकी हैं.

कानून अपने हाथ में लेना तो आम हो ही गया है. किसी को गाय तस्कर के आरोप में भीड़ पीट देती है, तो किसी को बच्चा चोर समझकर मार दिया जाता है. अब हर कोई जज भी बना बैठा है. कानूनी प्रक्रिया से गुजरने से पहले ही एक विशेष तबका आरोपी को क्लीन चिट दे देता है. ऐसा ही कुछ आजकल फिल्म इंडस्ट्री में भी देखने को मिल रहा है. एक निर्देशक पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं, लेकिन कानून की जांच से पहले ही कई बुद्धिजीवी अभिनेत्रियां उन्हें क्लीन चिट दे चुकी हैं.

समझ तो आप गए ही होंगे कि हम किस निर्देशक की बात कर रहे हैं. जो नहीं जानते उन्हें बता दें कि हम बात कर रहे हैं अनुराग कश्यप की. अनुराग कश्यप पर अभिनेत्री पायल घोष ने यौन शोषण के आरोप लगाए हैं. हालांकि इन आरोपों को अनुराग ने बेबुनियाद तो बताया ही है, साथ ही मर्यादा में रहने की सलाह भी पायल को दी है. वहीं ये ज्यादा ही चर्चित हो चुकीं अभिनेत्रियां, जो कि खुद महिला हैं ये भूल रही हैं कि यौन शोषण जैसा गंभीर आरोप कोई ऐसे ही नहीं लगा देता. दूसरा अगर इसमें कोई सच्चाई नहीं तो कानूनी जांच होना तो बनती है. और जब तक कानूनी जांच नहीं होती तब तक इन्हें आरोपी को बेगुनाह बताने का कोई हक नहीं.

सबसे पहले बात करते हैं कि आखिर पायल ने अनुराग पर क्या-क्या आरोप लगाए हैं…

पायल ने बताया, “मशहूर निर्देशक अनुराग कश्यप ने 2014 में मेरे साथ छेड़छाड़ की थी. निर्देशक ने मुझे बताया कि जो लड़कियों उनके साथ काम करती हैं वे उनके साथ ‘गाला टाइम’ बिताते हैं.”

पायल के अनुसार, अनुराग ने उन्हें दो बार मिलने बुलाया था. पहली बार वो उनके ऑफिस में मिली थीं. हालांकि उस दिन सब कुछ ठीक था. दूसरी बार अनुराग ने उन्हें अपने घर बुलाया था. उस दिन की घटना पर पायल ने बताया…

“अनुराग उस समय बॉम्बे वेलवेट पर काम कर रहे थे. उसने यह भी कहा कि लड़कियां रणबीर कपूर के साथ सिर्फ एक फिल्म करने के लिए उसके साथ सोने के लिए तैयार थीं. इसके बाद अनुराग ने एक एडल्ट फिल्म देखना शुरू कर दिया. मैं डर गई. इसके बाद वह अचानक मेरे सामने न्यूड हो गया और मुझसे अपने कपड़े निकालने के लिए कहा. मैंने कहा, ‘सर मैं कंफर्टेबल नहीं हूं.’ अनुराग ने कहा कि मैंने जिन अभिनेत्रियों के साथ काम किया है, वे मेरे सिर्फ एक कॉल पर मेरे पास आने के लिए तैयार हैं. तब मैंने फिर से कहा कि मैं कंफर्टेबल नहीं हूं और बीमार हूं. किसी तरह मैं वहां से भागी. इसके बाद मैं उनसे कभी नहीं मिली. उसने कई बार मुझसे मिलने के लिए कहा.”

अब सोशल मीडिया पर अनुराग की हर कोई आलोचना कर रहा था, तो ऐसे में जो अभिनेत्रियां उनसे अच्छा बॉन्ड शेयर करती हैं, वो इसमें कूद पड़ीं. उन्होंने कानूनी जांच से पहले ही अनुराग को बेगुनाह ठहरा दिया. इससे उनका मतलब तो साफ है कि यानी पायल घोष झूठ बोल रही हैं और उनपर मनगढंत आरोप लगा रही हैं.

अब एक नजर जरा उन अभिनेत्रियों पर भी डाल लेते हैं, जिन्होंने अनुराग को क्लीन चिट दी है.

तापसी पन्नू ने अनुराग कश्यप की एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा-

“आपके लिए, मेरे दोस्त, सबसे बड़े फेमिनिस्ट, जिन्हें मैं जानती हूं. आपके एक और ‘पीस ऑफ आर्ट’ के साथ आपको जल्द ही सेट पर देखना है. जो बातएगा कि आपकी बनाई दुनिया की महिलाएं कितनी शक्तिशाली और महत्वपूर्ण होती हैं.”

कलकि कोचलिन जो कि अभिनेत्री के साथ-साथ अनुराग की पूर्व पत्नी भी रही हैं, उन्होंने लिखा- 

“डियर अनुराग, इस सोशल मीडिया के सरकस को खुद पर हावी मत होने देना. तुम अपनी स्क्रिप्ट में भी महिलाओं की स्वतंत्रता के लिए लड़े हो. तुमने अपने निजी और प्रोफेशन लाइफ में उनके सम्मान की रक्षा की. मैं खुद इस बात की साक्षी हूं कि तुमने मुझे हमेशा अपने बराबर देखा है, हमारे तलाक के बाद भी तुम मेरे सम्मान के लिए खड़े रहे. तुमने मुझे उस वक्त सपोर्ट किया जब हम साथ नहीं थे और मैं अपने वर्कस्पेस में असुरक्षित महसूस कर रही थी.”

