कैंटीन में बर्तन धोता था ये कंटेस्टेंट, अब ‘Indian Idol 11’ से मिली पहचान

'इंडियन आइडल' के ऑडिशन के बारे में दिवस को उनके साथ कैंटीन में काम करने वाले उनके एक दोस्त से पता लगा था.

अगर आपके अंदर हुनर है और आपकी नीयत साफ है तो कुछ भी हासिल करना नामुमकिन नहीं है. ऐसी ही कहानी है झारखंड निवासी दिवस नायक की. सोनी एनटरटेंमेंट चैनल पर प्रसारित होने वाले टीवी रिएलिटी शो ‘इंडियन आइडल’ में आने के लिए दिवस नायक ने अपना गांव दुलमा तक छोड़ डाला.

दिवस झारखण्ड में एक कैंटीन में बर्तन मांझने का काम करते थे. दिवस ने अपने हुनर के कारण ‘इंडियन आइडल’ के टॉप 30 में अपनी जगह बनाई थी. हालांकि वे अभी शो का हिस्सा नहीं हैं, क्योंकि उन्हें एविक्ट कर दिया गया है.

इस शो में आने के बाद दिवस अपने राज्य में काफी फेमस हो चुके हैं और यह सब उस समय देखने को मिला जब वे शो छोड़कर वापस झारखंड पहुंचे. झारखंड एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद दिवस का उनके फैंस ने बहुत ही गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया और उनके साथ सेल्फी भी खिंचवाई.

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि ‘इंडियन आइडल’ की जज नेहा कक्कर ने उन्हें 1 लाख रुपए बतौर इनाम दिए और उनसे ये भी कहा कि उन्हें फ्लाइट से सफर करना चाहिए.

‘इंडियन आइडल’ के ऑडिशन के बारे में दिवस को उनके साथ कैंटीन में काम करने वाले उनके एक दोस्त से पता लगा था. दिवस अपने जिले रामगढ़ में अब एक नई हस्ती बन चुके हैं.

वहीं मीडिया से बातचीत के दौरान दिवस ने कहा कि ‘इंडियन आइडल’ की कामयाबी के चलते उन्हें मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में एक अटेंडेंट की नौकरी मिल गई है. दिवस के मां-बाप संगीत के क्षेत्र में उनकी कामयाबी से बहुत खुश हैं.

 

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