जब लता मंगेशकर को साल भर तक दिया जाता रहा धीमा जहर

लता मंगेशकर जब 33 साल कीं थीं तब उन्हें एक दिन सुबह अचानक ही उनके पेट में बहुत तेज दर्द उठा. उनकी हालत इतनी ज्यादा ख़राब हो गयी कि...

Lata Mangeshkar News: लता मंगेशकर को एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में 6 दशक से ज्यादा हो चुके हैं. अपने इतने लम्बे और शानदार करियर में लता मंगेशकर ने 36 भाषाओं में लगभग 27,000 गाने रिकॉर्ड किया हैं. जिस दौर में लता दीदी अपनी कामयाबी के चरम पर थीं, तब एक महिला के लिए कामयाबी के उस शिखर को पा लेना ही बहुत बड़ी बात होती थी. लता जी के जीवन में एक ऐसा हादसा भी हुआ था जब उनकी जान पर बन आयी थी.

इस हादसे के बारे में वरिष्ठ लेखिका पदमा सचदेव ने अपनी किताब ‘ऐसा कहाँ से लाऊं’ में जिक्र किया है. लता मंगेशकर जब 33 साल कीं थीं तब उन्हें एक दिन सुबह अचानक ही उनके पेट में बहुत तेज दर्द उठा. उनकी हालत इतनी ज्यादा ख़राब हो गयी कि वह अपनी जगह से हिल भी नहीं पा रहीं थीं.

कुछ समय बाद लता जी को हरे रंग की उल्टियां होने लगीं और उनका शरीर कांपने लगा. डॉक्टर को तुरंत बुलाया गया. डॉक्टर ने आते ही लता जी को दवाई दी. बाद में पता लगा कि लता जी को धीमा जहर दिया गया था. इस घटना के बाद उनका बावर्ची बिना अपनी तनख्वाह लिए ही भाग गया. इस हादसे से घबरा कर उनकी छोटी बहन ऊषा मंगेशकर ने रसोई कि बागडोर संभाल ली.

बता दें कि इस हादसे के कुछ दिन बाद तक सावधानी बरतने के इरादे से मशहूर गीतकार और शायर मजरूह सुल्तानपुरी रोज उनसे मिलने आते थे. लता जी के लिए बना हुआ खाना पहले वह खुद चखते थे उसके बाद ही लता जी को खाने देते थे. इस हादसे के बाद लता जी कि जान तो बच गयी लेकिन इससे उबरना उनके लिए किसी जंग से काम नहीं था. लता जी को तीन महीने तक आराम करने की सलाह दी गयी थी. ये घटना 1963 की है.

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