अनुराग के साथ नेटफ्लिक्स पर आई फिल्म ‘चोक्ड’ में काम कर चुकीं सैयामी खेर लिखती हैं-

“जब मैं पहली बार अनुराग कश्यप से मिली, उन्होंने मुझे अपने घर बुलाया. इससे पहले कि मैं कुछ कहती उन्होंने कहा, मेरे मां-पिता मेरे साथ रहते हैं, तुम्हें चिंता करने की ज़रूरत नहीं है.”

गीतकार गरीमा ओब्रो ने लिखा-

“अगर आप महिला हैं और आप इंडस्ट्री में काम करना चाहती हैं तो अनुराग कश्यप की टीम से बेहतर जगह कोई नहीं है. और अगर आप एक ऐसी महिला हैं, जो उनकी दोस्त हुआ करती हैं, तो कोई चांस ही नहीं है कि किसीकी कड़वाहट इस मूवमेंट और इस आदमी(अनुराग कश्यप) की प्रतिष्ठा को खराब कर सके.”

इस तरह स्वरा भास्कर, माही गिल,राधिका आप्टे, सुरवीन चावला और कनिका ढिल्लों जैसी कई फिल्म हस्तियां अनुराग के समर्थन में उतरी हैं.

किस हक से ये फिल्मी हस्तियां कश्यप को दे रहीं क्लीन चिट?

अब इन महिलाओं से सबसे अहम सवाल पूछते हैं कि क्या आप चौबीस घंटे अनुराग के साथ रहती हैं, जो उसे इतने करीब से जानती हैं. ऐसा अक्सर नहीं होता कि जो शख्स हमारे साथ अच्छा है, वो दूसरे के साथ भी उतना ही अच्छा हो. आप होती कौन हैं ये कह देने वाली कि अनुराग कश्यप ऐसा इंसान नहीं है. क्या आप जज हैं? क्या आपने कानूनी जांच की है? या क्या आप परमात्मा हो गई हैं?

आपको ये हक किसने दिया कि आप किसी महिला द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर आरोपी को क्लीन चिट देती फिरें. जांच तो हो जाने दी होती, लेकिन नहीं आपको तो हर मुद्दे में बोलना है, भले ही वह बेतुका क्यों न हो. आप एक महिला हैं और अनुराग कश्यप की तरह ये सवाल उठा रही हैं कि इतने लंबे समय बाद पायल ने अपनी चुप्पी क्यों तोड़ी? वह इतने सालों बाद इस मुद्दे पर क्यों बोलीं? आप महिला होकर शायद ये भूल रही हैं कि एक बड़े औदे और पावरफुल इंसान के खिलाफ बोलने के लिए बहुत हिम्मत चाहिए होती है. जो कि शायद पायल में उस समय न रही हो.

कहीं ये समर्थन अंधा या बहरा न हो

एक पक्ष को जानकार दूसरे को झूठा ठहरा देना महिलाओं को अपमानित करता है, वो भी तब जब यौन शोषण का आरोप लगाने वाली महिला को ही आप जैसी अभिनेत्रियां जो कि किसी की रोल मॉडल हैं झूठा ठहरा रही हैं. इतनी भी बुद्धिजीवी न बनिए कि एक दिन मुंह की खानी पड़े. आप भले अनुराग का समर्थन कीजिए, लेकिन ये न भूलिएगा कि कहीं ये समर्थन अंधा या बहरा न हो.

इन अभिनेत्रियों का समर्थन यह साबित करता है कि आखिर क्यों कई लड़कियां और महिलाएं अपने साथ हुई हिंसा को सालों तक दबाए रखती हैं. क्योंकि जो खुद महिला हैं, वो ही आरोपों की जांच से पहले ही आरोपी को क्लीन चिट दिए बैठी हैं. पीड़िता को अवसरवादी और न जानें कितने ही बुरे शब्दों को सामना करना पड़ रहा होगा, इसका आपने कभी सोचा है.

तुम्हारा समर्थन, तुम्हारी सोच को कर रहा है बयां

जब भी देश में किसी महिला या बच्ची का रेप होता है, तो आप खुलकर आरोपी को सजा दिलवाने के लिए बोलती हैं. अब कहां गई आपकी जुबान जब देश की एक बेटी अपने आरोपी के खिलाफ बोल रही है. पायल घोष सच कह रही है या झूठ इसका फैसला तो तभी होगा, जब जांच होगी. उससे पहले ही अनुराग कश्यप को आपका समर्थन देना, एक पीड़ित को न्याय के लिए लड़ने से पहले ही पीछे खींच रहा है. आप आभिनेत्रियां बिना सच्चाई जानें अनुराग कश्यप को पवित्र बता दे रही हैं.

समर्थन देनी वाली अभिनेत्रियों आप भी अब उन्हीं सड़कछाप लफंडरों की तरह दिख रही हो, जो कि राह गुजरती लड़की पर गंदी नजर डालते हैं. खुद को फेमिनिस्ट बताने वाली अभिनेत्रियों आप कतई उन आंटियों की तरह दिख रही हो, जो कि किसी लड़की को छोटे कपड़े में देखने पर ये कह देती हैं कि ऐसी ही लड़कियों के रेप होते हैं. तुम्हारा समर्थन, तुम्हारी सोच को चीख-चीखकर बयां कर रहा है.

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